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निठारी कांड: 9वें केस में पंढेर और कोली को फांसी की सजा, कोली की आंखों में आए आंसू

सबसे ज्यादा 9 बार कोली को फांसी की सजा सुनाई गई है।वही, पंढेर को 3 बार फांसी की सजा सुनाई गई है।

Danik Bhaskar | Dec 08, 2017, 03:19 PM IST
सीबीआई ने कोली पर 35 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। सीबीआई ने कोली पर 35 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

गाजियाबाद. सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड के नौवें मामले में कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और नौकर सुरेन्द्र कोली को फांसी की सजा सुनाई है। सीबीआई कोर्ट ने कोली पर 35 हजार और मोनिंदर सिंह पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। सबसे ज्यादा बार कोली को फांसी...

- इससे पहले गुरुवार को कोली और पंढेर को दोषी करार दिया गया था। कड़ी सुरक्षा के बीच में दोनों को सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। इस मामले में आरोपी नौकर सुरेन्द्र कोली अकेला ऐसा शख्स है जिसे सबसे ज्यादा बार फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है।


अंजलि मर्डर केस में सुनाई गई है सजा


- 9वां मामला मोनिंदर सिंह पंधेर के घर में काम करने वाली मेड अंजलि का है। इसकी रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। कोठी से मेड के खून से सने कपड़े बरामद किया गया था। अदालत ने 376, 302 और 201 सेक्शन में मोनिंदर सिंह पंधेर और सुरेन्द्र कोली को दोषी माना है।


पहले 8 मामलों में सुरेंद्र कोली को हुई है फांसी की सजा
-13 सितंबर 2009 को कोर्ट ने एक बच्ची की हत्या में फांसी की सजा सुनाई।
-12 मई 2010 को कोर्ट ने एक बच्ची की हत्या में फांसी की सजा सुनाई।
- 28 सितंबर 2010 को कोर्ट ने एक बच्ची की हत्या के आरोप में फांसी की सजा सुनाई।
- 22 दिसंबर 2010 को कोर्ट ने एक बच्ची के मर्डर के आरोप में फांसी सुनाई।
- 24 दिसंबर 2012 को कोर्ट ने एक बच्ची की हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई।
-7 अक्टूबर 2016 को एक महिला की हत्या के आरोप में कोर्ट ने फांसी की सजा दी।
-16 दिसंबर 2016 को कोर्ट ने एक युवती की हत्या के आरोप में फांसी की सजा सुनाई।
-24 जुलाई 2017 को सुरेंदर कोली को फांसी की सजा सुनाई गई है।


पहले मोनिंदर सिंह पंधेर को दो मामलों में हुई है सजा
-13 फरवरी 2009 को कोर्ट ने मोनिंदर सिंह पंधेर को फांसी की सजा सुनाई है।
- 24 जुलाई 2017 को मोनिंदर सिंह पंढेर को फांसी कीसजा सुनाई गई है।


कैसे सामने आया मामला ?
- 7 मई 2006 को पायल नाम की एक लड़की रिक्शे से पंढेर के घर आई। उसने रिक्शेवाले को लौटकर पैसे देने को कहा। काफी देर तक जब वो नहीं लौटी तो रिक्शेवाले ने कोठी का दरवाजा खटखटाया। वहां कोली ने उसे बताया कि पायल वहां से जा चुकी है। रिक्शेवाले ने कहा कि वह यहीं खड़ा था, पायल बाहर नहीं आई।

इस केस में मोनिंदर सिंह पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इस केस में मोनिंदर सिंह पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।