उन्नाव दुष्कर्म केस / अदालत ने विधायक कुलदीप सेंगर पर पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में आरोप तय



विधायक कुलदीप सिंह सेंगर। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर।
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विधायक कुलदीप सिंह सेंगर।विधायक कुलदीप सिंह सेंगर।

  • 2018 में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था
  • जज ने कहा- पीड़िता के पिता की मौत के पीछे क्या कोई मंशा थी? यह सब जांच का विषय है

Dainik Bhaskar

Aug 13, 2019, 10:16 PM IST

नई दिल्ली. उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में कथित हत्या मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने मंगलवार को विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई अतुल सेंगर, उत्तर प्रदेश पुलिस के तीन कर्मियों और पांच अन्य लोगों पर आरोप तय किए। 9 अप्रैल 2018 को उन्नाव में पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत हो गई थी। परिजनों ने उनकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया था।

 

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) धर्मेश शर्मा ने कहा- पीड़िता के पिता को कथित रूप से गलत तरीके से फंसाया गया था। उन्हें हिरासत में भेज दिया गया था। जहां उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके पीछे क्या कोई मंशा थी? यह सब जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी साजिश थी, जो पीड़िता के पिता को पैरवी करने से रोकने के लिए की गई थी।

 

विधायक पर कोर्ट ने तय किया था दुष्कर्म का आरोप
9 अगस्त को तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि सेंगर के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, जिससे तय होता है कि उन्होंने दुष्कर्म किया था। कोर्ट ने विधायक सेंगर पर आईपीसी की धारा 120 बी, 363, 366, 109, 376 (आई) और पॉक्सो एक्ट तीन और चार के तहत आरोप तय किए हैं। विधायक इन दिनों तिहाड़ जेल में बंद हैं। 

 

सीबीआई ने पूर्व में भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई अतुल सिंह सेंगर और माखी थाने के तत्कालीन प्रभारी अशोक सिंह भदौरिया, दरोगा कामता प्रसाद सिंह, सिपाही आमिर खान समेत चार अन्य लोगों को आरोपी बनाया था। अब सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के झूठे मामले में फंसाने के मामले में नए सिरे से केस चलेगा और सीबीआई के चार्जशीट के मुताबिक गवाहियां होंगी।


28 जुलाई को घायल हुई थी पीड़िता
दो साल पहले उन्नाव के माखी गांव की रहने वाली युवती ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर व उनके भाईयों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। बीते 28 जुलाई को पीड़िता अपने चाचा से मिलने रायबरेली जेल रही थी। लेकिन रास्ते में उसकी कार को गलत दिशा से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में पीड़िता व उनका वकील गंभीर रूप से घायल हुआ था। जबकि उसकी चाची व मौसी की मौत हो गई थी। बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पीड़िता राजधानी के ट्रामा सेंटर से दिल्ली एम्स एयरलिफ्ट किया गया। अगले दिन पीड़िता के वकील को भी एम्स पहुंचाया गया। दोनों की हालत अभी नाजुक है। 

 

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