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वन्दे मातरम् गाने से मुस्लिमों को आपत्ति, राष्ट्रगीत गाने का संविधान में कोई कानून नहीं: जफरयाब जिलानी

वसीम रिजवी को ऑर्डर जारी करने का अधिकार नहीं

Danik Bhaskar | Aug 13, 2018, 03:52 PM IST

लखनऊ. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी ने कहा है कि देश के मुस्लिमों को राष्ट्रगान गाने में कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन राष्ट्रगीत गाने को लेकर मुस्लिम समुदाय को आपत्ति है। संविधान में ऐसा कोई कानून नहीं है जो मुस्लिमों को इसके लिए बाध्य करता हो। सुप्रीम कोर्ट ने भी ऐसा कोई ऑर्डर नहीं दिया है कि राष्ट्रगीत गाएं। हम राष्ट्रगान गाते हैं और गाएंगे लेकिन राष्ट्रगीत नहीं गाएंगे।

वसीम रिजवी को ऑर्डर जारी करने का अधिकार नहीं: जफरयाब जिलानी ने कहा, शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी को ऐसा कोई भी ऑर्डर जारी करने का अधिकार नहीं है। जिसमें राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत गाने के बारे में कहा जा सके। उन्होंने कहा, राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान अलग-अलग हैं। जो लोग सरकार से सहायता प्राप्त कर रहे हैं उन्हें मजबूती से इसका पालन करना चाहिए। 

 

शिया वक्फ बोर्ड ने जारी किया आदेश: उत्तर प्रदेश के शिया वक्फ बोर्ड ने स्वतंत्रता दिवस के आयोजन पर 'भारत माता की जय' बोलना अनिवार्य कर दिया। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी ने कहा, 'शिया वक्फ बोर्ड ने एक आदेश जारी किया है। इसके तहत 15 अगस्त को वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर किए गए किसी भी कार्यक्रम में राष्ट्रगान के बाद भारत माता की जय बोलना ज़रूरी होगा। कोई भी अगर इस आदेश का पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।'