न्यूज़

--Advertisement--

पानी का छिड़काव भी नहीं आया काम, देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बना लखनऊ

शुक्रवार को 24 घंटे के भीतर लखनऊ का एयर क्वालिटी इंडेक्स(एक्यूआई) 238 से बढकर 352 माइक्रोग्राम पर पहुंच गया।

Danik Bhaskar

Nov 18, 2017, 08:56 AM IST
बीते दिनों पॉल्यूशन के लेवल को कम करने के लिए पानी का छिड़काव किया गया था। बीते दिनों पॉल्यूशन के लेवल को कम करने के लिए पानी का छिड़काव किया गया था।

लखनऊ. राजधानी में पॉल्यूशन की रोकथाम को लेकर की गई सभी जरूरी तैयारियां शुक्रवार को धरी रह गई। शुक्रवार को 24 घंटे के भीतर लखनऊ का एयर क्वालिटी इंडेक्स(एक्यूआई) 238 से बढकर 352 माइक्रोग्राम पर पहुंच गया। कानपुर और गजियाबाद के बाद देश में तीसरा सबसे प्रदूषित शहर लखनऊ रिकॉर्ड किया गया।बता दे कि राजधानी में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए सीएम योगी आदित्य नाथ ने बीते दिनों विभागीय अधिकारियों के साथ हाईलेवल मीटिंग की थी। जिसमें प्रदूषण की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गये थे। पानी के छिड़काव के बाद कम हुआ पॉल्यूशन लेवल...

-लखनऊ में मंगलवार को प्रदूषण का लेवल बढ़कर 424 माइक्रोग्राम तक पहुंच गया था। इसके बाद सीएम योगी ने विभागीय अधिकारियों के साथ हाईलेवल मीटिंग की थी। मीटिंग में सीएम ने कहा था, "आईआईटी कानपुर के एक्सपर्ट के साथ मिलकर इसके कृत्रिम बारिश के लिए प्लानिंग बनाई जाए। इस पर ये भी विचार किया जाए,आर्टिफिशियल बारिश का तरीका कितना बेहतर है। निर्देश के अनुसार , गुरुवार को हजरतगंज, गोमती नगर, महानगर, निरालानगर, आलमबाग़, और चारबाग में पानी से पेड़ों में बौछार कराई गई थी।


पॉल्युशन का लेवल
शहर - AQI (एयर क्वॉलिटी इंडेक्स)
कानपुर – 386 माइक्रोग्राम

गाजियाबाद – 378 माइक्रोग्राम

लखनऊ -352 माइक्रोग्राम

मुरादाबाद -324 माइक्रोग्राम

दिल्ली – 310 माइक्रोग्राम

नोएडा – 286 माइक्रोग्राम


कूड़ा जलाने पर होगी FIR
- बीते दिनों बढ़ते वायु प्रदूषण के इफेक्ट को कम करने के लिए नगर आयुक्त उदय राज सिंह ने निर्देश देते हुए कहा था, ''शहर के किसी भी क्षेत्र, गली और मोहल्ले में कूड़ा न जलाया जाए। अगर आदेश के बाद भी कोई कूड़ा जलाता है, तो पर्यावरण विभाग के नियम के आधार पर उस पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।" वहीं, डीएम कौशलराज शर्मा ने शादी और समारोह में आतिशबाजी पर रोक लगाते हुए ऐसा करने वालों पर धारा 144 में FIR का आदेश दिया है। इस आदेश का प्रभाव 16 नवंबर से 15 जनवरी तक रहेगा। सीएम की सख्ती के बाद प्रदूषण को कंट्रोल करने में सभी विभाग जुटे हैं।


डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक
- बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए निर्माण स्थलों पर डीजल जनरेटरों का प्रयोग न करने के लिए भी कहा गया है। मिट्टी खुदाई के बाद पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं।
- यहीं नहीं, ऐसे स्थानों पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के आदेशों के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सभी ठेकेदारों को इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

क्या कहते हैं मौसम विभाग के अध‍िकारी
-मौसम विभाग के डायरेक्टर जेपी गुप्ता के मुताबिक, राजधानी में स्मॉग अभी अगले कुछ दिनों तक ऐसे ही बना रहेगा। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस की जाएगी। दोपहर में मौसम साफ रहेगा। रेनफॉल होने की अभी कोई संभावना नहीं है।



इसके बावजूद भी लखनऊ में पॉल्यूशन का लेवल बढ़ गया। इसके बावजूद भी लखनऊ में पॉल्यूशन का लेवल बढ़ गया।
Click to listen..