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'पद्मावत' और अच्छी होती अगर न काटे जाते सीन्स, पढ़ें क्या बोले दर्शक

नोएडा. देशभर में कड़े विरोध और प्रदर्शन के बीच गुरुवार को आखिरकार संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' रिलीज हो गई।

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 11:17 PM IST
फ‍िल्म पद्मावत देखने के बाद ट‍िकट द‍िखाते दर्शक। फ‍िल्म पद्मावत देखने के बाद ट‍िकट द‍िखाते दर्शक।

नोएडा. देशभर में कड़े विरोध और प्रदर्शन के बीच गुरुवार को आखिरकार संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' रिलीज हो गई। अध‍िकतर स‍िनेमाघरों (हॉल) का पहला शो भी हाउसफुल रहा। dainikbhaskar.com की टीम जब इस फ‍िल्म को देखने वालों से बात की तो दर्शकों ने कहा, फ‍िल्म और अच्छी होती यद‍ि सीन नहीं काटे गए होते। सि‍नेमा हॉल के बाहर सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम...

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-बता दें, इस दौरान शहर के सभी बड़े सिनेमाघरों के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसी भी तरह के बवाल से निपटने के लिए पुल‍िस प्रशासन तैनात रहा। हॉल के बाहर फायरब्रिगेड की गाड़ि‍यां भी तैनात रही।

-इसके अलावा पुलिस फोर्स के साथ हॉल के मालिकों ने प्राइवेट बाउंसरों की एक पूरी फौज भी सिनेमाघर में लगा रखी थी। चेकिंग के बाद टिकट चेक करने की पूरी जिम्मेदारी भी बाउंसरों के हाथ में थी।


फिल्म की स्टोरी को लेकर दिखी उत्सुकता
-फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता दिखी। अधिकांश लोगों ने हाउसफुल के कारण टिकट न मिलने की बात सोच आॅनलाइन ही टिकट बुक कराए थे।

-नोएडा के सेक्टर-21ए स्थित बिग सिनेमा में फिल्म देखने आई तनेजा राजपूत ने बताया, " फिल्म में कोई ऐसा सीन नहीं था, जिसका विरोध किया जा रहा है। बल्कि फिल्म में राजपूत समाज के गौरव को दिखाया गया है कि कैसे वह महिलाओं का सम्मान करते हैं।"

-"मैं तो कहती हूं कि यह फिल्म एक बार करणी सेना वालों को भी देखनी चाहिए। यह फिल्म और भी अच्छी हो सकती थी अगर इसमें से सीन्स को हटाया नहीं गया होता।"

-वहीं, लक्ष्मन ने बताया, "फिल्म अच्छी है, लेकिन संजय लीला भंसाली कि अन्य फिल्मों के मुकाबले यह फिल्म फीकी है। इसकी स्टोरी और गाने भी कुछ ज्यादा प्रभावित नहीं लगे। लेकिन हां, फिल्म में दीपिका और शाहिद कपूर की एक्टिंग बहुत बहतरीन है। फिल्म में कोई भी सीन या डायलॉग ऐसा नहीं है जिसको लेकर विरोध किया जा सके।"

-डीएलएफ मॉल सेक्टर-18 में फिल्म देखने आए मो. याकीब ने कहा, "फिल्म का लंबे समय से इंतजार था और उत्सुकता भी इसे देखने को थी। फिल्म मुझे बहुत अच्छी लगी है। मैं तो कहूंगा कि इस फिल्म को लोगों को देखना चाहिए। इस फिल्म से लोगों को राजपूत समाज के बारे में बहुत सी बातें जानने को मिलेंगी।"