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मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान भी इस गांव में कायम था सांप्रदायिक सौहार्द, 120 साल पुरानी मस्जिद की यहां आज भी हिंदू करते हैं देखभाल

यहां नन्हेडा गांव में एक मस्जिद है जिसकी बरसों से रखवाली, मरम्मत और रखरखाव का काम हिंदू करते हैं

Danik Bhaskar | Sep 10, 2018, 12:46 PM IST
रामवीर कश्यप वीरान मस्जिद में रामवीर कश्यप वीरान मस्जिद में

मुजफ्फरनगर. यहां हुए सांप्रदायिक दंगों के 5 साल बीत चुके हैं। कई लोगों के जख्म अभी भरे नहीं। लेकिन, नफरत के बीच यहां एक ऐसा गांव भी है जो दंगों के दौरान भी सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करता है। जिले के भोपा थाना क्षेत्र के नन्हेडा गांव में एक मस्जिद है। इसकी बरसों से रखवाली, मरम्मत और रखरखाव का काम हिंदू करते आ रहे हैं। आज भी वह परंपरा बदस्तूर कायम है।

25 साल से कर रहे मस्जिद की देखभाल: नन्हेडा गांव की आबादी लगभग 3500 है। जाट बाहुल्य इस गांव में 120 साल पुरानी मस्जिद है। इसकी देखरेख रामवीर कश्यप करते हैं। रामवीर प्रतिदिन मस्जिद में झाडू लगाकर साफ सफाई करते हैं। ईद पर मस्जिद की पुताई रंगाई भी होती है। कश्यप ने बताया कि 1995 से वह मस्जिद की देखरेख कर रहे हैं। रामवीर ने मस्जिद की मरम्मत भी करवाई। आसपास के मुस्लिम यहां आकर नमाज पढ़ते हैं।

दंगों में रात में जागकर की सुरक्षा: ग्राम प्रधान दारा सिंह बताते हैं कि जब 2013 में मुजफ्फरनगर में दंगा हुआ था तो हर गांव में तनाव था। लेकिन यहां हिंदू रात में जागकर मस्जिद की सुरक्षा में लगे थे। रामवीर ने बताया कि ग्रामीण नहीं चाहते थे कि उनके आश्रय में किसी दूसरे धर्म के धार्मिक स्थान को कोई नुकसान पहुंचे। रामवीर कश्यप सभी धर्मों की मान्यताओं का आदर करने में विश्वास रखते हैं। इंसानियत, भाईचारे, मानव सेवा व सर्वधर्म सम्भाव को अपना आदर्श मानने वाले रामवीर कश्यप वीरान मस्जिद में रोज मोमबत्ती जलाकर रोशनी करते हैं और अगरबत्ती जलाकर प्रेम सुगन्ध बिखेर रहे हैं।