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कारोबारी के फ्लैट में करोड़ों रुपए होने का पता चलते ही पुलिसवालों ने थाने में ही रची लूट की साजिश, लेकिन मामले में मंत्री जी के आते ही पलट गया खेल

Dainik Bhaskar

Mar 11, 2019, 11:45 AM IST

दीवान और सोफे में ठूंस-ठूंस कर भर रखी थी नोटों की गड्डियां

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लखनऊ. यहां एक कोयला व्यापारी के साथ पुलिस ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। कोयला व्यापारी अंकित के घर में करीब 3 करोड़ रुपए थे, जिसकी जानकारी लुटेरों को लग गई। मुखबिरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो दो पुलिसवालों पवन मिश्रा और आशीष तिवारी ने थाने में बैठकर की कारोबारी को लूटने का प्लान बना लिया और इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी। लेकिन लुटेरी पुलिस का खेल ज्यादा नहीं चला और मंत्री के हस्तक्षेप करते ही बाजी पलट गई।

ये है पूरा मामला
- ओमेक्स रेसीडेंसी में रहने वाले कारोबारी अंकित के घर में करीब 3.85 करोड़ रुपए थे। ये रुपए उन्होंने सोफे, दीवार में ठूंस-ठूंस कर रखे थे। मुखबिर ने फ्लैट में इतनी रकम होने की जानकारी पुलिस को दी तो दो दरोगा ने लूट की योजना बनाई। दो पुलिसवालों और मुखबिर सहित करीब 7 लोग हथियार सहित व्यापारी के घर पहुंचे और छापेमारी के नाम पर रकम लूटन के कोशिश की। दीवान और सोफे से करीब उन्होंने 1 करोड़ 85 लाख रुपए लूट लिए। व्यापारी और उसके कुछ साथियों ने रोकने की कोशिश की तो उनके साथ पुलिसवालों ने मारपीट कर दी। कारोबारी के मंत्री से संबंध थे। उसने जब मंत्री को सारी घटना बताई तो उन्होंने पुलिस को जांच के निर्देश दिए। मंत्री के कहने पर हरकत में आई पुलिस ने ना सिर्फ दोनों पुलिसवालों को गिरफ्तार कर लिया बल्कि उनके पास से 36 लाख रुपए भी जब्त कर लिए। बाकी की रकम और लोगों की तलाश जारी है।

पहले डकैती और फिर कारोबारी को ही फंसाने की कोशिश
- व्यापारी के अनुसार पुलिसवाले और उनके साथ करीब 1 करोड़ 85 करोड़ रुपए लूट कर ले गए। जाते-जाते उन्होंने इनकम टैक्स विभाग को फ्लैर में 1.53 करोड़ रुपए की ब्लैकमनी होने की सूचना भी दे दी। जिसके बाद विभाग ने फ्लैट में पहुंचकर बाकी की रकम जब्त कर ली। विभाग इस रकम की जांच कर रहा है।

थाने में ही बनाई योजना
- बताया जा रहा है कि मुखबिर मुधकर ने गोसाईगंज थाने में जाकर दरोगा पवन और आशीष को रुपयों की बात बताई थी। तीनों ने थाने में बैठकर ही लूट की योजना बनाई। ये भी तय किया कि लूट के बाद कौन कितना पैसा बांटेगा। बावजूद इसके किसी को इस लूट की घटना की भनक तक नहीं लगी।

मंत्री के दखल के बाद हुई कार्रवाई
- पीड़ित कारोबारी अंकित के सरकार के एक मंत्री से अच्छे संबंध हैं। मंत्री को जैसे ही घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ये भी कहा जा रहा है कि फ्लैट में मिला पैसा मंत्री जी का ही है।

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