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वनकर्मी को बाघ ने मार डाला, 22 घंटे बाद क्षत-विक्षत शव मिला; शव के पास बैठकर एक घंटे तक दहाड़ता रहा

एक वर्ष पहले
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शव के पास बैठा था बाघ। - Dainik Bhaskar
शव के पास बैठा था बाघ।
  • बहराइच जिले का मामला, कतर्नियाघाट वन्यजीव क्षेत्र में गश्त पर निकला था दैनिक श्रमिक वनकर्मी
  • ग्रामीणों ने लगाया हाका तो जंगल की तरफ चला गया बाघ, वनकर्मियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा

बहराइच. जिले में स्थित कतर्नियाघाट वन्यजीव क्षेत्र में गश्त पर निकले दैनिक श्रमिक वनकर्मी पर बाघ ने हमला कर उन्हें अपना निवाला बना लिया। करीब 22 घंटे के बाद गुरुवार सुबह वनकर्मी का क्षत-विक्षत शव भारत-नेपाल सीमा से सटे जंगल के कटियारा बीट चौकी से लगभग 400 मीटर की दूरी पर घने बेंत के जंगल से बरामद किया गया। शव से कुछ दूरी पर बाघ बैठा था। ग्रामीणों के हाका लगाने पर करीब एक घंटे बाद बाघ जंगल की तरफ गया तो वनकर्मी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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सुजौली थाना क्षेत्र के फकीरपुरी गांव निवासी बांधू (65) पुत्र दुखीराम कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत भारत नेपाल सीमा से सटे जंगल के कटियारा बीट पर वन वाचर था। उसकी नियुक्ति दैनिक श्रमिक के तौर पर थी। बुधवार की सुबह नौ बजे वह जंगल में गश्त के लिए निकला था। लेकिन देर शाम तक वह वापस कटियारा चौकी पर नहीं लौटा तो वन कर्मियों ने खोजबीन शुरू की। साथ ही वाचर की गुमशुदगी की सूचना परिजनों व रेंज कार्यालय को दी गई। 


वन क्षेत्राधिकारी पियूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि, बुधवार देर रात तक वन वाचर का कुछ पता नहीं चल सका। हालांकि, खोजबीन जारी रही। गुरुवार सुबह सात बजे वनकर्मियों ने वन वाचर का क्षत-विक्षत शव कटियारा चौकी से लगभग चार सौ मीटर की दूरी पर घने बेंत के जंगल से बरामद किया गया। इस दौरान चौकी के निकट करीब एक घंटे तक बाघ डटा रहा और शव को देख देख कर दहाड़ता रहा। वन कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से एकजुट होकर हाका लगाया, इसके बाद बाघ जंगल की तरफ चला गया।