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नहीं रहे 'OLD MONK' रम बनाने वाले कपिल मोहन, जानें कौन थे ये

कपिल ‘मोहन मीकिन लिमिटेड’ के चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर थे।

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 12:39 PM IST
जानी-मानी रम 'ओल्ड मंक' को बनाने वाले कपिल मोहन का बीते शनिवार को निधन हो गया। जानी-मानी रम 'ओल्ड मंक' को बनाने वाले कपिल मोहन का बीते शनिवार को निधन हो गया।

गाजियाबाद. देश और दुनियाभर में 'ओल्ड मंक' रम को ब्रांड के तौर पर स्थापित करने वाले पदमश्री कपिल मोहन का शनिवार रात निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे कपिल ने गाजियाबाद स्थित अपने मकान में अंतिम सांस ली। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें हार्ट अटैक आया था। उनकी मौत के बाद लोगों ने ट्विटर पर अपनाया दुख जताया। बता दें, कपिल मोहन आर्मी में रह चुके हैं और उन्हें 2010 में पद्मश्री अवॉर्ड भी मिला था।

कौन थे कपिल मोहन
- कपिल ‘मोहन मीकिन लिमिटेड’ के चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर थे। उनकी ये कंपनी ‘ओल्‍ड मंक’ के अलावा और भी ड्रिंक्स बनाने के काम करती है। आर्मी में रह चुके कपिल ब्रिगेडियर की पोस्ट पर रिटायर हुए।
- साल 2010 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से भी नवाजा गया। साथ ही, हिमाचल प्रदेश के सोलन की नगरपालिका समिति के अध्यक्ष भी थे। कपिल मोहन के परिवार में उनकी पत्‍नी पुष्‍पा मोहन हैं। इनकी अपनी कोई औलाद नहीं है।

1954 में लॉन्च किया था ‘ओल्‍ड मंक’ रम, 400Cr. से ज्यादा का है टर्नओवर

- कंपनी से जुड़े लोगों के मुताबिक, कपिल मोहन वर्ष 1966 से पहले ट्रेड लिंक्‍स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमुख थे। डायर मीकिन ब्रेवरीज की कमान संभालने के बाद उन्होंने कंपनी का विभिन्‍न क्षेत्रों में विस्‍तार किया था।
- 'ओल्‍ड मंक' को 19 दिसंबर, 1954 को लाॅन्च किया गया था। कपिल मोहन द्वारा कमान संभालने के बाद ओल्‍ड मंक रम ब्रांड भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में लोकप्रिय हो गया था। उनके नेतृत्‍व में कंपनी ने तीन नई डिस्टिलरी और दो ब्रेवरीज स्‍थापित करने के अलावा भारत के विभिन्‍न हिस्‍सों में फ्रेंचायजी का विस्‍तार किया था।
- मोहन मीकिन ने बाद में ग्‍लास, ब्रेकफास्‍ट फूड, जूस और इंजीनियरिंग उद्योग में भी कदम रखा था। विभिन्‍न क्षेत्रों में सक्रिय मोहन मीकिन लिमिटेड का मौजूद टर्नओवर 400 करोड़ रुपए से भी ज्‍यादा है। देश और विदेश में भी रम के क्षेत्र में ओल्ड मंक का नाम सबसे आगे है।

150 साल पुरानी है कंपनी
- 'मोहन मीकिन' 150 साल से ज्यादा पुरानी है। ये कंपनी 1855 में एडवर्ड डायर ने बनाई थी। ये एशिया की पहली ब्रिवरी कंपनी थी। कसौली जो कि आजकल हिमाचल का बड़ा टूरिस्ट प्वाइंट है, वहीं की पहाड़ियों में इसकी शुरुआत हुई।
- वहां का पानी ड्रिंक्स बनाने के लिए बिल्कुल उपयुक्त था। इसकी पहली ड्रिंक 'लायन बियर' थी।
- साल 1949 में कपिल के पिता एनएन. मोहन ने डायर की इस कंपनी को खरीद लिया था। एनएन मोहन भारत के एक बड़े बिजनेसमैन थे। 1966 में इस कंपनी का नाम बदलकर 'मोहन मीकिन ब्रिवरीज' रखा गया।
- फिर 70 के दशक के शुरुआत में अपने बड़े भाई वीआर मोहन की मौत के बाद कपिल मोहन को इस कंपनी की जिम्मेदारी मिली थी।

88 साल के कपिल मोहन मीकिन लिमिटेड के चेयरमैन थे। 88 साल के कपिल मोहन मीकिन लिमिटेड के चेयरमैन थे।
ट्विटर पर पुनम पांडे ने जताया दुख। ट्विटर पर पुनम पांडे ने जताया दुख।