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जया बच्चन ने किया नामांकन, सहाराश्री के लिए डिंपल ने छोड़ी कुर्सी; बोलीं- मुझे डांट पड़वाएंगे क्या

दो अप्रैल को खत्म हो रहा है जया बच्चन का कार्यकाल।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Mar 09, 2018, 09:29 PM IST

  • जया बच्चन ने किया नामांकन, सहाराश्री के लिए डिंपल ने छोड़ी कुर्सी; बोलीं- मुझे डांट पड़वाएंगे क्या
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    जया बच्चन इससे पहले 2004, 2006 और फिर 2012 में समाजवादी पार्टी से अपर हाउस के लिए चुनी गई थीं।

    लखनऊ. राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) की राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। जया शुक्रवार को लखनऊ पहुंची और विधानभवन के सेंट्रल हाल में पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर डिंपल यादव, किरणमय नंदा, सुब्रत राय सहारा, सपा सरकार में मंत्री रहे मनोज पांडेय, राजेंद्र चौधरी मौजूद रहे। हालांकि इस मौके पर अखिलेश यादव मौजूद नहीं थे। वो उपचुनाव के प्रचार के लिए फूलपुर में हैं। वहीं, शिवपाल यादव भी मौजूद नहीं थे। आपको बता दें कि सपा ने कई बड़े दावेदारों की दावेदारी को नकारते हुए जया बच्चन को ही राज्यसभा में भेजने का फैसला किया था।

    सुब्रत राय सहारा के लिए डिंपल यादव ने छोड़ी कुर्सी

    - नामांकन के दौरान के डिंपल यादव ने सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत राय सहारा के लिए अपनी कुर्सी छोड़कर उन्हें बैठाया जबकि, किरणमय नंदा जया बच्चन के बगल में बैठे थे। वहीं, जब जया बच्चन नामांकन के लिए विधानभवन पहुंचीं थी तब सुब्रत राय सहारा और डिंपल यादव भी साथ थीं।

    - सुब्रत राय बैठने से मना करते रहे इस दौरान डिंपल ने कहा कि मुझे डांट पड़वाएंगे क्या? जिसके बाद सहाराश्री डिंपलके बगल की कुर्सी में बैठे।

    - नामांकन कक्ष में सुब्रत राय पहले पीछे खड़े थे बाद में डिंपल यादव ने उन्हें देखकर कुर्सी में बैठने को कहा। वहीं, नामांकन के दौरान केवल अखिलेश यादव के करीबी ही पहुंचे थे। नरेश अग्रवाल भी यहां मौजूद नहीं थे।

    मुलायम के करीबी हैं सुब्रत राय सहारा

    - सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत राय सहारा मुलायाम सिंह यादव और अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं। लखनऊ में उनके द्वारा आयोजित पार्टियों में अखिलेश यादव के समेत कई बड़े नेता दिखाई दे चुके हैं।

    क्या है सहारा समूह का विवाद?
    - सहारा ग्रुप की 2 कंपनियों-सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SIRECL) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SHICL) ने रियल एस्टेट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 3 करोड़ से ज्यादा इन्वेस्टर्स से 17,400 करोड़ रुपए जुटाए थे।
    - सितंबर, 2009 में सहारा प्राइम सिटी ने आईपीओ लाने के लिए सेबी के पास दस्तावेज जमा किए, जिसके बाद सेबी ने अगस्त 2010 में दोनों कंपनियों की जांच के आदेश दिए थे।
    - कंपनियों में गड़बड़ी मिलने पर विवाद बढ़ता गया और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की दोनों कंपनियों को निवेशकों के 36 हजार करोड़ रुपए लौटाने का आदेश दिया।

    क्या कहा जया बच्चन ने

    - नामांकन के बाद जया बच्चन ने कहा कि पार्टी के सभी नेताओं और नेताजी का बहुत बहुत शुक्रिया। वहीं, नरेश अग्रवाल और किरणमय नंदा की जगह टिकट मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि

    मैं भी सीनियर हूं और किरणमय नंदा जी साथ में ही हैं। दरअसल उनसे पूछा गया था कि सीनियर नेताओं को दरकिनार कर आपकरो टिकट दिया गया है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि क्या मैं सीनियर नहीं हूं।

    - नामांकन करने के बाद जया बच्चन ने डिम्पल यादव, किरनमय नंदा और सुब्रत राय सहारा समेत सभी पदाधिकारियों के साथ मुलाकात की।

    - आपको बता दें कि जया बच्चन को राज्यसभा भेजे जाने के फैसले से नरेश अग्रवाल और किरणमय नंदा इस दौड़ से बाहर हो गए हैं। इसकी वजह है कि राज्य में एसपी के पास मौजूदा विधायकों (47) की संख्या के हिसाब से पार्टी सिर्फ एक सांसद को अपर हाउस भेज सकती है।

    - राज्यसभा में फिलहाल एसपी के छह सांसद हैं। नरेश और जया समेत सभी का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 23 मार्च को वोटिंग होनी है।

    जया से 7 गुना ज्यादा है अमिताभ की सम्पत्ति

    -जया बच्चन द्वारा दिए गए एफिडेविड के अनुसार उनके पास कुल संपत्ति एक खरब 98 करोड़ 9 लाख हैं।

