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5th पास लेडी ने 2 गायों से शुरू किया था डेयरी उद्योग, अब राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

लखनऊ के मोहनलालगंज अंतर्गत निगोहा के मीरख नगर गांव की रहने वाली पांचवी पास बिटाना देवी डेयरी उद्योग चलाती है।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 09, 2018, 07:43 PM IST

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    राष्ट्रपति के हाथों मिले अवार्ड को दिखाते हुए बिटाना देवी

    लखनऊ. राजधानी के मोहनलालगंज अंतर्गत निगोहा के मीरख नगर गांव की रहने वाली पांचवी पास बिटाना देवी डेयरी उद्योग चलाती है। उन्होंने 28 साल पहले दो गायों से डेयरी उद्योग का काम शुरू किया था। आज वे करीब 56 हजार लीटर दूध का सलाना उत्पादन कर रही है। उन्हें लगातार दस बार 'गोकुल पुरस्कार' से भी सम्मानित किया जा चुका है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें कानपुर के चन्द्रशेखर आजाद यूनिवर्सिटी (सीएसएयू) में उन्हें 'उत्कृष्ट कृषक' अवार्ड से सम्मानित किया। दूध बेचकर अब वे अब सलाना 15 से 20 लाख रूपये तक कमा रही है। बिटाना देवी ने Dainikbhaskar.comसे बात की और अपनी अनटोल्ड स्टोरी को बयां किया।

    ऐसे बिता था बचपन

    -बिटाना देवी (60) बताती है, "मेरा जन्म रायबरेली के पास सेहगो गांव में हुआ था। पिता राम नारायण किसान थे। उनकी अब डेथ हो चुकी है। खेती से ही परिवार का खर्च चलता था। घर में दो भाई और एक बहन है। मैं उनमें सबसे छोटी हूं। हमारे गांव में लड़कियों का घर से बाहर जाकर पढ़ने को अच्छा नहीं माना जाता था।

    - मेरे पैरेंट्स भी पुराने ख्यालों के थे। उन्होंने भाइयों को तो पढ़ाया लेकिन मेरी पढ़ाई में ज्यादा इन्ट्रेस्ट नहीं दिखाया। किसी तरह मैंने पांचवी तक की पढ़ाई पूरी की।
    - मैं आगे भी पढ़ना चाहती थी लेकिन मेरे पैरेंट्स इस बात के लिए तैयार नहीं हुए। मेरी पढ़ाई छुट गई। मैं जब 15 साल की थी तभी मेरी शादी लखनऊ के निगोहा निवासी हरिनाम से कर दी गई। वे गवर्नमेंट स्कूल में टीचर है"।

    दो गायों से शुरू किया था बिजनेस


    - "1982 मेरे घर में पहला बेटा पैदा हुआ। उस टाइम बाद मेरे पिता ने बच्चे को दूध पिलाने के लिए एक दिन बछड़ (गाय का बच्चा) खरीद कर दिया। उसकी मैंने खूब सेवा की और वे बड़ी होकर 2 लीटर दूध देने लगी। कुछ दूध बेटा पिता था बाकि जो दूध का घर के लोग दही खाते थे। कुछ दिनों के बाद हमने एक और गाय खरीद ली।
    - 1990 में एक दिन मेरे घर पर पराग के प्रभारी यूवी सिंह हसबैंड से मिलने के लिए आये। उन्होंने घर में गायें बंधी हुई देखी। उन्होंने हसबैंड को गाय के साथ भैंस खरीदकर डेयरी उद्योग शुरू करने की एडवाईस दी।
    - मेरे हसबैंड ने मुझसें डेयरी उद्योग शुरू करने को कहा। मुझें भी ये आईडिया काफी पसंद आया। मैं इसके लिए राजी हो गई।

    - उसके बाद से ही हमने धीरे -धीरे गाय और भैसों खरीदना शुरू कर दिया। मेरे हसबैंड गवर्नमेंट जॉब में थे। उनके पास इस काम के लिए टाइम बिल्कुल भी नहीं था।
    - गाय -भैंस खरीदने का काम मुझें अकेले ही जाकर करना पड़ता था। कुछ लोगों ने शुरुआत में डेरी उद्योग शुरू करने पर मेरा मजाक भी उड़ाया। लेकिन मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया"।

    सलाना कर रही है इतने की कमाई


    - "मेरे पास अभी कुल 35 गाय और भैंसे है। मैं सलाना 56 हजार लीटर के करीब दूध बेच लेती हूं। दूध और खाद से हर साल 15 से 20 लाख रूपये तक कमा लेती हूं।

    - निगोहा, मोहनलालगंज, से लेकर लखनऊ के आस -पास के कई गांवों और दुकानों में मेरे डेयरी फ़ार्म से रोजाना करीब पांच हजार लीटर दूध की सप्लाई होती है।
    - मैं अपने बिजनेस को और बढ़ाना चाहती हूं। इसलिए मैंने गाय और भैंसों को खरीदने का काम जारी रखा है। हमारा लक्ष्य 100 गाय और भैंस खरीदने का है। मुझें कई बार अपने काम के सिलसिले में शहर भी जाना पड़ता है। लेकिन मैं बिल्कुल भी नहीं घबराती हूं।

