उन्नाव केस / सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जांच पूरी करने के लिए दो हफ्ते का वक्त और दिया



ट्रक ने पीड़िता की कार को मारी थी टक्कर। ट्रक ने पीड़िता की कार को मारी थी टक्कर।
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ट्रक ने पीड़िता की कार को मारी थी टक्कर।ट्रक ने पीड़िता की कार को मारी थी टक्कर।

  • सीबीआई ने पीड़िता और उसके वकील का बयान दर्ज किए जाने की बात कहते हुए जांच के लिए चार हफ्ते का समय मांगा था
  • कोर्ट ने 1 अगस्त को हादसे की जांच 14 दिन में पूरी करने का आदेश दिया था, सीबीआई की 20 सदस्यीय टीम मामले की जांच कर रही है

Dainik Bhaskar

Aug 19, 2019, 02:45 PM IST

नई दिल्ली. उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के साथ हुए हादसे की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को दो हफ्ते का और समय दिया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को हादसे में घायल पीड़िता के वकील को मेडिकल खर्च के  लिए पांच लाख रुपए देने का निर्देश भी दिया। 28 जुलाई को उन्नाव से रायबरेली जाते वक्त पीड़िता का परिवार हादसे का शिकार हो गया था। इसमें पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी, जबकि पीड़िता और उसके वकील की हालत अभी भी नाजुक है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फिलहाल दोनों का इलाज एम्स में चल रहा है।

 

कोर्ट ने 1 अगस्त को पीड़िता के साथ हुए हादसे की जांच 14 दिन में पूरी करने का आदेश दिया था। इसके बाद सीबीआई की 20 सदस्यीय टीम मामले की जांच कर रही है। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में जांच की स्टेटस रिपोर्ट भी सौंपी। सोमवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने पीड़िता और उसके वकील के बयान दर्ज किए जाने की बात कहते हुए जांच पूरी करने के लिए चार हफ्ते का समय मांगा था। इसके बाद कोर्ट ने 2 सप्ताह का समय दिया।

 

कोर्ट ने पीड़िता के परिजनों को दिया सुझाव

सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता और उसके परिजनों को कहा कि, वे सार्वजनिक तौर पर बयान देने से परहेज करें। क्योंकि, इससे एक तरह से वे आरोपी की मदद कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर आपका कोई मुद्दा है या आपको कुछ कहना है तो वकील के जरिए कोर्ट को बताएं, उस पर विचार किया जाएगा।

 

आरोपी विधायक पर तय हो चुके हैं आरोप
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में कथित हत्या मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने मंगलवार को विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई अतुल सेंगर, उत्तर प्रदेश पुलिस के तीन कर्मियों और पांच अन्य लोगों पर आरोप तय किए। 9 अप्रैल 2018 को उन्नाव में पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत हो गई थी। वहीं, 9 अगस्त को कोर्ट ने कोर्ट ने कहा था कि विधायक सेंगर के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, जिससे तय होता है कि उन्होंने दुष्कर्म किया था। कोर्ट ने विधायक सेंगर पर आईपीसी की धारा 120 बी, 363, 366, 109, 376 (आई) और पॉक्सो एक्ट तीन और चार के तहत आरोप तय किए थे। वर्तमान में विधायक तिहाड़ जेल में बंद हैं। 

 

28 जुलाई को घायल हुई थी पीड़िता
दो साल पहले उन्नाव के माखी गांव की रहने वाली युवती ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर व उनके भाईयों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। 28 जुलाई को पीड़िता अपने चाचा से मिलने रायबरेली जेल रही थी। लेकिन रास्ते में उसकी कार को गलत दिशा से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी थी।

 

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