उप्र / उन्नाव रेप पीड़िता को मिला इंसाफ, इन पीड़ितों के परिजन अभी भी कर रहे हैं इंतजार

Unnao rape case decision : Ex MLA Kuldeep Singh Sengar gets life imprisonment, Other Victims are still waiting
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Unnao rape case decision : Ex MLA Kuldeep Singh Sengar gets life imprisonment, Other Victims are still waiting

  • उत्तरप्रदेश में दुष्कर्म के 4 सबसे चर्चित वह मामले, जिनकी वजह से कानून व्यवस्था पर सवाल उठे
  • गुरुवार को तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव रेप कांड के आरोपी विधायक सेंगर को सुनाई उम्रकैद की सजा

Dainik Bhaskar

Dec 20, 2019, 05:21 PM IST

लखनऊ. गुरुवार को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़ित के आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को उम्रकैद और 25 लाख जुर्माने की सजा सुनाई। सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद उन्नाव रेप पीड़ित को तो तेजी से न्याय मिल गया, लेकिन उत्तरप्रदेश में दुष्कर्म के 4 बड़े ऐसे मामले और हैं, जिसमें पीड़ित पक्ष को अब भी इंसाफ का इंतजार है। यह वह मामले हैं, जिनके खुलासे के बाद प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे।

बदायूं काण्ड 27 मई 2014 
यह थी घटना

27 मई की रात बदायूं के कटरा सआदतगंज गांव में 14 और 15 साल की दो चचेरी बहनों के शव आम के पेड़ से लटके मिले थे। शाम करीब सात बजे दोनों बहनें घर से खेतों की ओर निकलीं थी। घर पर वापस नहीं आने पर घरवाले रात 11 बजे पुलिस चौकी पहुंच कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद रात तीन बजे पुलिसवालों ने उन्हें बताया कि उनकी बेटियों के शव बाग में फंदे पर लटक रहे हैं।

केस की ताजा स्थिति
मामले में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसे स्थानीय कोर्ट ने 2015 में खारिज कर दिया था और मुख्य आरोपी को तलब किया था। पीड़ित परिवार के वकील ज्ञान सिंह बताते हैं कि उसको लेकर हमने इलाहबाद हाईकोर्ट में रिट पिटीशन डाली है कि कोर्ट को सभी अभियुक्तों को तलब करना चाहिए। अब स्थानीय कोर्ट का कहना है कि जब हाईकोर्ट फैसला देगा तब यहां भी आगे कार्यवाही बढ़ेगी। फिलहाल सभी 6 आरोपी अभी जमानत पर बाहर हैं।

आरोपियों को सुरक्षा, पीड़ित परिवार की हटाई
पीड़ित के पिता का कहना है कि केस के चक्कर में बेटे की नौकरी छूट गई। अब वही घर पर रहकर केस की पैरवी करता है। मुआवजे के जो रुपए मिले थे, वह सब केस में और घर चलने में खर्च हो गए। जब तक सीबीआई जांच चली तब तक हम लोगों को कहीं आने जाने नहीं दिया गया, जिससे कमाने के साधन बंद हो गए थे। कब सांस थम जाए पता नहीं। पहले बिटिया को इंसाफ मिल जाए, यही चाहता हूं। उन्होंने बताया कि हमारे घर पर लगी सुरक्षा को भी वापस ले लिया गया है, जबकि आरोपियों को सुरक्षा दी गई है। 

शशि हत्याकांड 22 अक्टूबर 2007 
22 अक्टूबर 2007 को जब शशि के अपहरण और हत्या का मामला सामने आया तब आरोपी आनंद सेन बसपा सरकार में मंत्री थे। इस घटना में उनके करीबी ड्राइवर और उनकी सहयोगी महिला के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। जल्द ही केस की परते खुली तो मंत्री का नाम भी केस में शामिल किया गया। खुलासे के बाद उनका मंत्री पद भी चला गया था। 14 जून 2008 को आनंदसेन ने लखनऊ में सरेंडर कर दिया था। इस मामले में शशि की लाश बरामद नहीं हो सकी थी।

केस की ताजा स्थिति
जिला न्यायलय से आनंदसेन और उनके सहयोगियों को उम्रकैद की सजा मिली थी, लेकिन 2013 में हाईकोर्ट ने उन्हें साक्ष्यों के आभाव में आरोपों से बड़ी कर दिया था। शशि के पिता के मुताबिक केस अब सुप्रीम कोर्ट में गया है। जहाँ उनकी एप्लिकेशन को एडमिट कर लिया गया है, लेकिन कब सुनवाई शुरू होगी यह नहीं पता है।

