--Advertisement--

वाराणसी हादसा: जांच कमेटी के अध्यक्ष ने कहा- सेतु निगम की लापरवाही से हुई घटना, सीएम ने कठोर कार्रवाई की दिया निर्देश

सिगरा थाना क्षेत्र के लहरतारा इलाके में इस पुल निर्माण के लिए 2 मार्च 2015 को 12973.80 लाख रुपए का बजट मंजूर हुआ था।

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 05:49 PM IST
हादसे में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सीएम ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फाइल हादसे में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सीएम ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फाइल

लखनऊ. वाराणसी में निर्माणधीन फ्लाई ओवर गिरने की जांच रिपोर्ट गुरुवार देर रात सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंप दी गई है। जांच कमेटी ने सेतु निगम के प्रबंध निदेशक समेत सात अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। जिसके बाद सीएम योगी ने राज्य सेतु निर्माण निगम के एमडी राजन मित्तल समेत सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

क्या कहा जांच कमेटी के अध्यक्ष ने

- जांच कमेटी के अध्यक्ष राज प्रताप सिंह, आयुक्त यूपी कृषि उत्पादन शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे यहां उन्होंने कहा कि हादसे की जांच रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंप दी गई है। सेतु निगम की बड़ी लापरवाही हमारी रिपोर्ट में निकल कर आयी है। जिन अधिकारियों, कर्मचारियों को दोषी पाया गया है। विवरण सहित रिपोर्ट सौंपी गई है।

-उन्होंने रिपोर्ट में ट्रैफिक को लेकर भी बात की है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में जिस जगह पर निर्माण कार्य चल रहे हो वहां ट्रैफिक व्यवस्था पहले से ही मैनेज करके रखी जाए।
- जिस बीम को रखा गया था, उसको क्रास ज्वाइंट नहीं किया गया था। निर्माण में प्रयुक्त मैटेरियल रिकॉर्ड में मैंटेन नहीं करने की भी गलती पायी गयी है। जिस समय काम कराया जा रहा था इकाई ने रोड को बैरेकेटिंग नहीं किया था।

कौन है हादसे का जिम्मेदार
- वाराणसी फ्लाई ओवर हादसे की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए सख्त निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में उत्तरदायी पाए गए यूपी राज्य सेतु निगम के अधिकारियों प्रबन्ध निदेशक राजन मित्तल,
मुख्य परियोजना प्रबंधक एससी तिवारी, पूर्व परियोजना प्रबंधक गेंदालाल, परियोजना प्रबंधक केआर सूदन, सहायक परियोजना प्रबंधक राजेंद्र सिंह, अवर परियोजना प्रबंधक लालचंद और अवर परियोजना प्रबंधक राजेश पाल के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने के दिए निर्देश दिए गए हैं।

- जांच कमेटी ने हादसे के लिए उन सभी को जिम्मेदार ठहराया है जिन्होंने पिछले दो-तीन महीने के दौरान निरीक्षण किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि परियोजना में हर स्तर पर निरीक्षण बरती गई हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि पुल के स्ट्रक्चर व क्वालिटी में कोई कमी नहीं पाई गई। लेकिन डिज़ाइन पर जरुर सवाल खड़े किए गए हैं।

- बता दें जांच कमेटी की रिपोर्ट आने से पहले ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सेतु निगम के एमडी राजन मित्तल को उनके पद से हटा दिया था, जबकि चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर समेत चार अधिकारी भी घटना के दिन ही निलंबित कर दिया गया था। राजन मित्तल की जगह जेके श्रीवास्तव को सेतु निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।

क्या है मामला
- वाराणसी में मंगलवार की शाम एक निर्माणाधीन फ्लाई ओवर के दो बीम गिर गए थे जिसके कारण 18 लोगों की मौत हो गई थी।

अक्टूबर, 2015 से शुरू हुआ था पुल निर्माण का काम

- सिगरा थाना क्षेत्र के लहरतारा इलाके में इस पुल निर्माण के लिए 2 मार्च 2015 को 12973.80 लाख रुपए का बजट मंजूर हुआ था, अक्टूबर 2015 में पुल बनना शुरू हुआ। पुल का निर्माण पूरा करने की सीमा अक्टूबर 2018 तय की गई खी, लेकिन अब तक 47 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद द्वारा किया गया ट्वीट। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद द्वारा किया गया ट्वीट।