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BRD ऑक्सीजन कांड:डॉ राजीव और कफील के खिलाफ चार्जशीट, कई और लोगों की भूमिका संदिग्ध

इससे पहले 7 और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 11:13 AM IST
अगस्त महीने में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत हुई थी। अगस्त महीने में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत हुई थी।

लखनऊ. बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ऑक्सीजन कांड में पुलिस ने शुक्रवार को डॉ राजीव मिश्रा और डॉ कफील के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। पुलिस ने डॉ राजीव और डॉ कफील के खिलाफ गबन, हत्या का प्रयास,आपराधिक साजिश और करप्शन फ्री एक्ट धारा के तहत केस दर्ज किया गया है। चार्जशीट में इन दोनों के ऊपर कुछ धाराएं कम की गई है, कुछ बढ़ाई गई है। जांच कर रहे सीओ कैंट ने कोर्ट में सबूत जुटाने के लिए जांच जारी रखने की दलील दी है। सात लोगों के खिलाफ दर्ज होगा केस...

- इसके पहले सात आरोपी पूर्व प्रिसिंपल की पत्नी पूर्णिमा शुक्ला, स्टॉक प्रभारी और एनीस्थिया डिर्पाटमेंट के हेड डॉ सतीश कुमार , पूर्व ऑफिस असिस्टेंट उदय शर्मा, पूर्व क्लर्क संजय त्रिपाठी, पूर्व सहायक लेखाकार सुधीर पांडेय, पूर्व चीफ फर्मासिस्ट गजानन जायसवाल, ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी के खिलाफ अक्टूबर में चार्जशीट दाखिल कर चुके हैं।

जांच के घेरे में भी इनकी भूमिका
- बीआरडी में पूर्व प्रिंसिपल डा. केपी कुशवाहा समेत पांच और स्वास्थ्यकर्मी जांच के घेरे में आ गए हैं। शुक्रवार को कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट में इनवेस्टिगेटिग ऑफिसर ने इन लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई है। ये सभी लोग ऑक्सीजन सप्लाई के लिए निकले टेंडर के वक्त कमेटी के मेंबर रहे हैं। चार्जशीट के अंदर इस कॉन्ट्रैक्ट के लिए पुष्पा सेल्स से अनुबंध में हुई गड़बड़ी जिम्मेदार है।


जांच में ये पाए गए दोषी
-कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में पुलिस का कहना है कि ऑक्सीजन टेंडर प्रक्रिया के लिए टेंडर कमेटी के सदस्य बीआरडी मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल डा. केपी कुशवाहा, सीएमओ डा. एआर सिंह, हेल्थ ऑफिसर डा. एके श्रीवास्तव, मुख्य कोषाधिकारी विनोद और वित्त नियंत्रक नीरज कुमार ने टेंडर प्रक्रिया पूरी की। जांच में पाया गया कि आईनॉक्स कंपनी सीधे तौर पर ऑक्सीजन की सप्लाई करती है। उससे सीधे कॉन्ट्रैक्ट न करके पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड को बिचौलिया बनाकर कॉन्ट्रैक्ट किया गया।


-इस वजह से इनकी भूमिका संदिग्ध है। तत्कालीन एसआईसी डा. एके श्रीवास्तव द्वारा अपने कार्यकाल में ऑक्सीजन का कोई लॉगबुक नहीं बनाया गया। सीओ कैंट अभिषेक सिंह द्वारा कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि जांच जारी रहेगी।

BRD मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल राजीव मिश्रा भी इस मामले में आरोपी है। BRD मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल राजीव मिश्रा भी इस मामले में आरोपी है।
पुलिस ने इस मामले में डॉ कफील को भी आरोपी बनाया है। पुलिस ने इस मामले में डॉ कफील को भी आरोपी बनाया है।