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मेरठ / मूर्ति स्थापित करने से रोका तो 50 परिवारों ने धर्म परिवर्तन करने की दी चेतावनी



मूर्ति स्थापना करने से रोके जाने पर प्रदर्शन करते लोग मूर्ति स्थापना करने से रोके जाने पर प्रदर्शन करते लोग
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मूर्ति स्थापना करने से रोके जाने पर प्रदर्शन करते लोगमूर्ति स्थापना करने से रोके जाने पर प्रदर्शन करते लोग

  • मेरठ जिले के इंचौली थाना इलाके का मामला, दोनों पक्ष एक ही समाज के
  • डीएम ने एसडीएम को सौंपी जांच, मौके पर फोर्स

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2018, 12:00 PM IST

मेरठ. नवरात्रि के पर्व पर अपने ही समाज के लोगों ने जब मुर्ति रखने से मना किया तो कई परिवारों ने धर्म परिवर्तन करने की चेतावनी दी है। मामला मेरठ जिले के इंचौली थाना क्षेत्र का है। हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत है। लेकिन लोगों का कहना है कि यदि दो दिन में मूर्ति नहीं लगी तो वह सभी धर्म परिवर्तन कर लेंगे। इस चेतावनी के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप है।

 

एक दिन पहले भी उठा था विवाद: थाना क्षेत्र के मसूरी गांव के राजकुमार के मुताबिक, गांव के प्राचीन शिव मंदिर में काली मां की मूर्ति लगाने का निर्णय सर्व समाज की सहमति से हुआ। हस्तिनापुर में मां काली की मूर्ति को बनवाया गया। मंगलवार को गांव में मूर्ति पहुंची तो जाटव समाज के ही कुछ लोगों ने मूर्ति को मंदिर में लगाए जाने का विरोध शुरू दिया। मूर्ति स्थापना के लिए जो ईंट मंगायी गई थी, उन्हें उठाकर फेंक दिया गया। मौके पर काफी हंगामा हुआ। उस वक्त गांव के जिम्मेदार लोगों ने मामला शांत कराया।

 

50 परिवारों ने दी धर्म परिवर्तन की चेतावनी: बुधवार को एक बार फिर मंदिर में मूर्ति लगाने को लेकर बात हुई और दूसरे पक्ष ने इसका विरोध कर दिया। इसके बाद राजकुमार गांव के साथ करीब पचास परिवारों ने धर्म परिवर्तन की चेतावनी दे दी। राजकुमार के साथ कई लोग डीएम के पास पहुंचे थे।

 

एसडीएम को सौंपी जांच: मूर्ति स्थापना का विरोध कर रहे लोगों का कहना है​ कि मंदिर में बहुत ऐसे लोग हैं जो मन्नत पूरी होने पर मूर्ति की स्थापना कराना चाहते हैं, ऐसे में सभी की मूर्ति मंदिर में स्थापित नहीं की जा सकती। डीएम अनिल ढींगरा ने एसडीएम को जांच के निर्देश दिए हैं। थाना प्रभारी इंचौली प्रेमचन्द शर्मा का कहना है कि मंदिर की रजिस्टर्ड सोसाइटी बनी है। जो मूर्ति लगा रहे हैं, वह सोसाइटी के सदस्य नहीं है। पुलिस ने दोनेां पक्षों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा है। यदि आपसी सहमति नहीं बनती है, तो दोनों पक्ष कोर्ट जा सकते हैं।

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