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106 साल बाद मिली ऐसी टैलेंटेड डॉक्टर, 22 की उम्र में जीत लिए 19 मेडल

लखनऊ के केजीएमयू की स्टूडेंट डॉ. अपराजिता चतुर्वेदी को कन्वोकेशन डे पर दिए जाएंगे सभी अवॉर्ड-मेडल।

Danik Bhaskar | Nov 27, 2017, 04:13 PM IST

लखनऊ. 23 दिसंबर को होने जा रहे केजीएमयू दीक्षांत समारोह में लखनऊ की डॉ. अपराजिता चतुर्वेदी को 19 मेडल-अवॉर्ड मिलेंगे। इस मेडिकल यूनिवर्सिटी के 106 साल के इतिहास में पहली बार किसी स्टूडेंट को एक साथ 3 सर्वोच्च मेडल दिए जा रहे हैं। इतिहास रचने वाली बेटी की सक्सेस स्टोरी उनके पिता अजीत चतुर्वेदी ने DainikBhaskar.com के साथ शेयर की। 

 

 

बिना कोचिंग फर्स्ट अटैम्पट में किया था CPMT क्रैक

 

- अपराजिता लखनऊ आकाशवाणी के प्रभारी निदेशक (प्रशिक्षण) अजीत चुतुर्वेदी की बेटी हैं। अजीत बताते हैं, "तीन भाई-बहनों में ये सबसे बड़ी है। ये पढ़ाई में बचपन से ही बहुत तेज थी। 12वीं क्लास उसने 94 परसेंट के साथ क्लीयर की। फिजिक्स, कैमिस्ट्री और मैथ्स, तीनों में उसके फुल मार्क्स आए। वो डॉक्टर बनना चाहती थी। CPMT एंट्रेंस एग्जाम के लिए उसने कोई कोचिंग नहीं की। 2012 में 12वीं के साथ ही उसने यह एग्जाम क्रैक कर लिया था।"
- "अपराजिता की सीपीएमटी में 15वीं रैंक आई थी। वो अपने बैच में सबसे कम उम्र वाली एमबीबीएस स्टूडेंट थी। उसने 17 साल 13 दिन की उम्र में केजीएमयू में एडमिशन लिया था। उसकी इस उपलब्धि को देखकर टीचर भी काफी हैरान थे।"

 

पहली बार किसी स्टूडेंट को मिलेंगे 3 अवॉर्ड

 

- अजीत बताते हैं, "एमबीबीएस में कुल 19 सब्जेक्ट्स थे, जिनमें से 13 में अपराजिता ने टॉप किया है। इस अचीवमेंट के लिए उसे तीन सर्वोच्च मेडल (हिवेट गोल्ड, चांसलर गोल्ड और यूनिवर्सिटी ऑनर गोल्ड मेडल) समेत 19 अवॉर्ड मिले हैं। इस मेडिकल यूनिवर्सिटी के 106 साल के इतिहास में पहली बार किसी स्टूडेंट को यह तीनों अवॉर्ड एकसाथ दिए जा रहे हैं।"
- "अपराजिता एमबीबीएस के बाद न्यूरो साइंस के फील्ड में स्पेशलाइजेशन करना चाहती है। इनकी छोटी बहन अनुकृति ग्रैजुएशन के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही है। वहीं भाई आदित्य ग्रैजुएशन कर रहा है। उसका लक्ष्य भी सिविल सर्विसेज में जाना है।"