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न‍िकारी कांड: 'नर पिशाच' कोली की रीढ़ की हड्डी में हुआ दर्द, MRI कराने पहुंचा मेरठ

मेरठ: गाजियाबाद की डासना जेल में बंद कोली को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मेरठ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एमआरआई कराया।

Dainik Bhaskar

Dec 21, 2017, 10:30 PM IST
र‍ीढ़ की हड्डी और स‍िर में दर्द होने पर मेरठ में कराया गया एमआरआई। र‍ीढ़ की हड्डी और स‍िर में दर्द होने पर मेरठ में कराया गया एमआरआई।

मेरठ. निठारी कांड का आरोपी 'नर पिशाच' सुरेंद्र कोली को जेल में रीढ़ की हड्डी और सिर दर्द की परेशानी हो रही है। ऐसे में गुरुवार को गाजियाबाद की डासना जेल में बंद कोली को जेल प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मेरठ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एमआरआई कराया। कड़ी सुरक्षा में बेहद गोपनीय ढंग से लाया गया...


- जानकारी के मुताबिक, सुरेंद्र कोली को गाजियाबाद जेल प्रशासन ने बेहद ही गोपनीय ढंग से कड़ी सुरक्षा के बीच एमआरआई कराने के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा।
- यहां उसका संबंधित विभाग में डॉक्टरों ने एमआरआई किया। विभागाध्यक्ष डॉ. यास्मीन ने बताया, सुरेंद्र कोली को सिरदर्द और रीढ़ की हड्डी में दर्द की शिकायत है।
- शिकायत के आधार पर उसके ब्रेन और रीढ़ की हड्डी का एमआरआई कराया गया है। एमआरआई रिपोर्ट तैयार कर गाजियाबाद जेल प्रशासन को भेजी जाएगी।
- वहीं, मेडिकल अस्पताल के सीएमएस डॉ. अजित चौधरी ने बताया, सुरेंद्र कोली को कड़ी सुरक्षा के बीच यहां लाया गया था।
- मेडिकल अस्पताल में उसकी जरूरी जांच होने के बाद पुलिस उसे वापस गाजियाबाद लेकर चली गई।
- सीएमएस डॉ. अजित चौधरी के मुता​बिक, अभी उसकी एमआरआई रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है। रिपोर्ट तैयार होने पर ही उसकी बीमारी के बारे में बताया जा सकेगा।


क्या है पूरा मामला?
- घटना 5 अक्टूबर 2006 की है। विक्टिम पिंकी सरकार नोएडा के निठारी में मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के सामने से गुजर रही थी, तभी कोली ने उसे अगवा कर लिया। उसके साथ रेप किया गया फिर कोली ने उसकी हत्या कर दी। सिर काटकर पंढेर के घर के पीछे फेंक दिया। सीबीआई ने विक्टिम की खोपड़ी बरामद कर ली थी।
- खोपड़ी का डीएनए विक्टिम के माता-पिता के डीएनए से मैच हो गया था। कोली के पास बरामद विक्टिम के कपड़ों की पहचान भी उसके माता-पिता ने की थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पंढेर इस पूरी आपराधिक साजिश में शामिल था।
- पुलिस ने 29 दिसंबर 2006 को नोएडा के निठारी स्थित पंढेर के घर के पीछे नाले से 19 कंकाल बरामद किए थे। इनमें ज्यादातर बच्चों के थे।
- जांच में पता चला कि पंढेर और कोली बच्चों को और युवतियों को अगवा करके उनसे रेप करते, फिर उन्हें मार देते थे।


कैसे सामने आया मामला?
- 7 मई 2006 को पायल नाम की एक लड़की रिक्शे से पंढेर के घर आई। उसने रिक्शेवाले को लौटकर पैसे देने को कहा।
- काफी देर तक जब वो नहीं लौटी तो रिक्शेवाले ने कोठी का दरवाजा खटखटाया। वहां कोली ने उसे बताया कि पायल वहां से जा चुकी है। रिक्शेवाले ने कहा कि वह यहीं खड़ा था, पायल बाहर नहीं आई।
- यह बात पायल के माता-पिता को पता चली तो उन्होंने बेटी के लापता होने की एफआईआर दर्ज करवाई।
- पुलिस को पता चला कि पायल के पास एक मोबाइल था, जो स्विच ऑफ बता रहा था। पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल निकाली और इससे मिले सुराग के आधार पर पंढेर की कोठी पर छापा मारा। पुलिस को यहां से बच्चों की हड्डियां और अंग मिले तो इस कांड का खुलासा हुआ।

गाज‍ियाबाद के डासना जेल में बंद है सुरेंद्र कोली। गाज‍ियाबाद के डासना जेल में बंद है सुरेंद्र कोली।
कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया मेरठ। कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया मेरठ।
कोली की एमआरआई करती डॉक्टर। कोली की एमआरआई करती डॉक्टर।
डॉक्टर बोले- र‍िपोर्ट आने के बाद पता चलेगी सही बीमारी। डॉक्टर बोले- र‍िपोर्ट आने के बाद पता चलेगी सही बीमारी।
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र‍ीढ़ की हड्डी और स‍िर में दर्द होने पर मेरठ में कराया गया एमआरआई।र‍ीढ़ की हड्डी और स‍िर में दर्द होने पर मेरठ में कराया गया एमआरआई।
गाज‍ियाबाद के डासना जेल में बंद है सुरेंद्र कोली।गाज‍ियाबाद के डासना जेल में बंद है सुरेंद्र कोली।
कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया मेरठ।कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया मेरठ।
कोली की एमआरआई करती डॉक्टर।कोली की एमआरआई करती डॉक्टर।
डॉक्टर बोले- र‍िपोर्ट आने के बाद पता चलेगी सही बीमारी।डॉक्टर बोले- र‍िपोर्ट आने के बाद पता चलेगी सही बीमारी।
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