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दर्द से चीखती रही प्रेग्नेंट-गिड़गिड़ाते रहे परिजन, डॉक्टर ने नहीं दी एम्बुलेंस

मुजफ्फरनगर में डॉक्टरों की लापरवाही से एक नवजात ने दम तोड़ दिया।

Dainik Bhaskar

Jan 23, 2018, 11:27 AM IST
पीड़ित परिवार का आरोप है- दर्द से वो चीख रही थी, हमने सीएचसी में खड़ी 102 एम्बुलेंस मांगी तो डॉक्टरों ने देने से मना कर दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है- दर्द से वो चीख रही थी, हमने सीएचसी में खड़ी 102 एम्बुलेंस मांगी तो डॉक्टरों ने देने से मना कर दिया।

मुजफ्फरनगर(यूपी). यहां सोमवार रात एक प्रेग्नेंट महिला को लेकर परिजन सीएचसी पहुंचें। हालत ज्यादा क्रिटिकल होने पर डॉक्टरों ने महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। तभी परिवारवालों ने 102 एम्बुलेंस की मांग की, लेकिन डॉक्टरों ने इनकार कर दिया। वो दर्द से चीखती रही, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। आरोप है, ''डॉक्टरों ने कहा कि 108 पर कॉल करिए, यहां से एम्बुलेंस नहीं दी जाएगी। उनकी लापरवाही की वजह से बच्चे की मौत हुई है।'' आगे पढ़िए पूरा मामला...

- मामला मोरना ब्लॉक के रुड़कली गांव का है। यहां सोमवार को 9:30 बजे गर्भवती महिला महराना को परिजन 102 नंबर एम्बुलेंस से लेकर सीएचसी पहुंचे।

- महिला के जेठ इंतजार का कहना है, ''सीएचसी के डॉक्टरों ने ठीक से नहीं देखा। तबियत बिगड़ती देख मरीज को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।''
- पीड़ित परिवार का आरोप है, ''दर्द से वो चीख रही थी, हमने सीएचसी में खड़ी 102 एम्बुलेंस मांगी तो डॉक्टरों ने देने से मना कर दिया। हम गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उन्होंने एक न सुनी और कह दिया कि 108 नंबर पर फोन करो। तकरीबन 45 मिनट बाद एम्बुलेंस पहुंची। कुछ दूसरी तक पहुंचे ही रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया।''

क्या कहना है जिम्मेदारों का ?
- मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीएस मिश्रा का कहना है, ''खुद मोरना सीएचसी जाकर जांच करेंगे और इस मामले में सख्त कार्यवाही होगी।''

पीड़ित परिवार का आरोप है-हम गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उन्होंने एक न सुनी और कह दिया कि 108 नंबर पर फोन करो। पीड़ित परिवार का आरोप है-हम गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उन्होंने एक न सुनी और कह दिया कि 108 नंबर पर फोन करो।
तकरीबन 45 मिनट बाद एम्बुलेंस पहुंची। कुछ दूसरी तक पहुंचे ही रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया। तकरीबन 45 मिनट बाद एम्बुलेंस पहुंची। कुछ दूसरी तक पहुंचे ही रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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पीड़ित परिवार का आरोप है- दर्द से वो चीख रही थी, हमने सीएचसी में खड़ी 102 एम्बुलेंस मांगी तो डॉक्टरों ने देने से मना कर दिया।पीड़ित परिवार का आरोप है- दर्द से वो चीख रही थी, हमने सीएचसी में खड़ी 102 एम्बुलेंस मांगी तो डॉक्टरों ने देने से मना कर दिया।
पीड़ित परिवार का आरोप है-हम गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उन्होंने एक न सुनी और कह दिया कि 108 नंबर पर फोन करो।पीड़ित परिवार का आरोप है-हम गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उन्होंने एक न सुनी और कह दिया कि 108 नंबर पर फोन करो।
तकरीबन 45 मिनट बाद एम्बुलेंस पहुंची। कुछ दूसरी तक पहुंचे ही रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया।तकरीबन 45 मिनट बाद एम्बुलेंस पहुंची। कुछ दूसरी तक पहुंचे ही रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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