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पूर्व सीएम अखिलेश के बंगले में तोड़फोड़ की यूपी सरकार करें विधि अनुसार कार्यवाही : राज्यपाल राम नाईक

राज्यपाल ने सीएम योगी को पत्र लिखकर कहा है कि,तोड़फोड़ तथा उसे क्षतिग्रस्त किये जाने की जांच कराई जाए।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jun 13, 2018, 12:03 AM IST

पूर्व सीएम अखिलेश के बंगले में तोड़फोड़ की यूपी सरकार करें विधि अनुसार कार्यवाही : राज्यपाल राम नाईक

लखनऊ. पूर्व सीएम अखिलेश यादव के 4 विक्रमादित्य मकान में तोड़ने के मामले में मुश्कलें बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को राज्यपाल राम नाईक ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को 4 विक्रमादित्य मार्ग पर आवंटित आवास को खाली किये जाने से पूर्व उसमें की गई तोड़फोड़ तथा उसे क्षतिग्रस्त किये जाने की जांच कराई जाए।


राज्यपाल ने लिखा मीडिया में मामला चर्चा का विषय हुआ है बना
-सीएम योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में राज्यपाल ने लिखा कि, मामला मीडिया तथा जनमानस में चर्चा का विषय बना हुआ है।
-यह एक नितान्त अनुचित व गम्भीर मामला है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित किये गये शासकीय आवास राज्य सम्पत्ति के कोटे में आते हैं, जिनका निर्माण व रख-रखाव सामान्य नागरिकों द्वारा दिये जाने वाले विभिन्न प्रकार के करों से होता है।
-उन्होंने कहा कि राज्य सम्पत्ति को क्षति पहुंचाये जाने के विरूद्ध राज्य सरकार द्वारा विधि अनुसार समुचित कार्यवाही की जाये।

सम्पत्ति विभाग के अधिकारियों से ली जानकारी
-राज्यपाल ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के उपरान्त उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को राज्य सरकार द्वारा आवंटित आवासों को रिक्त किये जाने के प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेते हुए आज राज्य सम्पत्ति विभाग के अधिकारियों को बुलाकर जानकारी ली।
-अधिकारियों ने बताया कि सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवासों की वीडियोग्राफी कराई गई है तथा 4 विक्रमादित्य मार्ग स्थित सरकारी आवास में तोड़फोड़ होने की बात भी सामने आई है।

सभी बंगलों की जांच का फैसला
-सोनवार को राज्यसंपत्ति अधिकारी ने योगेश शुक्ला ने बताया था कि, पूर्व सीएम अखिलेश यादव को आवंटित सरकारी बंगले में जमकर तोड़फोड़ को देखते हुए सभी बंगलों की जांच का फैसला लिया गया है। इनमें मुलायम सिंहयादव, कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और मायावती के बंगले हैं।
- इन सभी ने आवास खाली करने के बाद चाबी राज्य संपत्ति विभाग को सौंप दी है. जबकि, पूर्व सीएम नारायण दत्त तिवारी का सरकारी आवास अभी खाली नहीं हुआ है। नारायण दत्त तिवारी की पत्नी ने एक साल का समय मांगा हैं।

खर्च हुए रूपए और सामान के रिकॉर्ड से होगा मिलान
-राज्य संपत्ति अधिकारी योगेश शुक्ला ने बताया कि खाली किये गए सभी बंगलों का रिकॉर्ड से मिलान कराया जाएगा।
-सभी निर्माण व सामान आदि का ब्योरा विभाग के पास मौजूद है, उन्होंने बताया कि अगर यह तथ्य जानकारी में आया कि जानबूझ कर तोड़फोड़ की गई है या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है तो संबंधित आवंटी को नोटिस इश्यू की जाएगी और रिकवरी की कार्रवाई भी होगी।
-बता दें कि, यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने चार विक्रमादित्य मार्ग स्थित अपने सरकारी बंगले की साज सज्‍जा पर 42 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
-वहीं बंगला खाली करने के बाद जब राज्यसंपत्ति के विभाग ने देखा तो बंगले में तोड़फोड़ और सामान गायब मिले।
-सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन्होंने यह बंगला दो जून को खाली कर दिया था। यह मामला सामने आने के बाद अब राज्य संपत्ति विभाग ने इन बंगलों के सामान की सूची बनानी शुरू कर दी है। इनका रिकार्ड से मिलान कराया जाएगा।


अखिलेश बोले 'जो सामान हमारा था, हम वही ले गए'
-पूर्व सीएम आवास से सामान निकाल ले जाने की चर्चाओं पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बीते रविवार को मैनपुरी में जवाब दिया. कहा, जो सामान हमारा था हम वही ले गए।
-भाजपाई ये अफवाह फैलाकर हमें बदनाम करना चाहते हैं, चुनाव तक अभी और भी भ्रम फैलाएंगे।
- रविवार को गांव जौराई में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे अखिलेश ने आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज भी मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पांच कालीदास मार्ग में हमारी खरीदी जाली, झूमर, पेड़ व बनवाए मंदिर हैं।
-सीएम योगी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि योगी जहां चुनाव प्रचार करने जाते हैं, वहां भाजपा के पक्ष में परिणाम नहीं आते. कैराना में भी यही हुआ।


आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला तेज
-इस बीच अखिलेश के चार विक्रमादित्य मार्ग स्थित सरकारी बंगले में तोड़फोड़ को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
-परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि बंगले में तोड़फोड़ नहीं करनी चाहिए थी. यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है, इसकी जांच होनी चाहिए।
-वहीं सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि अपनी सरकार की बदनामी से ध्यान बंटाने के लिए भाजपा सरकार ने साजिशन यह रणनीति बनाई।
-विधान परिषद सदस्य सुनील साजन ने कहा कि सरकारी बंगले की चाबी राज्य संपत्ति विभाग को सौंपने केबाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बंगले के अंदर तोड़फोड़ हुई.
-ऐसा अखिलेश यादव की छवि को धूमिल करने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उपचुनावों में एक के बाद एक हार से बाद से मुख्यमंत्री निराश हैं और हताशा में इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं।


सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद खाली हुए थे बंगले
-बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्यसंपत्ति के दिए 15 दिन के समय में अखिलेश यादव ने यह बंगला दो जून को खाली कर दिया था।
-बंगले में तोड़फोड़ के बाद जब मामला सामने आने के बाद अब राज्य संपत्ति विभाग ने इन बंगलों के सामान की सूची बनानी शुरू कर दी है। इनका रिकार्ड से मिलान कराया जाएगा।
-किसी भी किस्म की गड़बड़ी मिलने पर आवंटियों को नोटिस जारी किया जाएगा। इनमें मुलायम सिंह यादव, कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और मायावती के बंगले हैं।
-इन सभी ने आवास खाली करने के बाद चाबी राज्य संपत्ति विभाग को सौंप दी है। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का सरकारी आवास अभी खाली नहीं हुआ है।

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