--Advertisement--

पूरी दुनिया देखेगी इस सोलर प्लांट का दम, ये है इसकी खासियत

फ्रांस के राष्ट्रपति पीएम मोदी की मौजूदगी में मिर्जापुर में यूपी के सबसे बड़े सोलर प्लांट का इनॉग्रेशन करेंगे।

Danik Bhaskar | Mar 11, 2018, 12:15 AM IST
मैक्रों और मोदी सोलर प्लांट का इनॉग्रेशन करते हुए। मैक्रों और मोदी सोलर प्लांट का इनॉग्रेशन करते हुए।

मिर्जापुर. फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुअल मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ मिलकर सोमवार को यूपी के मिर्जापुर में प्रदेश के सबसे बड़े सोलर एनर्जी प्लांट का इनॉग्रेशन किया। इस दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाइक व अन्य लोग मौजूद रहे। 100 मेगावाट क्षमता वाला यह सोलर एनर्जी प्लांट, मिर्जापुर जिले के दादर कला गांव में लगाया गया है। इस मौके पर प्रोजेक्ट ऑपरेटर प्रकाश ने Dainikbhaskar.com से कुछ बातें शेयर कीं। 18 महीने में बनकर हुआ तैयार...

- फ्रांस की कंपनी एनवॉयर सोलर प्राइवेट लिमिटेड और नेडा की मदद से यह सोलर प्लांट तैयार किया गया है।

- प्रोजेक्ट ऑपरेटर ने बताया, 382 एकड़ जमीन में लगे इस प्लांट की लागत 650 करोड़ रुपए है।

- इसमें सूर्य की रोशनी के साथ एनर्जी जनरेट होगी और रोशनी खत्म होते ही प्लांट अपने आप बंद हो जाएगा।

- इसका स्विच बंद करने या चालू करने की जरूरत नहीं होगी।
- प्लांट में कुल 3 लाख 18 हजार 650 सोलर प्लेट्स लगाए गए हैं। हर सोलर प्लेट 315 वाट बिजली बनाएगी।

- हर दिन 1.5 लाख घरों को बिजली देने की कैपेसिटी है। रोजाना 5 लाख यूनिट का उत्पादन होगा।

- मिर्जापुर में प्रतिदिन 40 लाख यूनिट की खपत है।

- जानकारी के मुताबिक, 250 वर्कर और 20 से ज्यादा इंजीनियर्स की मदद से 18 महीने में इसे तैयार किया गया है।
- खास बात यह है कि इस प्लांट को लगाने में उपजाऊ जमीन का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
- इस पावर प्लांट को 'जिग्ना पावर हाउस' से कनेक्ट किया गया है। यहां प्लांट से 2 किमी दूर है
- यहां से बिजली मिर्जापुर ए और बी ब्लॉक में बांटकर दी जाएगी। बची बिजली इलाहाबाद को भी दी जाएगी।

- तुषार मलिक पोजेक्ट मैनेजर ने बताया, हमारा टारगेट 18 से 20 हजार घरों में बिजली पहुंचाने का है।

- 5 लाख यूनिट पर डे सप्लाई करेंगे। पावर हाउस की कैपेसिटी 75 मेगावाट है। बाकी इलाहाबाद को सप्लाई होगी।

बुनियादी सुविधाओं को तरस रहा गांव

- गांव प्रधान विजय कुमार बिंद के मुताबिक, दादर कला गांव में चार-पांच लोग ही ग्रेजुएट हैं।
- 3 हजार आबादी वाले इस गांव में शिवशंकर पाल नाम का शख्स ही केवल सरकारी नौकरी में है। बाकी रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं।
- गांव में केवल एक ही प्राइमरी और जूनियर हाई स्कूल है।
- इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ केंद्र, बैंक, पोस्ट ऑफिस जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं।

- ऐसे में यहां के लोग पावर प्लांट के उद्घाटन से गांव की बेहतरी उम्मीद लगाए हुए हैं।

खेती के भरोसे लोग
- प्रधान के मुताबिक, गांव के अधिकांश लोग खेती-मजदूरी पर निर्भर हैं।
- वहीं, सिंचाई का साधन नहीं होने पर यहां के लोग बारिस के भरोसे खेती करते हैं।
- यहां करीब 50 एकड़ जमीन में सब्जी और फूलों की खेती की जाती है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सोमवार को पीएम की मौजूदगी में प्रदेश के सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट का इनॉग्रेशन करेंगे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सोमवार को पीएम की मौजूदगी में प्रदेश के सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट का इनॉग्रेशन करेंगे