यूपीपीसीएल घोटाला / उर्जा मंत्री ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को भेजा मानहानि का नोटिस



उर्जामंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आमने-सामने। उर्जामंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आमने-सामने।
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उर्जामंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आमने-सामने।उर्जामंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आमने-सामने।

  • कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने उर्जा मंत्री पर दुबई की यात्रा करने का लगाया था आरोप
  • उर्जा मंत्री ने 24 घंटे के भीतर अपने बयान पर माफी मांगने की दी चेतावनी

Dainik Bhaskar

Nov 07, 2019, 06:18 PM IST

लखनऊ. यूपीपीसीएल कर्मियों के भविष्य निधि में घोटाला मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच गुरुवार को प्रदेश सरकार के उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को मानहानि का नोटिस भेजा है। 24 घंटे के भीतर अपने बयानों पर माफी मांगने की बात कही गई है। दरअसल, डिफॉल्टर कंपनी डीएचएफएल में बिजली कर्मियों के भविष्य निधि के 26 सौ करोड़ निवेश का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने श्रीकांत शर्मा पर दुबई की यात्रा करने व पैसा दाऊद की कंपनी में लगाने के आरोप लगाए थे। 

 

उर्जा मंत्री का आरोप है कि, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने आरोप लगाया था कि, गरीब जनता की बिजली कुछ सौ और हजार रुपए के बकाया पर कटवा देने वाले मंत्रीजी विभाग के खजाने से हजारों करोड़ रुपए देशद्रोहियों दाउद इब्राहिम व इकबाल मिर्ची से जुड़ी कंपनियों को दे देते हैं। 

 

यह भी कहा था कि, इस बात की जांच की जानी चाहिए कि, सितंबर-अक्टूबर 2017 में उर्जा मंत्री किस प्रयोजन से दुबई गए थे? वहां किन किन लोगों से मुलाकात की? यह दौरा उसी समय किया गया जब डीएचएफएल का पैसा सनब्लिंक कंपनी को दिया जा रहा था। उर्जा मंत्री 10 दिनों की इस अधिकारिक यात्रा का उद्देश्य बताएं? 

 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने किए थे सात सवाल- 

  • प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से जवाब मांगते हुए कहा था कि ऊर्जा मंत्री जी अगर इतना ही दूध के धुले हुए हैं, तो मेरे कुछ सवालों का जबाब दें दे। सब दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
  • डीएचएफएल में निवेश का अनुमोदन कब हुआ? कब हस्ताक्षर किया गया? मार्च 2017 के बाद से दिसंबर 2018 तक किन किन तारीखों मे निवेश किया?
  • अब तक डीएचएफएल से हुए पत्राचार, डीएचएफएल की ओर से कौन लोग बात कर रहे थे? सार्वजनिक किया जाए।
  • आखिर भाजपा को सबसे ज्यादा व्यक्तिगत चंदा देने वाले वधावन की निजी कंपनी डीएचएफएल को ही नियमों को ताक पर रखते हुए कर्मचारियों की जीवन की पूंजी क्यों सौंपी गई? 
  • क्या मंत्री जी के विभाग में हजारों करोड़ रुपए के संदिग्ध सौदे छोटे स्तर के अधिकारी कर लेते हैं और उन्हें खबर नहीं होती? सरकार के खजाने को यूं ही बेपरवाही से लुटवाते हैं मंत्री जी?
  • गरीब जनता की बिजली कुछ सौ और हजार रुपए के बकाया पर कटवा देने वाले मंत्री जी विभाग के खजाने से हजारों करोड़ रुपये देशद्रोहियों दाऊद इब्राहिम और इकबाल मिर्ची से जुड़ी कंपनियों को देते हैं?
  • डीएचएफएल की ओर से डील करने वाला अमित प्रकाश अभी भी क्यू नहीं पकड़ा जा रहा है? यह अमित प्रकाश ऊर्जा मंत्री जी से या उनके रिश्तेदारों से कब कब मिला?
  • ईओडब्ल्यू ने अभी तक विजिटर बुक क्यों नहीं सील की? क्या मुलाकातियों की सूची में हेराफेरी की जा रही है?

एपी मिश्र को उनके घर लेकर पहुंची जांच टीम

यूपीपीसीएल भविष्य निधि घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) गुरुवार को पूर्व एमडी एपी मिश्र को लेकर उनके घर पहुंची। ईओडब्ल्यू टीम घोटाले से जुड़ी फाइलों की बरामदगी में जुटी है। आरोप है कि, एपी मिश्र ने रिटायरमेंट से एक दिन पहले डीएचएफएल में निवेश के अनुमोदन की फाइल पर हस्ताक्षर किया था। मालूम हो कि, एपी मिश्र इस मामले में बुधवार को गिरफ्तार हुए हैं। अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। 
 

 

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