उत्तर प्रदेश / काशी महाकाल एक्सप्रेस वाराणसी से इंदौर के लिए रवाना; 3 ज्याेतिर्लिंगों को जोड़ेगी, यात्रियों पर हुई फूलों की बारिश

यात्रियों पर फूलों की बारिश की गई।
काशी महाकाल एक्सप्रेस की आज से होगी आधिकारिक शुरुआत। काशी महाकाल एक्सप्रेस की आज से होगी आधिकारिक शुरुआत।
महाकाल एक्सप्रेस पर सवार होने पहुंचे यात्री। महाकाल एक्सप्रेस पर सवार होने पहुंचे यात्री।
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काशी महाकाल एक्सप्रेस की आज से होगी आधिकारिक शुरुआत।काशी महाकाल एक्सप्रेस की आज से होगी आधिकारिक शुरुआत।
महाकाल एक्सप्रेस पर सवार होने पहुंचे यात्री।महाकाल एक्सप्रेस पर सवार होने पहुंचे यात्री।

  • यह ट्रेन कैंट रेलवे स्टेशन से दोपहर 2.45 बजे वाराणसी से  रवाना हो गई,  दूसरे दिन सुबह 9.40 बजे इंदौर पहुंचेगी
  • दरअसल इस ट्रेन में एक सीट भगवान शिव के लिए आरक्षित की गई थी और उस सीट पर भगवान शिव की पूजा की गई थी

दैनिक भास्कर

Feb 20, 2020, 04:36 PM IST

वाराणसी. काशी महाकाल एक्सप्रेस आज इंदौर के लिए रवाना हो गई। ट्रेन में घुसने पर पहले यात्रियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। ये ट्रेन वाराणसी से इंदौर के बीच चलेगी, जो तीन ज्योतिर्लिंगों (श्रीओम्कारेश्वर, श्री महाकालेश्वर और काशी विश्वनाथ) को आपस में जोड़ेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को चंदौली के पड़ाव से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया था।

देश की तीसरी कारपोरेट ट्रेन कैंट रेलवे स्टेशन से दोपहर 2.45 बजे इंदौर के लिए रवाना हो गई और दूसरे दिन सुबह 9.40 बजे इंदौर पहुंचाएगी। आईआरसीटीसी ने काशी महाकाल एक्सप्रेस का शुभारंभ महाशिवरात्रि के एक दिन पहले कर उन्हें शिवरात्रि का तोहफा दिया है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस तृतीय श्रेणी वातानुकूलित यह ट्रेन वाराणसी से चलकर सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी, बीना, भोपाल, उज्जैन के रास्ते इंदौर स्टेशन सुबह के 9.30 बजे पहुंचाएगी। पहले यात्रियों को आईआरसीटीसी ने उपहार देने की योजना बनाई है। इस ट्रेन में सीट बुकिंग कराने के साथ ही यात्री टूर पैकेज की बुकिंग भी करा सकते हैं। आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि 70 प्रतिशत सीटें फुल हो गईं।

12 कोच की है महाकाल एक्सप्रेस    
आईआरसीटीसी लखनऊ मंडल के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि 20 फरवरी के दिन महाकाल का कामर्शियल रन शुरू हो गया। इस ट्रेन में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी 12 कोच की महाकाल एक्सप्रेस में सीट उपलब्ध है। 9 कोच, 1 पेंट्रीकार और 2 एसएलआर बोगी है। एक कोच में 72 सीट है। इस तरह से देखा जाए तो 648 सीट है। आने वाले दिनों में तृतीय श्रेणी के 6 और कोच बढ़ाए जाएंगे। कुल 18 कोच लगाकर महाकाल को चलाने की योजना है। 

शुरू होते ही विवादों में आ गई थी यह ट्रेन
दरअसल इस ट्रेन में एक सीट भगवान शिव के लिए आरक्षित की गई थी और उस सीट पर भगवान शिव की पूजा की गई थी। जिसे लेकर एआईएमआईएम के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। बाद में आईआरसीटीसी ने सफाई दी कि कोई भी सीट भगवान शिव के लिए रिजर्व नहीं की गई है, सिर्फ ट्रेन की शुरुआत से पहले रेलवे के कुछ कर्मचारियों ने पूजा अर्चना की थी।

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