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30 हजार रुपए लेकर 1 लाख देता था ये ग‍िरोह, ऐसे करता था ठगी

मुरादाबाद. कागज की गड्डी द‍िखाकर लोगों को तीन गुना अध‍िक रकम देकर ठगी कर रहे थे।

Danik Bhaskar | Dec 08, 2017, 06:10 PM IST
मुख्य आरोपी पहले उपन्यास छापन मुख्य आरोपी पहले उपन्यास छापन

मुरादाबाद. पुल‍िस ने शुक्रवार को एक ठगी ग‍िरोह का खुलासा क‍िया है। पुल‍िस के अनुसार, पकड़े गए ग‍िरोह के सदस्य महज कागज की गड्डी द‍िखाकर लोगों को तीन गुना अध‍िक रकम देकर ठगी कर रहे थे। इसके ल‍िए केम‍िकल का इस्तेमाल करते थे। ज‍िसके चलते कागज नोट की तरह द‍िखता था। 30 हजार लेकर देते थे 1 लाख रुपए...


-एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने खुलासा करते हुए बताया, शहर के कटघर इलाके के गोविंदनगर न‍िवासी अनिल सक्सेना लोगों को 30 हजार में एक लाख रुपए का लालच देता था।

-ये अपनी चालाकी से 5 हजार और दो हजार रुपए की तरह दिखने वाले नोट का कागज लगाता था। इसके बाद ऊपर-नीचे असली नोट रखकर लोगों को ठग लेता था।

-इनके पास से एक केमिकल भी मिला है। पुलिस इस गिरोह की काफी समय से तलाश में थी। शुक्रवार को नोट खरीदने की बात कहकर पुल‍िस ने इन्हें अरेस्ट क‍िया है।

-पुलिस गिरफ्त में आए अनिल सक्सेना, उसका बेटा गौरव सक्सेना और सुनील गर्ग शामिल हैं। अनिल सक्सेना इस गैंग का सरगना है और पहले भी इसी तरह के मामले में जेल जा चूका है। पुलिस ने इनके पास से नोटों के आकार की अस्सी गड्ड‍ियां भी बरामद की हैं।

-पुलिस ने करीब 6 महीने जब अनिल सक्सेना को गिरफ्तार किया था। ये पहले उपन्यास छापता था, बाद में जुर्म का रास्ता अपना ल‍िया। बताया जाता है क‍ि इसके अध‍िकतर उपन्यास क्राइम से र‍िलेटेड होते थे।