उप्र / मुरादाबाद के तीन छात्रों ने तैयार की खास सैंडल; छेड़छाड़ पर मनचलों को करंट का देगी झटका



ड्रोन के साथ छात्र। ड्रोन के साथ छात्र।
up news moradabad three Students of an engineering college claim to have invented a sandal-drone security system equippe
इलेक्ट्रानिक चिपों से लैस सैंडल। इलेक्ट्रानिक चिपों से लैस सैंडल।
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ड्रोन के साथ छात्र।ड्रोन के साथ छात्र।
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इलेक्ट्रानिक चिपों से लैस सैंडल।इलेक्ट्रानिक चिपों से लैस सैंडल।
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  • मुरादाबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के तीन छात्रों ने डेढ़ साल की मेहनत से तैयार किया प्रोजेक्ट
  • सैंडल को जीपीएस व ड्रोन कैमरे से जोड़ा, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मिली नई पहचान

Jun 04, 2019, 05:29 PM IST

मुरादाबाद. यहां मुरादाबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी) के तीन छात्रों ने एक खास सैंडल तैयार की है। दावा है कि, छेड़खानी की घटना होने पर शोहदे को करंट का देकर गिरा देगी। इसके बाद आसानी से उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया जा सकेगा। छात्रों ने इस प्रोजेक्ट को द फ्लाइंग कॉप एंड वुमेन डिफेंस सिस्टम नाम दिया है। इस सिस्टम को जीपीएस व ड्रोन कैमरे से भी जोड़ा गया है। 

 

प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगा डेढ़ साल

प्रोजेक्ट को कॉलेज के बीटेक अंतिम बर्ष के छात्र दिवाकर शर्मा, छात्रा आशी अग्रवाल और अनुज कुमार ने गाइड डॉक्टर अमित सक्सेना के नेतृत्व में तैयार किया है। दिवाकर शर्मा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में डेढ़ साल लगे हैं। इस सैंडल को पहने महिला या लड़की के साथ यदि कोई छेड़खानी की घटना होती है तो शोहदे को जोरदार करंट लगेगा और वह गिर जाएगा। 

 

राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रोजेक्ट चयनित

सैंडल में सिम, जीपीएस, दो पिन और आर्डिनो (मशीनरी को एक्टिव करने के लिए) लगा है। इसी सिस्टम के साथ ड्रोन को भी जोड़ा गया है। सैंडल में लगे जीपीएस मोबाइल सिम की मदद से छात्राओं के घर पर परिजनों को छात्रा की लोकेशन और छेड़छाड़ करने वाले की फोटो मिल जाएगी। यह प्रोजेक्ट टेक्सास इंस्ट्रूमेंट द्वारा कराई गई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में चयनित हो चुका है। छात्रों की इच्छा है कि, इस सैंडल को बाजार में उतारा जाए, ताकि महिलाएं कहीं भी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

 

कॉलेज के प्रोफेसर छात्रों की सफलता पर खुश

छात्र छात्राओं की मेहनत के सफल होने से कॉलेज के शिक्षक भी बहुत खुश हैं। प्रोफेसर डॉक्टर अखिलेश शुक्ला का का कहना है कि प्रोजेक्ट को मार्केट में उतारने में पूरी मदद करेंगे। यह प्रोजेक्ट महिलाओं और छात्राओं के लिए बहुत जरूरी है। 

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