उप्र / बरेली यूनिवर्सिटी में पढ़ाया जाएगा तीन तलाक कानून, एलएलबी-एलएलएम में होगा शामिल



प्रतीकात्मक। प्रतीकात्मक।
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  • महात्मा गांधी ज्योतिबा फुले रूहेलखंड प्रदेश की पहली यूनिवर्सिटी, जहां तीन तलाक कानून को शामिल किया गया

Dainik Bhaskar

Sep 18, 2019, 05:45 PM IST

बरेली. महात्मा गांधी ज्योतिबा फुले रूहेलखंड यूनिवर्सिटी (बरेली यूनिवर्सिटी) में अब कानून के विद्यार्थियों को तीन तलाक कानून (मुस्लिम विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम-2019) पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ाया जाएगा। यह उत्तर प्रदेश की पहली यूनिवर्सिटी है, जहां तीन तलाक कानून को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा रहा है। इसे एलएलबी और एलएलएम में फैमिली लॉ के अंतर्गत पढ़ाया जाएगा।  

 

यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट के प्रमुख अमित सिंह ने बताया कि एलएलबी/एलएलएम के पाठ्यक्रम में संशोधन के लिए विधि की बोर्ड ऑफ स्टडीज के सामने प्रस्ताव रखा गया था। इसे स्वीकार कर लिया गया। दो महत्वपूर्ण संशोधन हुए है। पहला, मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम (तीन तलाक कानून) व दूसरा भू-राजस्व संहिता को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने को मंजूरी मिली। 


उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश जमींदारी अधिनियम को वर्ष 2016 में सरकार ने निरस्त कर दिया। इसके बावजूद विवि में पिछले तीन वर्षों से कानून के विद्यार्थियों को यही पढ़ाया जा रहा था। अब इसके स्थान पर भू-राजस्व संहिता को कोर्स में शामिल किया। सिंह ने यह भी बताया कि यूनिवर्सिटी का एक छात्र तीन तलाक में डॉक्टरेट कर रहा है।

 

जुलाई अंतिम सप्ताह में सदन से पास हुआ कानून
मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019 यानि तीन तलाक बिल जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा से पारित किया गया। संसद से पारित होने के बाद को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 31 जुलाई 2019 को मंजूरी दे दी। 

 

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