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इस एप पर लोकेशन के साथ कूड़े की फोटो करे अपलोड, 1 घंटे में होगा साफ

स्वच्छता एप को डाउनलोड करने में लखनऊ के लोग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 04:37 PM IST
स्वच्छता एप पर अभी दिलचस्पी नही दिखा रहा नवाबों का शहर। (फाइल) स्वच्छता एप पर अभी दिलचस्पी नही दिखा रहा नवाबों का शहर। (फाइल)

लखनऊ. सीएम की नाराजगी के बाद नगर निगम अब स्वच्छता एप के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियाना चलाएगी। इसके लिए नगर निगम कम्पटीशन भी करा कर और स्कूली बच्चों द्वारा रैलियां निकाल कर लोगों को जागरूक करेगा। बता दें, स्वच्छता एप पर लोकेशन और कूड़े की फोटो अपलोड करने के एक घंटे के अन्दर कूड़ा लोकेशन से हटा लिया जाएगा। यह एप गूगल प्ले स्टोर से फ्री डाउनलोड किया जा सकता है।

स्वच्छता एप पर दिलचस्पी नहीं दिखा रहा नवाबों का शहर

- स्वच्छता एप पर लखनऊ के लोग फिलहाल दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। स्वच्छता ऐप डाउनलोड करने वालों की संख्या राजधानी में बहुत कम है।
- अभी तक तकरीबन 15000 ऐप ही डाउनलोड की जा सकी हैं। स्वच्छ भारत मिशन के मानकों के अनुसार 3000000 की जनसंख्या वाले शहर में ये संख्या लगभग 61000 होनी चाहिए। हांलाकि अब नगर निगम इसे लेकर लगातार प्रयासरत है।
- लखनऊ में अगर डाउनलोड एप की संख्या 61000 या उससे अधिक होने पर स्वछता सर्वेक्षण में शहर को 150 अंक मिलेंगे। जिससे मौजूदा समय में राजधानी को अपनी रैंकिंग सुधारने में काफी मदद मिलेगी।

गाड़ियों पर चिपकाए जाएंगे स्टीकर
- नगर निगम अब अपने सभी अफसरों की गाड़ियों पर स्टीकर लगाकर लोगों को एप के लिए जागरूक करेगा। इसके आलावा शहर में चलने वाले आटो रिक्शा व सिटी बसों में भी ये स्टीकर चिपकाए जाएंगें।
- स्टीकर में क्यूआर स्कैनिग कोड होगा जिसे मोबाइल से स्कैन करने पर एप डाउनलोडिंग का आप्शन खुद ही खुल जाएगा।

स्कूली बच्चों में कम्पटीशन
- अपर आयुक्त पीके श्रीवास्तव ने बताया, "विभिन्न स्कूलों में पेंटिंग व अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित कराकर भी लोगों को स्वच्छता एप डाउनलोड करने के लिए जागरूक किया जाएगा। लोगों को जागरूक करने के लिए बच्चों से रैलियां निकलवाने का भी प्लान बनाया जा रहा है।"

2018 में होगी रैंकिंग सुधारने की चुनौती
- नगर निगम के पास 2018 में स्वच्छता सूची में अपनी रैंकिंग सुधारने की बड़ी चुनौती होगी। साल भर पहले राजधानी स्वच्छता में देश के टॉप 20 शहरों में शामिल था। लेकिन अचानक इसमें गिरावट शुरू हुई और जल्द ही यह रैंकिंग 150 के पार पहुंच गई।
- हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसपर कड़ी नाराजगी जताई थी। जिसके बाद निगम के अफसरों ने स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि अगर एप पर की गई शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा तो इसके लिए नगर निगम को बोनस अंक भी मिल सकते हैं।

क्या कहते हैं अपर नगर आयुक्त
- अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव ने बताया, "नगर निगम तमाम नए-नए तरीके अपना रही है, अब स्वच्छता रैंकिंग में राजधानी को देश के टॉप शहरों में शामिल करना ही लक्ष्य है। स्वच्छता एप लोगों के लिए काफी अच्छा है। इस पर लोग अपनी शिकायतें भी दर्ज करा सकते हैं। एप पर लोकेशन व कूड़े की फोटो डालने पर तुरन्त उसे साफ़ करवाया जाएगा।"

स्वच्छ भारत मिशन के मानकों के अनुसार 3000000 की जनसंख्या वाले शहर में ये संख्या लगभग 61000 होनी चाहिए। स्वच्छ भारत मिशन के मानकों के अनुसार 3000000 की जनसंख्या वाले शहर में ये संख्या लगभग 61000 होनी चाहिए।
- नगर निगम अब अपने सभी अफसरों की गाड़ियों पर स्टीकर लगाकर लोगों को एप के लिए जागरूक करेगा। - नगर निगम अब अपने सभी अफसरों की गाड़ियों पर स्टीकर लगाकर लोगों को एप के लिए जागरूक करेगा।