बुलंदशहर हिंसा / शहीद इंस्पेक्टर सुबोध की पत्नी रजनी ने कहा- पति की हत्यारों का फूल मालाओं से स्वागत, रद्द हो जमानत

शहीद इंस्पेक्टर सुबोध की पत्नी रजनी सिंह। शहीद इंस्पेक्टर सुबोध की पत्नी रजनी सिंह।
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शहीद इंस्पेक्टर सुबोध की पत्नी रजनी सिंह।शहीद इंस्पेक्टर सुबोध की पत्नी रजनी सिंह।

  • बीते शनिवार को बुलंदशहर हिंसा के छह आरोपियों को किया गया जमानत पर रिहा
  • जेल से बाहर आने पर हिंदूवादी संगठनों ने किया जोरदार स्वागत

दैनिक भास्कर

Aug 26, 2019, 05:34 PM IST

लखनऊ. बुलंदशहर हिंसा के आरोपियों को जमानत मिलने पर शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी रजनी सिंह ने कहा कि, छह आरोपियों को जमानत मिली है। इस फैसले ने मुझे दुखी किया है। यह निर्णय किस आधार पर दिया गया? मुझे नहीं मालूम। लेकिन मैं सीएम से मांग करती हूं कि, आरोपियों की जमानत रद्द की जाए। 

 

रजनी सिंह ने कहा कि, मैं खुद इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करूंगी। उन्होंने रिहाई पर आरोपियों की फूल मालाओं से हुए स्वागत को गलत बताया। कहा कि, मेरे पति देश की सेवा करते हुए शहीद हुए हैं। जबकि गुनहगारों का स्वागत किया जा रहा है। 

 

डिप्टी सीएम बोले- भाजपा से कोई लेना देना नहीं
आरोपियों का फूल मालाओं से स्वागत करने पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि, राई को पहाड़ बनाने की कोशिश नहीं करना चाहिए। विपक्षी दल यही काम कर रहे हैं। यदि जेल से रिहा किए गए आरोपियों का किसी ने उनका स्वागत किया है तो तो सरकार और भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है। विपक्ष को इस बात बेवजह सियासत नहीं करना चाहिए। 


यह है पूरा मामला
दिसंबर 2018 में चिंगरावठी में भड़की हिंसा के मामले में भाजपा युवा मोर्चा स्याना के पूर्व नगर अध्यक्ष शिखर अग्रवाल, उपेंद्र सिंह राघव, जीतू फौजी, सौरभ, रोहित राघव व हेमू को शनिवार को जेल से रिहा कर दिया गया। इन आरोपियों पर बलवा, राजद्रोह और हत्या का आरोप है। इन आरोपियों का जेल से बाहर आने पर फूल मालाओं से स्वागत किया गया था। भारत माता की जय और वंदेमातरम् के नारे लगाए गए थे।


इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को गोली मारी गई थी
पिछले साल 3 दिसंबर को स्याना कोतवाली इलाके के चिंगरावठी में गोकशी की शंका पर हिंसा हो गई थी। हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह व ग्रामीण युवक सुमित कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज समेत 22 लोगों पर नामजद मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस ने हिंसा के 28 दिन बाद इंस्पेक्टर की हत्या के मुख्य आरोपी राजीव उर्फ कलुवा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 44 आरोपियों को जेल भेजा गया था। 38 अभी जेल में हैं।  

 

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