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उन्नाव दुष्कर्म / पीड़ित का शव घर पहुंचा; अंतिम संस्कार से पहले मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़ा परिवार; बहन ने मांगी सरकारी नौकरी

शनिवार रात को पीड़ित का शव दिल्ली से उसके घर लाया गया। शनिवार रात को पीड़ित का शव दिल्ली से उसके घर लाया गया।
पुलिस सुरक्षा में पीड़ित का शव दिल्ली से उसके घर पहुंचाया गया। पुलिस सुरक्षा में पीड़ित का शव दिल्ली से उसके घर पहुंचाया गया।
प्रशासन के अधिकारियों ने रात को ही पीड़ित का अंतिम संस्कार करने की सलाह दी। प्रशासन के अधिकारियों ने रात को ही पीड़ित का अंतिम संस्कार करने की सलाह दी।
पीड़ित के भाई ने अपनी मां और दादी को संभाला। पीड़ित के भाई ने अपनी मां और दादी को संभाला।
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शनिवार रात को पीड़ित का शव दिल्ली से उसके घर लाया गया।शनिवार रात को पीड़ित का शव दिल्ली से उसके घर लाया गया।
पुलिस सुरक्षा में पीड़ित का शव दिल्ली से उसके घर पहुंचाया गया।पुलिस सुरक्षा में पीड़ित का शव दिल्ली से उसके घर पहुंचाया गया।
प्रशासन के अधिकारियों ने रात को ही पीड़ित का अंतिम संस्कार करने की सलाह दी।प्रशासन के अधिकारियों ने रात को ही पीड़ित का अंतिम संस्कार करने की सलाह दी।
पीड़ित के भाई ने अपनी मां और दादी को संभाला।पीड़ित के भाई ने अपनी मां और दादी को संभाला।

  • 90% झुलसने के बाद पीड़ित ने शुक्रवार रात 11.40 बजे दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया था, उसे कार्डियक अरेस्ट भी हुआ
  • 3 दिसंबर को जमानत पर छूटे आरोपियों ने गुरुवार तड़के उसे जला दिया था

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2019, 10:01 AM IST

नई दिल्ली/लखनऊ. उन्नाव दुष्कर्म पीड़ित का शव शनिवार देर शाम पुलिस सुरक्षा में दिल्ली से उसके घर पहुंचा। पुलिस और प्रशासन ने रात में ही अंतिम संस्कार करने की बात कही, पर परिवार ने रविवार सुबह तक अंतिम संस्कार नहीं किया था। अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी हो चुकी हैं। उसके शव को दफनाया जाएगा। पीड़ित की एक बहन पुणे से आ रही है, उसका भी इंतजार किया जा रहा है। पीड़ित की बहन कहना है कि जब तक सीएम योगी आदित्यनाथ हमसे मिलने नही आएंगे तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पीड़ित की बहन ने सरकार से अपने लिए नौकरी की मांग की है।

पीड़ित का शव पहुंचने के बाद आसपास के गांवों के लोग भी श्रद्धांजलि देने उसके घर पहुंचे। यहां करीब 200 पुलिसकर्मी तैनात हैं। 90% झुलसी पीड़ित ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में शुक्रवार रात 11.40 बजे कार्डियक अरेस्ट के बाद दम तोड़ दिया था। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पीड़ित के शरीर में जहर या दम घुटने के संकेत नहीं मिले। गंभीर रूप से जलने से उसकी मौत हुई। वहीं, आरोपियों के घरों में सन्नाटा है। यहां केवल महिलाएं ही नजर आईं। उनकी मांग है कि इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।

पिता ने कहा- क्या 25 लाख में मेरी बेटी वापस आ जाएगी?

शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने पीड़ित परिवार को 25 लाख का चेक सौंपा। पीड़ित के पिता ने कहा- क्या 25 लाख में मेरी बेटी वापस आ जाएगी। हालांकि लोगों के समझाने पर परिवार ने चेक ले लिया। मौके पर मौजूद सपा नेताओं ने 50 लाख रुपए देने की मांग की, तो स्वामी ने जवाब दिया कि सपा ने बदायूं गैंगरेप में पीड़िताओं को कोई मदद नहीं दी थी। उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि यह केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा।

जमानत पर छूटे आरोपियों ने गुरुवार को जला दिया था

जमानत पर छूटे दुष्कर्म के आरोपियों ने पीड़ित को गुरुवार तड़के जला दिया था। जलते शरीर के साथ ही एक किमी तक भागकर उसने लोगों की मदद से पुलिस को आपबीती बताई थी। गुरुवार देर शाम उसे एयरलिफ्ट कर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था। डॉ. गुप्ता ने बताया, ‘‘अस्पताल पहुंचने के बाद पीड़ित पूछ रही थी कि वह बच तो पाएगी? वह जीना चाहती थी। उसने अपने भाई से कहा था कि उसके गुनहगार बचने नहीं चाहिए।’’ पांचों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए थे। इनमें से दो वही हैं, जिन्होंने उसके साथ दुष्कर्म किया था। 

पीड़ित की हालत देख रो पड़ी थी बहन
पीड़ित की बड़ी बहन अपनी मां के साथ शुक्रवार को लखनऊ से सफदरजंग अस्पताल पहुंची थी। उसने दैनिक भास्कर को बताया कि पीड़ित की तबीयत ठीक नहीं है। दवाएं चल रही हैं। वह कुछ बोल भी नहीं पा रही है। किसी से बात नहीं कर रही। इतना कहकर बहन भावुक हो गई और रोने लगी। 

भाई से वादा लिया था- गुनहगारों को मत छोड़ना
जब पीड़ित सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट की गई थी तो वह होश में थी। दर्द से कराहते हुए उसने अपने भाई से कहा- मैं मरना नहीं चाहती। पीड़ित ने अपने भाई से वादा भी लिया कि उसके गुनहगारों को मत छोड़ना। हालांकि, उसके बाद वह कुछ बोल नहीं पाई।

प्रत्यक्षदर्शी ने कहा था कि पीड़ित को देखकर डर गया था

पीड़ित को जलाने के बाद आरोपी मौके से भाग गए। इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी रविन्द्र ने बताया था कि वह दूर से दौड़ती आ रही थी। वह चीख रही थी- बचाओ-बचाओ। मैंने पूछा भी कि तुम कौन हो? उसके पूरे शरीर में आग लगी हुई थी। यह देखकर मैं डर गया। मुझे लगा कि कोई भूत है। मैं घर से डंडा और कुल्हाड़ी लेकर उसके सामने गया। फिर उसने अपने पिता का नाम बताया। फिर पुलिस हेल्पलाइन डायल कर पीड़ित के बारे में बताया। पीड़ित ने पुलिस को पूरी बात बताई, फिर पुलिस उसे लेकर गई।

यह है मामला
गैंगरेप पीड़ित लड़की को उसी के गांव के आरोपी शिवम ने शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया। दुष्कर्म के वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। परेशान होकर लड़की अपनी बुआ के घर रायबरेली चली गई। शिवम ने यहां भी 12 दिसंबर 2018 को अपने साथी शुभम के साथ रेप किया। रायबरेली कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 5 मार्च, 2019 को केस दर्ज किया। बाद में शिवम ने कोर्ट में सरेंडर किया। जबकि शुभम फरार रहा। 30 नवंबर को शिवम जमानत पर रिहा होकर आया। 5 दिसंबर को रायबरेली कोर्ट में सुनवाई के लिए जा रही पीड़ित को जला दिया गया। पुलिस ने शिवम, उसके पिता रामकिशोर, शुभम, हरिशंकर और उमेश बाजपेयी को गिरफ्तार किया।

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