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सलमान नदवी ने बनाया मानवता कल्याण बोर्ड,ओवैसी जैसे लोग AIMPLB रहेंगे तो मैं नहीं रहूंगा

नदवी ने कहा कि उनके बोर्ड का ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से कोई मतलब नहीं है।

Danik Bhaskar | Mar 08, 2018, 08:22 PM IST
सलमान हुसैन नदवी ने गुरुवार (8 मार्च) को मानवता कल्याण बोर्ड की स्थापना की सलमान हुसैन नदवी ने गुरुवार (8 मार्च) को मानवता कल्याण बोर्ड की स्थापना की
लखनऊ. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) से निकाले गए सलमान हुसैन नदवी ने गुरुवार (8 मार्च) को मानवता कल्याण बोर्ड की स्थापना की। हजरतगंज स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा एक भी संगठन नहीं है जिसमें सभी धर्म के लोग शामिल हों और इसीलिए उन्होंने मानवता कल्याण बोर्ड की नींव रखी है। नदवी ने आजादी के बाद देश में हुए दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में जरूरत इस बात की है कि लोगों को मानवता की सीख दी जाए। सलमान नदवी ने कहा कि उनके बोर्ड का ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने पर्सनल लॉ बोर्ड को सिर्फ मियां बीवी के मामले देखने वाला करार दिया।
अपील की नुकसान न हो, ओवैसी रहेंगे तब हम नहीं रहेंगे
-श्री श्री रविशंकर से अपील है कि कि वह कोई ऐसा काम ना करें जिससे कोई नुकसान हो उनको हर उस इंसान से मिलना चाहिए जो बाबरी मस्जिद और राम मंदिर से जुड़े हुए लोग हैं।
-मीडिया से दरख्वास्त है कि वह मोहब्बत और भाईचारा फैलाएं ओवैसी जैसे लोग मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड में रहेंगे तो मैं नहीं रहूंगा।


कल्याण बोर्ड में हर धर्म के लोग होंगे
-मानवता कल्याण बोर्ड पर बात करते हुए नदवी ने बताया कि पूर्व मुख्य जज को इस बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जाएगा।
-इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस बोर्ड में हर धर्म के लोगों को न सिर्फ शामिल किया जाएगा, बल्कि अहम जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
-राम मंदिर विवाद पर सलमान नदवी ने अयोध्या में मस्जिद बनाने की वकालत की, लेकिन उन्होंने कहा कि मस्जिद का नाम बाबर के नाम से हो यह जरूरी नहीं।
-नदवी ने इस बात पर जोर दिया कि नौजवानों को मज़हब की जानकारी होना बहुत अहम है।



20 साल पुराना मामला, अंग्रेजी हुकूमत ने झगड़ा लगाया
-राम मंदिर का मुद्दा 20 साल पुराना है जिसके कारण अफरा-तफरी का माहौल रहा है। यह बहुत बड़ी खाई है जिसे पाठने की जरूरत है।
-अंग्रेजों की हुकूमत से पहले यहां पर सभी धर्म के लोग आपस में मिलकर रहते थे, यहां अवाम ने कभी झगड़ा नहीं किया।
-माहौल इस तरह का जब बना जब अंग्रेज यहां आए उन्होंने यहां आकर तमाम पार्टियों के कर झगड़े मजहब के झगड़े राय अंग्रेजों के बहुत से शागिर्दों रहे हैं।
-आज तक उसी रास्ते पर ले गए आजादी के बाद हमें जो शांति मिलनी चाहिए थी वह नहीं मिल सके ऐसा लग रहा है कि अब मुल्क में भाईचारा हो रहा है।
सभी धर्मगुरुओं ने इंसानियत का पैगाम दिया
- इंसानियत का पैगाम राम चंद्र ने गौतम बुद्ध ने मोहम्मद साहब ने दिया था। सभी ने पैगाम दिया है कि ईश्वर एक है उसकी पूजा होनी चाहिए अब यह जानने की जरूरत है कि कौन है वह लोग जिन्होंने इसको बांट दिया है।
-किसी मुल्क में आजादी के बाद से 25,000 फसाद हो चुके हैं जुनून पैदा करता है पैदा करने वाली कौन सी ताकत हैं आज के दिन सब एक दूसरे को खा जाना चाहते हैं तो आज के दौर में सबसे बड़ा जरूरत इस बात की है।
- इन लोगों को इंसानियत का पैगाम दिया जाए पहले इंसान बनी है फिर यहूदी ईसाई मुस्लिम हिंदू बनिय मानवता पहले है।
-तुमने अपने पहले इंसान बनना सीखो उसके बाद मंदिर मस्जिदों में जाकर बैठना अंग्रेजों के समय से आज तक कोई 4 की रिएक्शन नहीं बना।
एआईएमपीएलबी से निकाले गए सलमान नदवी
-बता दें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने रविवार (11 फरवरी) को ऐलान किया था कि मौलाना सलमान हुसैन नदवी अब उसके सदस्य नहीं हैं।
- नदवी ने बाबरी मस्जिद मामले में बोर्ड से अलग रुख अपनाया था. बोर्ड ने हैदराबाद में अपनी तीन दिवसीय बैठक के अंतिम दिन नदवी के बोर्ड से 'अलग होने' पर मुहर लगाई थी।
-इस्लामी धर्मगुरु नदवी ने आध्यात्मिक नेता श्री श्री रविशंकर से मुलाकात के बाद बीते 10 फरवरी को कहा था कि अयोध्या में जिस जगह 1992 तक बाबरी मस्जिद थी, उसे राम मंदिर के निर्माण के लिए दिया जा सकता है।


श्री श्री रविशंकर से अपील है कि कि वह कोई ऐसा काम ना करें जिससे कोई नुकसान हो उनको हर उस इंसान से मिलना चाहिए श्री श्री रविशंकर से अपील है कि कि वह कोई ऐसा काम ना करें जिससे कोई नुकसान हो उनको हर उस इंसान से मिलना चाहिए