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​यूपी के 12 जेलों में खुलेगी गौशाला, सरकार ने कारागार विभाग को जारी किए 2 करोड़ रुपए

सरकार ने गौसेवा आयोग के मानक के अनुरूप जुलाई 2017 में कारागार विभाग से रिपोर्ट मांगी थी।

Danik Bhaskar | Jul 04, 2018, 07:09 PM IST
लखनऊ. यूपी की जेलों में गौशाला खोलने की योजना के लिए सरकार ने बुधवार को 2 करोड़ रुपय का फंड जारी कर दिया है। सरकार ने गौसेवा आयोग के मानक के अनुरूप जुलाई 2017 में कारागार विभाग से गौशाला खोलने के लिए जेलों के चयन की रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार ने प्रदेश के 12 जिला जेलों को 2 करोड़ रुपए का फंड जारी कर दिया है।


इन जेलों में खोली जाएंगी गौशाला
- मेरठ, गोरखपुर, सुल्तानपुर, कानपुर देहात, बलरामपुर, गौमतबुद्ध नगर, फिरोजाबाद, कन्नौज, आगरा, बाराबंकी, सीतापुर और रायबरेली के जेलों में गौशाला खोली जाएंगी। यहां गौशाला निर्माण के लिए सीएनडीएस (यूपी जल निगम) , यूपी प्रोजक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड और पुलिस आवास निगम को सौंपी गई है।

- कारागार डीजी चंद्र प्रकाश ने बताया, 'यूपी में चार जेलों में पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह योजना लागू की गई थी। इन चार जेलों को शामिल करते हुए 12 जेल में गौशाला खोलने की योजना के लिए सरकार ने कारागार विभाग को फंड जारी कर दिया है। शुरुआत में एक जेल की गौशाला में 28 गायों को रखा जाएगा उसके बाद इसकी संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।

कैदियों की सोच में होगा बदलाव: उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव गुप्ता (रिटायर्ट आईएएस) ने गौशाला खोलने का प्रस्ताव तैयार किया था। उनके अनुसार, गायों की सेवा करने से कैदियों की सोच में परिवर्तन होगा इसके साथ ही साथ कैदियों को दूध और जैविक खेती से मिले अनाज और सब्जियां भी खाने को मिलेंगी और दुग्ध व्यवसाय को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।

क्यों लिया गया निर्णय: बताया जा रहा है प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई को बाद गौवंश घुमने लगे थे जिस कारण सड़क हादसे के साथ-साथ किसानों की फसल बर्बाद होने की शिकायत मिल रही थी। ऐसे में सरकार ने गौवंश के संरक्षण के साथ उनको उपयोगी भी बनाने के लिए योजना तैयार की थी। इससे पहले यूपी नगर विकास विभाग द्वारा आवारा पशुओं के संरक्षण काम किया जाता रहा है।