Hindi News »Uttar Pradesh »Meerut» Soap Museum Of Muzaffarnagar Special Story

शख्स के पास है 110 देशों की साबुन, घर में बना रखा है म्यूजियम

मुजफ्फरनगर के रहने वाले एक व्यक्ति को देश-विदेश के साबुन इकठ्ठा करने का शौक है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Dec 19, 2017, 11:32 AM IST

मुजफ्फरनगर (यूपी). यहां एक शख्स ने को देश-विदेश के साबुन इकठ्ठा करने का शौक है। उसने घर में ही म्यूजियम बना रखा है, जहां 110 देशों के साबुन मौजूद हैं। इन साबुन की कीमत एक पैसे से लेकर 7 हजार रुपए तक है।

32 साल से जमा कर रहे हैं साबुन


- मुजफ्फरनगर के रहने वाले जय कुमार ने बताया, मैंने सबसे पहले 'जय' नाम से साबुन खरीदा था, इसके बाद से मुझे साबुन इकठ्ठा करने का शौक लगा गया।

- करीब 32 साल से साबुन इकठ्ठा कर कर रहा हूं। घर पर ही म्यूजियम बनाया है, जहां इस समय 110 देशों की करीब 7 हजार साबुन हैं। ये साबुन 1 पैसे से लेकर 7 हजार रुपए तक की हैं।

- बता दें, जय कुमार बिजनेसमैन हैं और उनका शहर में इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान का शोरूम है।

नेचुरल साबुन का खजाना


- जय कुमार के मुताबि‍क, उनके पास नेचुरल जड़ी-बूटियों और वनस्पतियों से बने साबुनों का खजाना भी मौजूद है।
- कई साबुन विदेशों के हैं, जिनके बारे में दावा किया गया है कि ये साबुन पूरी तरह नेचुरल हैं।
- जय कुमार के मुताबिक, इनमें एक साबुन ऐसा भी है, जिससे नहाने से मोटापा दूर होता है।
- प्राकृतिक पदार्थों से बने साबुनों की खासियत यही है कि इनके प्रयोग से न तो किसी तरह की एलर्जी होती और न ही आंखों में लगने पर जलन होती है।

देश-विदेश से मंगाते हैं साबुन

- जय कुमार ने बताया कि जब भी वह कहीं विदेश यात्रा पर जाते तो वहां से उस देश के खास साबुन जरूर लेकर आते हैं।
- इसके अलावा देश-विदेश में रहने वाले उनके फ्रेंड्स से भी वह वहां के देशों के साबुन मंगाते हैं।
- इन साबुनों में ऐसी साबुन भी हैं जो देखने पर किसी खिलौने के जैसा लगता है। इनमें ज्वैलरी, कैंडि‍ल की तरह दिखने वाली साबुन भी शामिल है।
- जय कुमार का दावा है कि साबुन का इतना बढ़ा कलेक्शन वर्ल्ड में किसी के पास नहीं है और न ही किसी के पास ऐसा म्यूजियम है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Meerut

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×