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बागपत. पूर्वांचल के माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। सोमवार को सीबीआई ने बागपत जेल पहुंचकर अधिकारियों से पूछताछ की। मुन्ना बजरंगी की साल 2018 में बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पत्नी सीमा सिंह की अर्जी पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 फरवरी को केस की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए थे।
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एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव का कहना कि सीबीआई की जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। सीबीआई ने खेकड़ा थाने में मुकदमे से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल की है।
बड़ौत के पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित व उनके भाई नारायण दीक्षित से रंगदारी मांगने के मामले में झांसी जेल में बंद माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी को बी-वारंट पर अदालत में पेश करने के लिए आठ जुलाई 2018 को पुलिस बागपत लेकर आई थी। 9 जुलाई की सुबह करीब 6.30 बजे जेल में ही बजरंगी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। जेल में बंद कुख्यात सुनील राठी ने बजरंगी की हत्या करना कबूल किया था। उसकी निशानदेही पर जेल के सेफ्टी टैंक से एक पिस्टल, दो मैग्नीज व 22 कारतूस बरामद हुए थे।
खेकड़ा थाने में तत्कालीन जेलर यूपी सिंह ने अभियुक्त सुनील राठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह, रिटायर्ड डिप्टी एसपी जेएम सिंह, प्रदीप उर्फ पीके (बेटा जेएम सिंह), महराज सिंह व विकास उर्फ राजा पर पति की हत्या की साजिश का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने सुनील राठी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। वहीं अन्य आरोपितों को क्लीन चिट दे दी थी।
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