    - मैं खुद ही लोगों से अपने काम के बारे में बात भी करती हूं। मैंने पहले दूध निकालने के लिए मशीन भी खरीदी थी लेकिन मुझें वो मशीन से दूध निकलना रास नहीं आया।

    - मैंने मशीन छोड़कर फिर से हाथ से दूध निकलना शुरू कर दिया। मैं रोज सुबह 5 बजे उठकर पशुओं को चारा देती हूं। उसके बाद दूध निकालने के काम में जुट जाती हूं। डेढ़ से 2 घंटे में मैं दूध निकालने का काम पूरा कर लेती हूं।

    राष्ट्रपति के हाथों मिल चुका है ये अवार्ड


    - 14 फरवरी 2018 को कानपुर के चंद्र शेखर आजाद यूनिवर्सिटी (सीएसएयू) में आयोजित एक प्रोग्राम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुझें उत्कृष्ट कृषक अवार्ड देकर सम्मानित किया था। 2015 में एक्स सीएम अखिलेश यादव ने भी 'कृषक सम्मान' से सम्मानित किया था।
    -2006 से लेकर 2016 तक 10 बार लगातार मुझें प्रदेश सरकार कि तरफ से गोकुल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

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    डेयरी फार्म में गाय का दूध निकालते बिटाना देवी

    दो गायों से शुरू किया था बिजनेस

    - "1982 मेरे घर में पहला बेटा पैदा हुआ। उस टाइम बाद मेरे पिता ने बच्चे को दूध पिलाने के लिए एक गाय का बछडा खरीद कर दिया।

    उसकी मैंने खूब सेवा की और वे बड़ी होकर 2 लीटर दूध देने लगी। कुछ दूध बेटा पिता था बाकि जो दूध का घर के लोग दही खाते थे। कुछ दिनों के बाद हमने एक और गाय खरीद ली।
    - 1990 में एक दिन मेरे घर पर पराग के प्रभारी यूवी सिंह हसबैंड से मिलने के लिए आये। उन्होंने घर में गायें बंधी हुई देखी। उन्होंने हसबैंड को गाय के साथ भैंस खरीदकर डेयरी उद्योग शुरू करने की एडवाईस दी।
    - मेरे हसबैंड ने मुझसें डेयरी उद्योग शुरू करने को कहा। मुझें भी ये आईडिया काफी पसंद आया। मैं इसके लिए राजी हो गई।

    -उसके बाद से ही हमने धीरे -धीरे गाय और भैसों खरीदना शुरू कर दिया। मेरे हसबैंड गवर्नमेंट जॉब में थे। उनके पास इस काम के लिए टाइम बिल्कुल भी नहीं था।
    - गाय -भैंस खरीदने का काम मुझें अकेले ही जाकर करना पड़ता था। कुछ लोगों ने शुरुआत में डेरी उद्योग शुरू करने पर मेरा मजाक भी उड़ाया। लेकिन मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया"।

  • 5th पास लेडी ने 2 गायों से शुरू किया था डेयरी उद्योग, अब राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
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    अपने दोनों बेटों और हसबैंड के साथ बिटाना देवी

    सलाना कर रही है इतने की कमाई


    - "मेरे पास अभी कुल 35 गाय और भैंसे है। मैं सलाना 56 हजार लीटर के करीब दूध बेच लेती हूं। दूध और खाद से हर साल 15 से 20 लाख रूपये तक कमा लेती हूं।

    - निगोहा, मोहनलालगंज, से लेकर लखनऊ के आस -पास के कई गांवों और दुकानों में मेरे डेयरी फ़ार्म से रोजाना करीब पांच हजार लीटर दूध की सप्लाई होती है।
    - मैं अपने बिजनेस को और बढ़ाना चाहती हूं। इसलिए मैंने गाय और भैंसों को खरीदने का काम जारी रखा है। हमारा लक्ष्य 100 गाय और भैंस खरीदने का है। मुझें कई बार अपने काम के सिलसिले में शहर भी जाना पड़ता है। लेकिन मैं बिल्कुल भी नहीं घबराती हूं।

    - मैं खुद ही लोगों से अपने काम के बारे में बात भी करती हूं। मैंने पहले दूध निकालने के लिए मशीन भी खरीदी थी लेकिन मुझें वो मशीन से दूध निकलना रास नहीं आया।

    - मैंने मशीन छोड़कर फिर से हाथ से दूध निकलना शुरू कर दिया। मैं रोज सुबह 5 बजे उठकर पशुओं को चारा देती हूं। उसके बाद दूध निकालने के काम में जुट जाती हूं। डेढ़ से 2 घंटे में मैं दूध निकालने का काम पूरा कर लेती हूं।

  • 5th पास लेडी ने 2 गायों से शुरू किया था डेयरी उद्योग, अब राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
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    भगवान की मूर्तियों के साथ बिटाना देवी

    राष्ट्रपति के हाथों मिला ये अवार्ड


    - 14 फरवरी 2018 को कानपुर के चंद्र शेखर आजाद यूनिवर्सिटी (सीएसएयू) में आयोजित एक प्रोग्राम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुझें उत्कृष्ट कृषक अवार्ड देकर सम्मानित किया था। 2015 में एक्स सीएम अखिलेश यादव ने भी 'कृषक सम्मान' से सम्मानित किया था।
    -2006 से लेकर 2016 तक 10 बार लगातार मुझें प्रदेश सरकार कि तरफ से गोकुल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

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