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UP: सांसदों-विधायकों के खिलाफ क्रिमिनल केसों की सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट का किया गया गठन

अब सांसदों और विधायकों के आपराधिक केस इसी स्पेशल कोर्ट में चलेंगे।

Danik Bhaskar | Jul 05, 2018, 12:26 PM IST

लखनऊ. यूपी के सांसदों और विधायकों के लंबित पड़े क्रिमिनल केस को निपटाने के लिए स्पेशल कोर्ट का गठन किया गया है। बुधवार देर रात न्याय विभाग ने स्पेशल कोर्ट के लिए शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश के मुताबिक, अब सांसदों और विधायकों के आपराधिक केस इसी स्पेशल कोर्ट में चलेंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट में ही स्पेशल कोर्ट को गठित किया गया है।

- जानकारी के मुताबिक, इस स्पेशल कोर्ट में एक न्यायिक अधिकारी और सात कर्मचारियों की तैनाती होगी। आदेश में लिखा है कि शासन द्वारा कोर्ट के पद धारकों को समय-समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य भत्ते भी देने होंगे।
- स्पेशल कोर्ट बनाने का मकसद है कि सांसदों और विधायकों के आपराधिक मुकदमों का जल्द से जल्द निपटारा किया जा सके। इस कोर्ट का अधिकार क्षेत्र पूरा प्रदेश होगा।

- 143 विधायकों पर दर्ज हैं आपराधिक केस: ADR की रिपोर्ट के मुताबिक 403 विधायकों में से 143 यानी 36 फीसदी पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 107 यानी 26 फीसदी पर हत्या, हत्या की कोशिश या अपहरण जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। हालांकि 2012 के चुनाव में जीतकर आए 47 फीसदी यानी 189 विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं, 24 फीसदी यानी 98 विधायक गंभीर आरोपों का सामना कर रहे थे।

- यूपी के मौजूदा विधानसभा में 143 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। विधानसभा में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह लल्लू और बसपा विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ सबसे ज्यादा 16 केस दर्ज हैं।