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विधानसभा सत्र: विपक्ष गैलरी में देता रहा धरना, सदन में पास हो गया 34 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट

विधानसभा सत्र में बुधवार को अनुपूरक बजट पर चर्चा होनी थी।

Danik Bhaskar | Aug 29, 2018, 05:38 PM IST

लखनऊ. विधानसभा सत्र में बुधवार को अनुपूरक बजट पर चर्चा होनी थी। जिसके लिए मुख्यमंत्री भी सदन में उपस्थित रहे। जैसे ही सदन में मुख्यमंत्री का भाषण शुरू हुआ। वैसे ही विपक्षी दलों ने वाक्आउट कर दिया। समाजवादी पार्टी विधायक गैलरी में बैठे रह गए और सदन में 34833.24 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पास हो गया।

यूपी पहला राज्य है जिसने फसल ऋण माफी को पूरा किया: सीएम योगी ने सदन में अपने भाषण में बताया कि यूपी पहला राज्य है जिसने फसल ऋण माफी को पूरा किया है। आखिरी क़िस्त इस अनुपूरक बजट से दी जाएगी। गन्ना किसानों के भुगतान का पिछली सरकारों ने प्रयास नही किया। हमारी सरकार गन्ना किसानों का भुगतान कर रही है। किसानों को राहत देने के लिए गन्ना भुगतान करने के लिए अनुपूरक बजट में व्यवस्था की गई है। यह अनुपूरक बजट पूरी तरह से किसानो को समर्पित है। गन्ना किसानों का सरकार पर भरोसा बढ़ा है।

विपक्ष पर बोले हमला: सीएम योगी ने कहा कि अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट पेश हुआ है। जनता के सामने उनकी बातें सामने ना आ जाये इसलिए विपक्ष ने वाकआउट किया है। केंद्र ने किसानों के लिए काम किया। किसानो की आय बढ़ाने का काम भारत सरकार ने किया है। जनता को अंधेरे में रखने वाले सदन से भागे हैं, किसानों की मांग को हमने पूरा किया, देश का अन्नदाता है

एनआरसी पर बोले सीएम: उन्होंने कहा कि इस समय देश मे एक मांग तेज़ी से उठी है कि एनआरसी हो, असम सरकार ने इस पर काम किया है। पूर्व में सपा सरकार ने आतंकियों के मुकदमे वापस लेने की कोशिश की थी। मैं कहता हूं कि शरणार्थियों का सम्मान हो लेकिन घुसपैठियों के लिए कोई जगह ना हो। पिछली सरकारों ने आतंकी सामने ना आने पाए इसके लिए बहुत प्रयास किया लेकिन हमारी सरकार ने उस पर काम किया है। पिछली सरकारों ने 15 सालो तक दलितों को पीछे करने का काम किया। हमारी सरकार तमाम स्कीमो के माध्यम दलितों का उत्थान का काम किया है। सभी को शौचालय देने का काम किया गया।

दलितों के उत्पीड़न के मुद्दे पर विपक्ष ने किया वाक्आउट: वहीँ सदन से चर्चा के दौरान विपक्ष ने वाक्आउट कर दिया। विपक्ष का कहना है कि सत्ता पक्ष हमें बोलने नहीं दे रहा है। वहीँ विपक्ष का कहना है कि देश भर में दलितों का उत्पीड़न किया जा रहा है। जिस पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है। इसीलिए हम धरना दे रहे हैं।