    -चल संपत्ति 67 करोड़, 79 लाख 31 हजार 546 है जबकि अचल संपत्ति एक खरब 30 करोड़ 30 लाख है। कैश जया के पास 2 लाख 33 हजार 973 है।
    -वहीं उनके पति अमिताभ बच्चन के पास चल-अचल संपत्ति मिलाकर 8 खरब 3 करोड़ 54 लाख है।

    -चल सम्पत्ति अमिताभ के पास 4 खरब 71 करोड़ 4 लाख हैं तो वहीं अचल संपत्ति में तीन खरब 32 करोड़ 50 लाख हैं।

    -अमिताभ बच्चन के पास एक लाख 32 हजार 257 रुपये कैश हैं। जया और अमिताभ की कुल सम्पत्ति 10 खरब एक करोड़ 63 लाख 91 हजार 566 हैं।


    पांच साल पहले ये थी बच्चन दम्पत्ति की चल-अचल सम्पत्ति
    -नामांकन पत्र में दाखिल शपथपत्र के अनुसार बच्चन दम्पत्ति के पास तीन अरब 43 करोड़ 70 लाख 37334 रुपये की चल सम्पत्ति है जबकि 150 करोड़ रुपये की अचल सम्पत्ति है।

    - चल सम्पत्तियों में अमिताभ बच्चन के पास तीन अरब 61 लाख 07 हजार 311 रुपये की सम्पत्ति है जबकि जया बच्चन 43 करोड़ नौ लाख 30 023 रुपये की चल सम्पत्तियों की मालकिन हैं।
    -अमिताभ बच्चन के पास एक अरब एक करोड़ 60 लाख की अचल सम्पत्ति है जबकि उनकी पत्नी 48 करोड़ 56 लाख रुपये की अचल सम्पत्ति की मालकिन हैं। नामांकन पत्र में दिए गए ब्यौरे के अनुसार अमिताभ के पास जया से अधिक जेवरात हैं।

    चौथी बार राज्यसभा जाएंगी जया बच्चन
    - जया बच्चन इससे पहले 2004, 2006 और फिर 2012 में समाजवादी पार्टी से अपर हाउस के लिए चुनी गई थीं।


    यूपी से राज्यसभा जाएंगे जेटली

    - इस बीच केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी ने भी 8 राज्यों के लिए अपने राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। यूपी से केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली राज्यसभा जाएंगे।

    यूपी में कितनी सीटों पर चुनाव?
    - वैसे तो देशभर में राज्यसभा की 58 सीटों के लिए 23 मार्च को वोटिंग होगी। इसी दिन वोटों की गिनती भी होगी। 16 राज्यों की ये 58 सीटें अप्रैल और मई महीने में खाली हो रही हैं। नामांकन की अंतिम तिथि 12 मार्च है।
    - सबसे ज्यादा 10 सीटें यूपी की हैं।

    यूपी से कितने राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है?

    - एसपी की जया बच्चन, नरेश अग्रवाल, किरणमय नंदा, दर्शन सिंह यादव, मुनव्वर सलीम और आलोक तिवारी। इसके अलावा, बीजेपी के विनय कटियार, कांग्रेस के प्रमोद तिवारी और बीएसपी से एम अली का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है।
    - एक सीट मायावती की वजह से खाली हुई। उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था।

    सिर्फ एक सदस्य राज्यसभा भेज सकती हैं सपा, क्या है मजबूरी?

    - राज्यसभा की एक सीट के लिए किसी भी पार्टी के पास 38 विधायक होने जरूरी हैं। समाजवादी पार्टी के पास इस वक्त 403 में से 47 विधायक हैं। इस हिसाब से एसपी का एक ही कैंडिडेट राज्यसभा में भेजा सकता है।
    - इस एक सीट के लिए जया बच्चन के अलावा नरेश अग्रवाल और किरणमय नंदा का नाम दौड़ में सबसे आगे था। लेकिन अखिलेश यादव ने जया बच्चन को राज्यसभा भेजने का फैसला किया था।

    क्या है राज्यसभा का गणित?
    - यूपी में 403 विधानसभा सीटें हैं। राज्यसभा के चुनाव 10 सीटों के लिए होना है।
    - राज्यसभा चुनाव का फॉर्मूला है= (खाली सीटें + एक) कुल योग से विधानसभा की सदस्य संख्या से भाग देना। इसका जो जवाब आए उसमें भी एक जोड़ने पर जो संख्या होती है। उतने ही वोट एक सदस्य को राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए चाहिए।
    - यूपी की सदस्य संख्या 403 है। खाली सीट 10+1= 11। 403/ 11= 36.63। 36.63 +1= 37.63। यूपी राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए एक सदस्य को औसतन 38 विधायकों का समर्थन चाहिए।

  • जया बच्चन ने किया नामांकन, सहाराश्री के लिए डिंपल ने छोड़ी कुर्सी; बोलीं- मुझे डांट पड़वाएंगे क्या
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    जया बच्चन ने शुक्रवार को राज्यसभा के लिए पर्चा भरा।
  • जया बच्चन ने किया नामांकन, सहाराश्री के लिए डिंपल ने छोड़ी कुर्सी; बोलीं- मुझे डांट पड़वाएंगे क्या
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    अखिलेश यादव इस दौरान मौजूद नहीं थे। वो फूलपुर में चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे।
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