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25 दि‍संबर से कर सकेंगे मैजेंटा लाइन मेट्रो का सफर, ऐसी है Facility

नोएडा. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की बोटेनिकल गार्डेन-कालका जी मंदिर मैजेंटा लाइन मेट्रो दौड़ने के ल‍िए तैयार है।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 07:34 PM IST
मैजेंटा लाइन मेट्रो की औपारिक शुरुआत 25 दिसंबर को शाम 5 बजे पीएम मोदी हरी झंडी द‍िखाकर करेंगे। मैजेंटा लाइन मेट्रो की औपारिक शुरुआत 25 दिसंबर को शाम 5 बजे पीएम मोदी हरी झंडी द‍िखाकर करेंगे।

नोएडा. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की बोटेनिकल गार्डेन-कालका जी मंदिर मैजेंटा लाइन मेट्रो दौड़ने के ल‍िए तैयार है। शुक्रवार को इसका फुल ट्रायल के बोटेनिकल गार्डन पर किया गया। दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर चली मेट्रो 12 बजकर 36 मिनट पर अपने गंत्वय स्थान कालकाजी पहुंच गई। 14 मिनट में मेट्रो ने 12.64 किमी की दूरी तय की। इस दौरान बोटेनिकल गार्डन को मिलाकर मेट्रो 9 स्टेशनों पर रुकी। यहां एक मिनट से लेकर दो मिनट का स्टॉप भी दिया गया। इस मेट्रो की औपारिक शुरुआत 25 दिसंबर को शाम 5 बजे पीएम मोदी हरी झंडी द‍िखाकर करेंगे। पहली मेट्रो पैसेंजर्स को लेकर कालकाजी तक जाएगी। 38.23 किमी की लंबी दूरी तय करेगी मैजेंटा लाइन मेट्रो...

(आगे की स्लाइड्स में देख‍िए मैजेंटा लाइन मेट्रो की फोटो)

-मैजेंटा लाइन मेट्रो 38.23 किमी लंबी दूरी तय करेगी, जो बोटेनिकल गार्डन से जनकपुरी वेस्ट तक जाएगी।

-इस रूट पर नोएडा से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जाने वाले पैसेंजर्स एयरपोर्ट लिंक तक जा सकेंगे। इसके अलावा फरीदाबाद और गुड़गाव जाने के लिए कालकाजी और हौज खास पर ट्रेन बदल सकते हैं।

-12.64 किमी रूट पर दो इंटरचेंज हैं। एनसीआर में बाटेनिकल गार्डन पहला इंटरचेंज बन गया है। इंटरचेंज होने के बाद यहां प्रतिदिन करीब 97 हजार 780 पैसेंजर्स यात्रा कर सकेंगे। वर्तमान में अभी 30 हजार पैसेंजर्स सफर कर रहे हैं।

-शुरुआत में 5 मिनट 14 सेकंड की फ्रीक्वेंसी के साथ मेट्रो का परिचालन किया जाएगा। पहले चरण में कुल 10 मेट्रो ट्रेन चलाई जाएंगी। सभी ट्रेनें 6 कोच की होंगी। दो ट्रेन स्टैंडबाई होंगी जिसमें एक मेट्रो बोटेनिकल गार्डन और एक मेट्रो कालका जी मंदिर स्टेशन पर खड़ी रहेगी।

सौर ऊर्जा से लैस है मजेंटा लाइन के 9 मेट्रो स्टेशन
-9 स्टेशनों को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल द्वारा प्लेटिनम के तौर पर प्रमाणित किया गया है। इनकी छत पर 908 किलोवाट के सौर सयंत्र लगाए गए हैं।

-एक्सपेर‍िमेंटल प्रोजेक्ट (प्रायोगिक परियोजना) के तौर पर कालकाजी मंदिर के मैजेंटा और वायलेट लाइन स्टेशनों के बीच एक संपर्क प्रदान करने वाले एफओबी पर 25 किलोवाट पीक क्षमता का एक सयंत्र लगाया गया है। इसके अलावा कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन की छत पर 1077 किलोवाट पीक स्थापित किया गया है।

-वहीं, जसौला एलिवेटेड स्टेबलिंग लाइनों पर 1.5 मेगावाट पीक क्षमता का सौर संयंत्र लगाने की योजना भी है। यहां बनाई गई संरचना केवल सौर ऊर्जा के उपयोग के उद्देश्य से बनाई गई है। इसमे रूट शीट नहीं दी गई है। इसके स्थान पर सौर पैनल एक वर्चुअल शेड की छत के समान है।

-इसके अलावा ऊर्जा संरक्षण और कार्बन डाई ऑक्साइड की अधिक बचत, पानी की बचत, अपशिष्ट प्रबंध, ऊर्जा प्रबंधन और स्टेशन बाक्स के साइज में कमी लाने के लिए ड‍िजाइन विशेष प्रवधान के साथ बनाए गए हैं। लिहाजा, इसके निर्माण में कम सामग्री का प्रयोग किया गया।

