उप्र / लखनऊ से सुषमा स्वराज का था गहरा नाता, बिन बुलाए ही अटल जी के प्रचार के लिए पहुंच जाती थीं



Sushma Swaraj attends many programme in lucknow during atal ji
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Sushma Swaraj attends many programme in lucknow during atal ji

  • अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव प्रचार के लिए कई दिनों तक लखनऊ में रहती थीं
  • नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करती थीं सुषमा स्वराज

Dainik Bhaskar

Aug 07, 2019, 01:16 PM IST

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और देश की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का लखनऊ से गहरा संबंध रहा है। उप्र में भाजपा से जुड़े नेता और पार्टी पदाधिकारी बताते हैं कि सुषमा जी का लखनऊ से इतना लगाव था कि वह पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव प्रचार के दौरान न सिर्फ वे लखनऊ आती थीं, बल्कि लगभग हर नुक्कड़ पर सभा भी करती थीं। इस दौरान वह लखनऊ के स्थानीय व्यंजनों का भी भरपूर लुत्फ उठाती थीं।

 

यूं अचानक दुनिया को अलविदा कह सुषमा स्वराज का चले जाना यूपी के भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों के लिए बड़ी सियासी क्षति है। संसद में सुषमा स्वराज से खासा लगाव रखने वाली पूर्व राज्यसभा सांसद कुसुम राय ने सुषमा स्वराज को याद करते हुए कहा, '' महिलाएं तो राजनीति में बहुत आईं और आगे भी आती रहेंगी लेकिन दूसरा सुषमा स्वराज पैदा नहीं हो सकती। संसद में वह हमेशा ही महिलाओं का मार्ग दर्शन करने में आगे रहती थीं और जरूरत पड़ने पर संसद की कार्यवाही की बारिकियों को भी समझाती थीं।''

 

कुसुम राय बताती हैं, " लखनऊ में प्रवास के दौरान अनुरोध करने पर वह दो बार मेरे घर आयीं थीं। पार्टी के लिए मैंने मंत्री का पद छोड़ दिया था। इसके लिए उन्होंने खासतौर पर सराहना की थी और कहा था कि राजनीति में पद छोड़ने की हिम्मत कुछ ही लोग जुटा पाते हैं।  उनके घर आने पर कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि कोई बड़ा नेता आया हो। जिस सहृदयता से वह घुलती मिलती थीं, उसके कायल सभी लोग थे।''

 

उप्र के प्रदेश प्रवक्ता हरीशचंद्र श्रीवास्तव कहते हैं, ''सुषमा जी एक बड़ी लीडर के साथ ही बड़ी सहृदय वाली नेता थीं। उनका कार्यकताओं के साथ जुड़ाव अद्भुत था। कार्यकर्ताओं के साथ जिस सह्यदयता से वह मिलती थीं, उसके कायल सभी लोग थे।''

 

एक वाकया याद करते हुए हरीशचंद्र बताते हैं '' एक बार वर्ष 2006  में हिमाचल विधानसभा चुनाव के दौरान मैं कोआर्डिनेशन का काम देख रहा था। हिमाचल में वह प्रचार के लिए आयीं थीं। इस दौरान जब उनसे मुलाकात हुई तब उन्होंने पानी के बताशे खिलवाए थे और खुद भी खाया था। कार्यकर्ताओं से जुड़ने का कोई भी मौका वह चूकती नहीं थीं।

 

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के पुत्र और सरकर में मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि सुषमा जी को लखनऊ से खासा लगाव हो गया था। वे अटल जी के चुनाव प्रचार के दौरान लखनऊ आया करती थीं। वे ऐसी नेता थीं जो वाजपेयी जी के प्रचार के लिए बिन बुलाए चली आती थीं। 

 

सुषमा स्वराज को करीब से जानने वाले इस नेता का कहना है, 'उनकी शख्सियत की ये खासियत रही है कि वे हर हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता से बेहद सरलता से पेश आती थीं।' आशुतोष टंडन बताते हैं, 'सुषमा स्वराज जब भी लखनऊ आती थीं, वो मेरे पुराने घर जो चौक में था, वहां जरूर रुकती थीं। उन्हें चौक की मक्खन मलाई बेहद पसंद थी। ये स्वाद उनपर ऐसा चढ़ा कि वे यहां आतीं, तो मक्खन मलाई जरूर खाया करती थीं।' 

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