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पिता मिनिस्टर तो ससुर सांसद रहे, फिर भी इतनी टॉर्चर हुई थी ये लड़की

पूर्व सांसद और बीजेपी नेता नरेंद्र कश्यप बहू को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दोषी करार दिए गए हैं।

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 10:00 PM IST
पूर्व सांसद और बीजेपी नेता नरेंद्र कश्यप बहू की मौत 6 अप्रैल 2016 में हुई थी। पूर्व सांसद और बीजेपी नेता नरेंद्र कश्यप बहू की मौत 6 अप्रैल 2016 में हुई थी।

गाजियाबाद. पूर्व सांसद और बीजेपी नेता नरेंद्र कश्यप बहू को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दोषी करार दिए गए हैं। उनकी पत्नी देवेंद्री और बेटे सागर को भी मामले में दोषी करार दिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अरेस्ट कर डासना जेल भेज दिया है। बता दें, नरेंद्र की बहू हिमांशी का शव 6 अप्रैल 2016 को ससुराल में बाथरूम में बरामद हुआ था। DainikBhaskar.com आपको इस मामले के एक-एक पहलू के बारे में बताने जा रहा है।

क्‍या था पूरा मामला
- यूपी के गाजियाबाद जिले के कवि नगर इलाके के संजय नगर सेक्टर-23 में नरेंद्र कश्‍यप की फैमिली रहती है। बड़े बेटे डॉक्टर सागर की शादी हिमांशी से हुई थी।

- 6 अप्रैल 2016 को हिमांशी का शव बाथरूम में मिला था। उसके हाथ में रिवाॅल्वर भी बरामद हुई थी, जोकि पति सागर की थी।

- ससुरालवालों ने बताया था, बहू ने बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर खुद को गोली मार ली। उसे तुरंत यशोदा अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

- हिमान्शी की शादी 27 नवंबर 2013 में हुई थी। उसने यूपी के बदायूं से पढ़ाई की थी। पिता हीरा लाल कश्यप पिछली बसपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री थे। उन्होंने ससुरालवालों के ख‍िलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कराया था।

पिता ने बताई थी बेटी की मौत की ये वजह

- हिमान्शी के पिता हीरा लाल कश्यप ने dainikbhaskar.com से बातचीत में कहा था, ''मैंने शव देखा तो बेटी के शरीर पर चोटों के निशान थे। आंखों में घूसे मारे गए थे, नाक टूटी थी, गाल लाल थे और बाल खींचे गए थे। सिर की हड्डी टूटी हुई थी। दो-दो गोली मारी गई थी।''
- ''हाथ मोड़ कर टेढ़े कर दिए गए थे। बेटी गाय की तरह थी, लेकिन उसे दहेज के लिए मार दिया। ससुरालवाले फॉर्च्यूनर कार और हार मांग रहे थे। बड़ी दर्दनाक तरीके से मारा उसे।''
- ''25 मार्च 2016 को बेटी आख‍िरी बार जब घर आई थी तो उसने बताया था कि दहेज के लिए हमेशा मार पड़ती है। पति भी पताड़ित करता है। उसके कुछ दिन पहले ही सागर ने उसे इतना मारा था कि कान में गंभीर चोटें आई थीं, जिसका इलाज चल रहा था।''
- ''वह ससुराल नहीं जाना चाहती थी, लेकिन मेरे समझाने के बाद गई। मैंने उससे कहा था कि कुछ दिन रुक जा, मैं कार दे दूंगा। वो बस मुझसे यही कहती थी, पापा मुझे यहां से ले चलो, ये लोग बहुत परेशान करते हैं।''

- ''दोष‍ियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और बेटी को न्याय नहीं मिला तो परिवार के साथ संसद के सामने आत्मदाह कर लूंगा।''

पहले भी 4 महीने जेल रह चुके हैं बीजेपी नेता

- नरेंद्र कश्यप इससे पहले दहेज हत्या के केस 4 महीने डासना जेल में बंद थे। जुलाई 2017 में वह रिहा हुए थे। इस मामले में इनकी पत्नी देवेंद्री, बेटे सागर और सिद्धार्थ, दो ननद भी आरोपी हैं। इन पर आईपीसी की धारा 304 बी और 398 A के तहत मुकदमा दर्ज है।

पिता हीरा लाल कश्यप बसपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री थे। पिता हीरा लाल कश्यप बसपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री थे।
हिमान्शी के पिता ने कहा था, मैंने शव देखा तो बेटी के शरीर पर चोटों के निशान थे। आंखों में घूसे मारे गए थे, नाक टूटी थी, गाल लाल थे और बाल खींचे गए थे। हिमान्शी के पिता ने कहा था, मैंने शव देखा तो बेटी के शरीर पर चोटों के निशान थे। आंखों में घूसे मारे गए थे, नाक टूटी थी, गाल लाल थे और बाल खींचे गए थे।
हिमांशी के पिता ने आरोप लगाया था, ससुरालवाले फॉर्च्यूनर कार और हार मांग रहे थे। इसलिए बेटी को मार दिया। हिमांशी के पिता ने आरोप लगाया था, ससुरालवाले फॉर्च्यूनर कार और हार मांग रहे थे। इसलिए बेटी को मार दिया।
आरोपी नरेंद्र कश्यप पत्नी देवेंद्री के साथ। आरोपी नरेंद्र कश्यप पत्नी देवेंद्री के साथ।
हिमांशी का पति सागर। इसी की रिवाॅल्वर से हिमांशी को गोली लगी थी। हिमांशी का पति सागर। इसी की रिवाॅल्वर से हिमांशी को गोली लगी थी।
हिमांशी ने अपने पिता से ससुराल न जाने की बात कही थी। उसने कहा था कि पति और ससुरालवाले बहुत मारते हैं। हिमांशी ने अपने पिता से ससुराल न जाने की बात कही थी। उसने कहा था कि पति और ससुरालवाले बहुत मारते हैं।