उत्तरप्रदेश / मायावती के करीबी पूर्व आईएएस नेतराम की 225 करोड़ की बेनामी संपत्ति होगी जब्त



पूर्व आईएएस नेतराम। पूर्व आईएएस नेतराम।
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पूर्व आईएएस नेतराम।पूर्व आईएएस नेतराम।

  • बीते मंगलवार को इनकम टैक्स ने नेतराम के लखनऊ स्थित घर समेत 12 ठिकानों पर मारे थे छापे
  • छापेमारी में 225 करोड़ की संपत्तियों के अलावा 30 मुखौटा कंपनियों का हुआ था खुलासा

Dainik Bhaskar

Mar 19, 2019, 06:02 PM IST

लखनऊ. बीते दिनों इनकम टैक्स की छापेमारी में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के प्रमुख सचिव रहे आईएएस अफसर नेतराम के घर से 225 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों के दस्तावेज, दो करोड़ रुपए से अधिक कैश, बेनामी लग्जरी कारें मिली थीं। इस कार्रवाई में नेतराम की 30 मुखौटा कंपनियों का भी राजफाश हुआ था। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार आयकर विभाग नेतराम से जुड़ी लगभग 20 संपत्तियां अटैच कर सकता है। ये संपत्तियां दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और नोएडा में स्थित हैं। विभाग इन संपत्तियों को आइटी अधिनियम की धारा 132 (9) के तहत अटैच करेगा।

 

सप्ताह भर पहले हुई थी छापेमारी
मायावती सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रहे रिटायर्ड 1979 बैच के आईएएस अधिकारी नेतराम के नोएडा, कोलकाता व लखनऊ समेत 12 ठिकानों पर आयकर विभाग ने बीते मंगलवार को छापेमारी की थी। छापे में उनके यहां दो करोड़ रुपए कैश, 50 लाख रुपए मूल्य के पेन, चार आलीशान कारें और 225 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए गए थे। नेतराम और उनके सहयोगियों ने नोटबंदी के बाद और उससे पहले कोलकाता की मुखौटा कंपनियों के नाम पर 95 करोड़ रुपए की फर्जी प्रविष्टियां दिखाई हैं। विभाग के सूत्रों की मानें तो मुंबई, कोलकाता और दिल्ली में खरीदी गई इन संपत्तियों को अब अटैच किया जा रहा है। ये संपत्तियां बेनामी हैं। 

 

30 मुखौटा कंपनियों में निवेश 
अधिकारियों ने 30 मुखौटा कंपनियों के कागजात भी बरामद किए हैं। इन कंपनियों में नेतराम के परिवारीजनों और ससुराल के लोगों की हिस्सेदारी है। छापेमारी में दिल्ली (केजी मार्ग और जीके-1) और मुंबई (चरनी रोड और हुगेस रोड) के पॉश इलाकों में छह संपत्तियों व कोलकाता के तीन घरों का पता चला है। इन संपत्तियों को 95 करोड़ की ब्लैकमनी से खरीदा गया था। 

 

ताकतवर अफसरों में से एक थे नेतराम
पूर्व आईएएस नेतराम मायावती के शासनकाल में ताकतवर अधिकारियों में से एक थे। वह 2007 से 2012 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के प्रमुख सचिव भी रहे हैं। नेतराम के प्रभाव का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रमुख सचिव रहने के दौरान उनसे मिलने के लिए बड़े-बड़े नेताओं को भी अपॉइंटमेंट लेना पड़ता था। नेतराम 2003-05 के दौरान उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री के सचिव थे। यह अधिकारी उत्तर प्रदेश में आबकारी, गन्ना उद्योग विभाग, डाक एवं पंजीकरण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों के प्रमुख रह चुके हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर दावेदारी कर रहे थे। 

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