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उत्तरप्रदेश के मदरसों में लागू हो सकता है ड्रेस कोड, योगी के मंत्री ने कहा- कुर्ता-पायजामा धर्म विशेष की पहचान

मदरसों में पढ़ने वाले अब पेंट-शर्ट पहने नजर आ सकते हैं।

Danik Bhaskar | Jul 04, 2018, 01:03 PM IST

- कांग्रेस-सपा पर मुस्लिमों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप

- योगी सरकार मदरसों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य कर चुकी है

लखनऊ. मदरसों में एनसीईआरटी की किताबों को अनिवार्य करने के बाद योगी सरकार अब ड्रेस कोड लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके लागू होने के बाद मदरसों में तालीम लेने वाले कुर्ता-पायजामा की जगह पेंट-शर्ट या कोई और ड्रेस पहने नजर आएंगे।

उत्तरप्रदेश के अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि मदरसों में आमतौर पर बच्चे कुर्ता-पायजामा पहन कर आते हैं। इससे उनकी पहचान एक धर्म विशेष से होती है। उनमें हीन भावना आती है। इसे खत्म करना जरूरी है। सरकार चाहती है कि मदरसे के बच्चे भी मुख्यधारा से जुड़ें। वे सामान्य स्कूली बच्चों की तरह दिखें।

मदरसों के सिलेबस में हुआ बदलाव: मंत्री ने कहा कि मदरसों के बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए सिलेबस में बदलाव किया जा चुका है। एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य की गई हैं। गणित, हिंदी और इंग्लिश को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने कहा था कि एक हाथ में कुरान और एक हाथ में लैपटॉप होना चाहिए तभी मदरसे के बच्चे भी कामयाब होंगे। रजा ने सपा और कांग्रेस पर मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।