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बॉडी के साथ बंद रूम में 24Hr बैठी रही Wife, मंजर देख छलके आंसू

पुलिस-मोहल्ले वाले मकान के दरवाजे को तोड़कर अंदर पहुंचे तो अंदर का नजारा देखने के बाद सभी की आंखों में आंसू आ गए।

Danik Bhaskar | Dec 18, 2017, 06:12 PM IST
मोहल्ले वालों के मुताबिक- दरवा मोहल्ले वालों के मुताबिक- दरवा

मुजफ्फरनगर. यूपी के मुजफ्फरनगर में सोमवार शाम एक दर्दनाक नजारा देखने को मिला। एक मकान का दरवाजा रविवार दोपहर से (करीब 24 घंटे) से बंद था। जब मोहल्ले वालों ने पुलिस को इसकी सूचना दी तो दरवाजा तोड़ा गया। दरवाजा खुलते ही अंदर का मंजर देख सब शॉक्ड हो गए।

ये था पूरा मामला...
- मामला नई मंडी थाना क्षेत्र के आदर्श कॉलोनी का है। यहां एक मकान के बंद होने की खबर पुलिस को मोहल्लेवालों ने दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मकान का दरवाजा अंदर से बंद था।
- पुलिस ने आसपास के रहने वालों से जानकारी ली, तो पता चला कि मकान के अंदर एक बुजुर्ग दंपती आत्माराम गर्ग (78) और ओमवती (72) रहते हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें से एक गुड़गांव में नौकरी करता है, दूसरा रुड़की में।
- दोनों बेटों से पुलिस ने संपर्क किया। एक ने आने से मना कर दिया तो दूसरा आने का कहकर भी आ नहीं सका। इसके बाद दरवाजा तोड़ना पड़ा। पुलिस और मोहल्ले वाले मकान के दरवाजे को तोड़कर अंदर पहुंचे तो वहां का हाल देखने के बाद सभी की आंखों में आंसू आ गए।

आंखें नम कर देने वाला था मंजर
- मोहल्ले वालों के मुताबिक, ''दरवाजा तोड़ा गया तो हमने देखा कि आमवती जी कुर्सी पर बैठी थीं जो हैंडिकैप्ड हैं और उनके सामने आत्माराम अंकल की डेड बॉडी पड़ी थी। आंटी हैंडिकैप्ड होने की वजह से अपने पति को छू भी नहीं पा रही थीं और ना ही किसी को बुला पा रही थीं।''
- ''वहां के हालात देखने के बाद ऐसा लग रहा था कि अंकल जिस बिस्तर पर सोए थे, उस पर से अचानक नीचे गिर गए और गिरने के बाद उनकी मौत हो गई। आंटी की जब आंख खुली तो उन्होंने अपने पति को जमीन पर पड़े देखा, तो किसी तरह खि‍सककर कुर्सी पर बैठ गईं।''
- ''करीब 24 घंटे तक वो इसी इंतजार में थीं कि कोई दरवाजा खोल कर अंदर आए और उनकी मदद करे। जब तक पुलिस और मोहल्लेवासी उसकी मदद करने के लिए घर में घुसे, बहुत देर हो चुकी थी।''

क्या कहती है पुलिस?
- ओमबीर सिंह (एसपी सिटी) के मुताबिक, यहां एक बुजुर्ग दंपती रहते थे। दो बेटे हैं जो बाहर नौकरी करते हैं। मंडी थाना प्रभारी ने उनको सूचना दी तो एक ने तो आने से मना कर दिया। दूसरे ने कहा कि मेरे आने पर ही दरवाजा खोलना, लेकिन वो नहीं आया। इसके बाद पुलिस और लोगों ने दरवाजा तोड़ा। महिला वो शव के पास बैठी हुई थीं, उन्हें हॉस्प‍िटल भेजा गया है।

बुजुर्ग ओमवती ने कहा- मैं तो हर दिन की तरह सो रही थी
- ओमवती के मुताबिक, ''गेट तो बंद थे, मुझे तो कुछ पता नहीं चला। मैं वहां सोई थी, उसके बाद कुर्सी पर बैठ गई। मैंने इनसे बहुत कहा कि नीचे क्यों सो रहे हो, लेकिन ये सोते रहे। कोई जवाब नहीं दिया। हम दीवान पर साथ में सोते थे। मैं दीवार की तरफ थी। जब पुलिस वाले आए, तब पता चला कि ये अब इस दुनिया में नहीं हैं। बाकी कुछ नहीं पता।''