बोटेनिकल गार्डन बना एनसीआर का पहला इंटरचेंज
-एनसीआर में बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन एनसीआर का पहला इंटरचेंज बन गया है। ब्लू लाइन को जोड़ने के लिए एलिवेटड प्लेटफॉर्म को तीन स्थानों से इंटरकनेक्ट किया गया है।

-वहीं, प्रथम तल पर दो स्थानों से इंटर कनेक्ट किया गया है। मजेंटा लाइन के प्लेटफॉर्म पर प्रवेश के लिए 12 प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। मुसाफिरों को बाहर जाने के लिए ब्लू लाइन के गेटों का प्रयोग करना होगा।

-यहां निकलने के लिए 12 एक्जिट गेट हैं। सभी का कलर कोड के साइनेज से संजोया गया है। दोनों स्टेशनों को जोड़ने वाले कॉरिडोर पर पैदल चिन्ह बनाए गए हैं। यह ब्लू और मजेंटा रंग के हैं, ताकि पैसेंजर्स को बेहतर रूप से सही प्लेटफार्म की जानकारी मिल सके।

-मजेंटा लाइन पर टोकन लेने के लिए 5 टोकन वेडिंग मशीन लगाने के अलावा अलग से काउंटर बनाए गए हैं। इसके साथ मजेंटा लाइन के प्लेटफॉर्म पर ही आपातकालीन सेवा के लिए काउंटर बनाए गए हैं, जहां से लोगों को जानकारी मिल सकेगी।

-प्लेटफॉर्म और ट्रैक के बीच सेंसर शीट है। मेट्रो आने के साथ ही यह सेंसर शीट खुल सकेगी। यहां वर्तमान में 30 हजार पैसेंजर्स सफर करते हैं, लेकिन 25 दिसंबर के बाद प्रतिदिन करीब 97 हजार पैसेंजर्स यात्रा कर सकेंगे।

ब्लू लाइन मेट्रो से कितना अलग है मजेंटा लाइन की मेट्रो
-मेजेंटा लाइन की मेट्रो ब्लू लाइन की तुलना में काफी अलग है। सुरक्षा के लिहाज से प्रत्येक कोच में 4 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा प्रत्येक कोच के बाहर 2 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।

-इसके अलावा ट्रेन में 3 रंग की चेयर के साथ प्रत्येक कोच में 40 से 50 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। एलइडी स्क्रीन है, जिसके जरिए आने वाले स्टेशन के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

-कोच के प्रत्येक गेट पर इमरजेंसी बटन लगाए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर सीधे चालक या गार्ड से बातचीत की जा सके।
-डीएमआरसी की यह पहली मेट्रो लाइन है, जो स्टैंर्ड गेज पर आधारित है। यह ट्रैक ब्लू लाइन से अलग है। ब्लू लाइन ब्रॉड गेज पर आधारित है। स्टैंर्ड गेज होने से मेट्रो के अंदर मुसाफिरों को अधिक स्थान मिलेगा। यानी इसकी क्षमता काफी ज्यादा होगी।

-प्रवक्ता के मुताबिक, विश्व में अभी तक 3000 किमी के टैरेक पर सीबीसीटी तकनीकी पर आधारित मेट्रो चल रही है। इसमें कुछ देश ऐसे हैं, जहं पूरी तरह से चालक रहित मेट्रो चलाई जा रही है। इसमें से 1500 किमी हाल ही चलाई गई है।

-देश में यह पहला प्रयोग है, जहां चालक रहित मेट्रो है। हालांक‍ि, 2 से 3 साल तक इसको मैन्युअली ऑपरेट किया जाएगा। इसके बाद मुसाफिरों के फीडबैक के आधार पर इसे चालक रहित किया जा सकता है।

चित्रकारी से पहचाने जाएंगे स्टेशन
-मेट्रो के फेज-3 सेक्शन में बोटेनिकल गार्डन, ओखला बर्ड सेंचुरी, जामिया मिलिया इस्लामिया, ईश्वर नगर, ओखला एनएसआईसी और कालका मंदिर स्टेशन चित्रकारी की गई है।

-इसके साथ ही स्टेशनों को पर्यावरण के अनुकूल बनाया गया है। मसलन, जैसे बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन के ऊपर तितलियों को उकेरा गया है, जो पास के गार्डन की वनस्पति‍ को दर्शता है।

-जामिया मिलया इस्लामिया स्टेशन के ऊपर किताबों की आकृति बनाई गई है। ओखला एनएसआईसी के आसपास लघु उद्योग है। लिहाजा, यहां आर्ट वर्क विषय लघुउद्योग के रूप में बनाया गया है।


मजेंटा लाइन की मेट्रो का ये रहा टाइम शिड्यूल
समय: - स्टेशन
12 बजकर 22 मिनट: - बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन
12 बजकर 25 मिनट: - ओखला बर्ड सेंचुरी
12 बजकर 28 मिनट: - कालिंदी कुंज
12 बजकर 30 मिनट: - शाहीन बाग
12 बजकर 33 मिनट: - ओखला विहार
12 बजकर 36 मिनट: - जामिया मिलिया इस्लामिया
12 बजकर 38 मिनट: - सुखदेव विहार
12 बजकर 40 मिनट: - ओखला एनएसआईसी
12 बजकर 42 मिनट: - कालका जी