अब तो रिश्तेदार भी आंखें दिखाने लगे हैं
शशि के पिता कहते हैं कि इतनी लम्बी लड़ाई से अच्छा है कि घर बैठ जाऊं। लेकिन, बेटी को न्याय दिलाना है। अब तो शरीर भी साथ नहीं देता है। बीमारियों से जकड़ गया हूं, जो कुछ थोड़ा बहुत नौकरी से बचा कर रखा था, अब वह भी खर्च हो चुका है। कई बार मन में आया कि कहीं और बस जाऊं, लेकिन घर नहीं छोड़ पाता। अब तो कमजोर हो गया और रिश्तेदार भी अब आंखे दिखाते हैं। 

बुलंदशहर हाइवे गैंगरेप केस 29 जुलाई 2016 
29 जुलाई 2016 की रात कोतवाली देहात क्षेत्र में नेशनल हाइवे-91 पर नोएडा के परिवार से दरिंदगी की घटना हुई थी। नोएडा से शाहजहांपुर जाते वक्त कार सवार परिवार को कुछ बदमाशों ने नेशनल हाईवे-91 पर गांव दोस्तपुर के समीप कार में एक्सल मारकर रुकवाने के बाद बंधक बना लिया था। आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने कार सवार परिवार को खेत में ले जाकर बंधक बना लिया और वहां मां-बेटी से गैंगरेप किया था। परिवार से लूटपाट भी की गई थी। इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया। मामला बढ़ने पर इस केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।

केस की ताजा स्थिति
सीबीआई ने मामले में 5 नवंबर 2016 को तीन आरोपीयों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले में अक्टूबर 2017 में उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब गुरुग्राम में डकैती के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी नरेश उर्फ संदीप, सुनील उर्फ सागर एवं धर्मवीर निवासीगण फर्रुखाबाद ने बुलंदशहर में हाईवे गैंगरेप की घटना में अपनी संलिप्तता कबूल की। इसके बाद सीबीआई ने जांच के दायरे में गुरुग्राम में पकड़े गए तीनों आरोपियों को भी शामिल कर लिया। 15 दिसंबर 2019 को गैंगरेप के एक आरोपी सलीम की बीमारी के चलते मौत हो गई। मामला अभी बुलंदशहर न्यायालय में चल रहा है।

शाहजहांपुर यौन उत्पीड़न मामला  24 अगस्त 2019 
24 अगस्त 2019 को पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद के लॉ कालेज की छात्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल करके चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाया। 6 सितम्बर को सुप्रीम कोर्ट ने घटना का संज्ञान लेकर एसआईटी को जांच सौंपी थी। 20 सितम्बर को एसआईटी ने जांच के दौरान चिन्मयानंद पर लगे आरोपों को सही पाए जाने पर चिन्मयानंद को गिरफ्तारी कर लिया था। लेकिन, तभी कुछ वीडियो और फोटो वायरल हुए थे। उसके बाद चिन्मयानंद के वकील ने छात्रा और उसके तीन दोस्तों पर पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था। 25 सितम्बर को एसआईटी ने पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में छात्रा को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। छात्रा को जमानत मिल चुकी है।

केस की ताजा स्थिति
एसआईटी ने इस घटना मे चार्जशीट हाईकोर्ट मे दाखिल कर दी थी, जिसके बाद लगातार कोर्ट मे बहस हो रही है। हालांकि, हाईकोर्ट ने छात्रा को जमानत दे दी है। छात्रा जेल से बाहर आ चुकी है। वही चिन्मयानंद की जमानत पर हाईकोर्ट मे सुनवाई हो चुकी है। कोर्ट मे फैसला सुरक्षित रख लिया है।

कुछ समझ नहीं आ रहा क्या करें 
पीड़ित के पिता कहते हैं कि अभी तो बेटी जेल से छूटी है। अब आगे क्या करना है समझ नहीं आ रहा है। ये विडंबना ही है कि जिसका उत्पीड़न हुआ वही जेल में पहुंच गई। हम जिनसे लड़ रहे हैं वह बहुत ताकतवर है। पता नहीं कब सजा मिलेगी।

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