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पद्मावती विवाद: भंसाली-दीपिका सहित 45 लोगों के खिलाफ चलेगा केस

कोर्ट ने वादी के बयान दर्ज करने के लिए 15 दिसंबर की तिथि निश्चित की है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 22, 2017, 11:37 AM IST

पद्मावती विवाद: भंसाली-दीपिका सहित 45 लोगों के खिलाफ चलेगा केस

नोएडा. फिल्म 'पद्मावती' के डायरेक्टर, एक्टर सहित 45 कलाकारों के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर डि‍स्ट्रि‍क्ट कोर्ट में डाली गई पिटीशन एक्सेप्ट कर ली गई है। कोर्ट ने पिटीश्नर के बयान दर्ज कराने के लिए 15 दिसंबर की डेट दी है। फ‍िल्म में किया गया सती एक्ट का उल्लंघन...


- सूरजपुर डि‍स्ट्रि‍स्ट कोर्ट के वकील लखन भाटी ने बताया, ''एडवोकेट पवन चैधरी ने 'पद्मावती' फिल्म के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली, एक्ट्रेस दीपिका पादूकोण और एक्टर रणवीर सिंहशाहिद कपूर समेत 45 लोगों के खिलाफ केस चलाने को सोमवार को याचिका दी थी। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई हुई।''

- उन्होंने बताया कि फिल्म में सती एक्ट 1987 का उल्लंघन किया गया है। एक्ट के मुताबिक, सती प्रथा भारत में बैन है। इसके बावजूद इसका बढ़ाकर प्रचार किया जा रहा है। इससे एक्ट का उल्लंघन होने के साथ नई पीढ़ी पर इसका गलत असर पड़ सकता है।


क्षत्रीय समाज के लोगों ने किया विरोध


- फिल्म पद्मावती को लेकर शहर के क्षत्रीय समाज के लोगों ने नोएडा के जीआईपी मॉल में घुसकर फिल्म का विरोेध किया था। उन्होंने साफ कहा कि अगर मल्टीप्लेक्स में फिल्म लगाई गई तो इसके जिम्मेदार वह खुद होंगे।

- उन्होंने एलान किया था कि वह सिर्फ नोएडा में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में कही भी फिल्म रीलीज नहीं होने देंगे।

योगी ने कहा- भंसाली भी कम दोषी नहीं

- बता दें, मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, "कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को भी नहीं है। चाहे वह भंसाली हों या फिर कोई और। मुझे लगता है कि अगर धमकी देने वाले दोषी हैं तो भंसाली भी कम दोषी नहीं हैं, जो जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ करने के आदी बन चुके हैं। कार्रवाई होगी तो दोनों पक्षों पर समान रूप से होगी।"
- "सबको एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। मुझे लगता है कि एक-दूसरे के प्रति अच्छे भाव रखेंगे तो सौहार्द की स्थापना होगी।"

फिल्म पद्मावती को लेकर क्या आपत्ति है?


- राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच इंटीमेट सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। लिहाजा, फिल्म को रिलीज से पहले पार्टी के राजपूत प्रतिनिधियों को दिखाया जाना चाहिए।

रील V/S रियल पद्मावती का सच


- 1540 में कवि मलिक मोहम्मद जायसी ने 'पदमावत' लिखा। प्रचलित कहानी यही है कि खिलजी के आक्रमण के बाद रानी पद्मावती ने जौहर किया था।
- 1589 में हेमरतन की गोरा बादल की चौपाई में पद्मावती के जौहर की कहानी है। एक अन्य हीरामन की कथा में रानी पद्मावती को श्रीलंका की राजकुमारी बताया गया है।
- दूसरी ओर, भंसाली की फिल्म में रानी पद्मावती को पुरुषों के सामने घूमर लोकनृत्य करते दिखाया गया है। इसी पर विवाद है।


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Web Title: pdmaavti vivaad: bhnsaali shit 45 ke khilaaf kes chalane ki Petition eksept
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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