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सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान हिंसा के 57 आरोपियों में से 27 पर गैंगस्टर एक्ट, सरकार ने इनके पोस्टर भी लगाए थे

एक वर्ष पहले
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लखनऊ में हिंसा के आरोपियों के लगे इन होर्डिंग का मामला कोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट इसकी सुनवाई करेगा। - Dainik Bhaskar
लखनऊ में हिंसा के आरोपियों के लगे इन होर्डिंग का मामला कोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट इसकी सुनवाई करेगा।
  • लखनऊ में सीएए के खिलाफ 19 दिसम्बर को हुई हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने 2 पुलिस चौकी को फूंकी थीं
  • कई वाहनों में आग लगा दी गई थी, पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे थे, हवाई फायरिंग-लाठीचार्ज भी किया था

लखनऊ. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में 19 दिसम्बर को हुए हिंसक प्रदर्शन के 27 आरोपियों प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट लगाया है। ये सभी उन 57 लोगों में शामिल हैं  जिनके फोटो वाले होर्डिंग शहर में वसूली के लिए लगाए गए हैं।


लखनऊ के एडीसीपी पश्चिमी विकास चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि 19 दिसम्बर को थाना ठाकुरगंज क्षेत्र में हिंसक भीड़ ने चौकी सतखंडा में आगजनी और पथराव किया था। इस मामले के 27 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। सभी के नाम कोर्ट में भेज दिए गए हैं।

150 से अधिक लोगों को नोटिस दिया था 
19 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद लखनऊ के चार थाना क्षेत्रों में हिंसा हुई थी। इस हिंसा में हसनगंज में 13, ठाकुरगंज में 10, हजरतगंज में 28 और कैसरबाग में 6 लोगों को आरोपी बनाया गया। राज्य सरकार ने नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से करवाने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने फोटो-वीडियो के आधार पर 150 से अधिक लोगों को नोटिस भेजे। जांच के बाद प्रशासन ने 57 लोगों पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज किया।

आरोपियों से रिकवरी के आदेश जारी हो चुके हैं
डीएम अभिषेक प्रकाश ने कहा कि चार थाना क्षेत्रों में एक करोड़ 88 लाख 62 हजार 537 रुपए की रिकवरी के तीन आदेश जारी किए जा चुके हैं। पुलिस द्वारा सबूत उपलब्ध करवाने के बाद बाकियों से भी वसूली की जाएगी। सभी को नोटिस जारी होने की तारीख से 30 दिन का समय दिया गया है। अगर निर्धारित समय तक शुल्क नहीं जमा किया गया तो फिर संपत्ति कुर्क की जाएगी। इससे बाकियों को भी सबक मिलेगा कि किसी के बहकावे में न आएं।