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मां-बहन की हत्या करने से 3 घंटे पहले ऐसे खुश था बेटा, सामने आया CCTV

ग्रेटर नोएडा. यहां 4 दिसंबर को हुई मां-बेटी की हत्या में आरोपी बेटे को 8 दिसंबर को वाराणसी से अरेस्ट किया गया।

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 12:19 PM IST
वारादात को अंजाम देने से करीब 3 घंटे पहले लिफ्ट में मां-बहन के साथ हंसी मजाक कर रहा था बेटा। वारादात को अंजाम देने से करीब 3 घंटे पहले लिफ्ट में मां-बहन के साथ हंसी मजाक कर रहा था बेटा।

ग्रेटर नोएडा. यहां 4 दिसंबर को हुई मां-बेटी की हत्या में आरोपी बेटे को 8 दिसंबर को वाराणसी से अरेस्ट किया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल लिया है। वारदात के दिन का सीसीटीवी सामने आया है। आरोपी को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

हत्या से करीब 3 घंटे पहले ऐसे खुश था बेटा...

- मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर सिटी 2 के 11 एवेन्यू का है। यहां फ्लैट नंबर 1446 के बेडरूम में मां अंजलि (35) और बेटी मणिकर्णिका (12) की डेडबॉडी पड़ी मिली थी।

- 4 दिसंबर को शाम 8 बजे के बाद से दोनों मां-बेटी को किसे ने भी नहीं देखा था। रिश्तेदार लगातार फोन कर रहे थे। जब फोन नहीं उठा तो एक पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदारों को फोन किया गया, फिर पुलिस को सूचना दी गई।
- पुलिस ने गेट खोला तो घर के अंदर बेडरूम में मां-बेटी की लाश मिली। लाश के पास से एक बैट और धारदार हथि‍यार बरामद किया गया था, जिसपर खून के निशान थे। घटना के बाद से अंजलि का 15 साल का बेटा रोहन (बदला नाम) गायब था, जिसे 8 दिसंबर की शाम वाराणसी से अरेस्ट किया गया।

- घटना के दिन का सीसीटीवी सामने आया है, जिसमें रात करीब साढ़े 8 बजे रोहन अपनी मां और बहन के साथ लिफ्ट में दिख रहा है। लिफ्ट में सभी हंसी मजाक करते नजर आ रहे हैं, रोहन भी दोनों के साथ काफी खुश दिख रहा है।

- इस फुटेज के बाद एक विजुअल रात करीब साढ़े 11 बजे का है। जिसमें रोहन पीठ पर बैग टांगे अपॉर्टमेंट से बाहर निकलता है और एक कैब में बैठकर निकल जाता है।

- बता दें, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, मां-बेटी को पहले नशीला पदार्थ ख‍िलाकर बेहोश किया गया, उसके बाद कैंची से कई वार किए गए। फिर बल्ले से दोनों के सिर पर कई वार किए गए। दोनों की मौत 4 दिसंबर की रात करीब 11 बजे हुई।

पुलिस के मुताबिक, बेटे ने क्यों की मां-बहन की हत्या...

एसएसपी लव कुमार ने बताय, ''मर्डर के पीछे गेम कोई वजह नहीं थी।पढ़ाई में कमजोर होने की वजह से उसे हमेशा डांट मिलती थी। बार-बार डांट की वजह से बच्चे के मन में कुंठा थी।"