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योगी सरकार ने जारी की मासिक पेंशन नियमावली-2018, यश भारती और पद्म सम्मान पाने वालों को राशि घटाकर की 25 हजार रुपए

यह पेंशन सरकारी सेवकों, सरकार के पेंशनरों और आयकरदाताओं को लाभ नहीं मिलेगी।

Danik Bhaskar | Jul 21, 2018, 02:53 PM IST

लखनऊ. योगी सरकार ने मासिक पेंशन नियमावली-2018 जारी कर दी। इसमें यश भारती पेंशन को सशर्त बहाल किया गया है। सरकार यश भारती व पद्म सम्मान पाने वालों को अब 25 हजार रुपए मासिक पेंशन देगी। पूर्व की अखिलेश सरकार ने यश भारती सम्मान और पद्म पुरस्कारों से अलंकृत विभूतियों को 50 हजार रुपए मासिक पेंशन देने के लिए वर्ष 2015 में नियमावली बनाई थी। तकरीबन सवा साल पहले योगी सरकार ने जांच की बात कहते हुए पेंशन देने पर रोक लगा दी थी।

5 सदस्यीय कमेटी मंजूर करेगी पेंशन : पेंशन के लिए आए आवेदनों का परीक्षण करने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसके अध्यक्ष निदेशक संस्कृति होंगे और अपर निदेशक संस्कृति निदेशालय, वित्त नियंत्रक संस्कृति निदेशालय, संयुक्त निदेशक संस्कृति निदेशालय और इस योजना का काम देख रहे उप निदेशक या संयुक्त निदेशक समिति के सदस्य होंगे। इस समिति की संस्तुति शासन को भेजी स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी। इसके लिए आवेदन फॉर्म की तारीख को बढ़ाकर 31 जुलाई कर कर दिया गया है। इस पेंशन का लाभ सरकारी सेवकों, सरकार के पेंशनरों और आयकरदाताओं को नहीं मिलेगी। दिवंगत कवि गोपाल दास 'नीरज' ने हाल ही में पेंशन को बहाल करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।

बिना नोटिस दिये निरस्त कर सकती है पेंशन: शासन द्वारा पेंशन स्वीकृति के आदेश जारी करने के दो महीने के अंदर पेंशन राशि का नियमित भुगतान किया जाएगा। चयनित लाभार्थियों को पेंशन का भुगतान छमाही आधार पर उनके बैंक खाते में ई-पेमेंट के जरिये किया जाएगा। राज्य सरकार स्वीकृत पेंशन किसी भी समय बिना कोई कारण बताये या नोटिस दिये बिना निरस्त कर सकती है। इसके अलावा अनैतिक, आपराधिक दोष, किसी भी जुर्म पर दंडित होने, गलत ढंग से पेंशन पाने की स्थिति में भी पेंशन निरस्त कर सकती है। पेंशनर लिखित सूचना देकर पेंशन लेने से मना कर सकता है। एक बार ऐसे करने पर उसे फिर दोबारा पेंशन भुगतान नहीं हो सकेगा।