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क्वीन मेरी हॉस्पिटल में जच्चा-बच्चा की मौत मामले में जांच कमेटी गठित, 3 दिन में सौंपनी होगी रिपोर्ट

लखनऊ: चंदननगर स्थित सीएचसी के डॉक्टरों की लापरवाही से सोमवार को क्वीन मेरी हॉस्पिटल में जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी।

Danik Bhaskar

Nov 24, 2017, 03:08 PM IST
बीते सोमवार को क्वीन मेरी हॉस्प‍िटल में जच्चा-बच्च की हुई थी मौत। फाइल। बीते सोमवार को क्वीन मेरी हॉस्प‍िटल में जच्चा-बच्च की हुई थी मौत। फाइल।

लखनऊ. चंदननगर स्थित नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) के डॉक्टरों की लापरवाही से सोमवार को क्वीन मेरी हॉस्पिटल में जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। यूपी की परिवार कल्याण मंत्री प्रो. रीता बहुगुणा जोशी ने शुक्रवार को इस मामले में जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। अधिकारियों को तीन दिन के भीतर मामले की जांच करके शासन को रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

ये है पूरा मामला

- सोमवार 13 नवंबर को आलमबाग निवासी अमित पांडेय अपनी वाइफ रंजना पांडेय (मृतका) को लेकर चंदन नगर सीएचसी में डिलीवरी कराने के लिए पहुंचे थे। डॉ. सान्याल ने रंजना का चेकअप करने के बाद उसे डफरिन हॉस्पिटल रेफर कर दिया।
- मृतका रजंना को सीएचसी की तरफ से एम्बुलेंस भी नहीं प्रोवाइड कराया गया था। रंजना के हसबैंड अमित पांडेय ने एम्बुलेंस के लिए 102 नम्बर पर फोन किया, लेकिन एम्बुलेंस नहीं पहुंची।
- मरीज के पर‍िजनों ने उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे प्राइवेट गाड़ी से डफरिन हॉस्पिटल ले गए। वहां के डॉक्टरों ने चेकअप करने के बाद क्वीन मेरी हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया।
- पर‍िजन उसे लेकर क्वीन मेरी हॉस्पिटल पहुंचे। डॉक्टरों ने इमरजेंसी के अंदर मरीज के पहुंचने पर जच्चा और बच्चा को डेड घोषित कर दिया। क्वीन मेरी के डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा की की की वजह समय से इलाज न मिलने को बताया था।

डॉ. सान्याल से पूछे गए थे ये सवाल
- घटना का संज्ञान लेते हुए परिवार कल्याण मंत्री प्रो. रीता बहुगुणा जोशी गुरुवार को चंदन नगर सीएचसी इंस्पेक्शन करने पहुंची थी। उनके साथ डायरेक्टर फैमिली वेलफेयर डॉ. नीना गुप्ता और सीएमओ डॉ. जीएस वाजपेयी भी थे।
- रीता बहुगुणा जोशी ने चंदन नगर की सीनियर डॉक्टर रेनू सान्याल से पूछा, जब रंजना पांडेय पिछले एक हफ्ते से लगातार आपके संपर्क में थी और यह जानते हुए भी कि प्रसव की सम्भावित डेट निकल चुकी है। तब ऑपरेशन और सभी तरह की मेडिकल फैसिलिटीज से सम्पन्न इस सीएचसी पर ही मृतका को समय से डिलीवरी क्यों नहीं कराई गई?
- मृतका की सभी स्थितियां जब नॉर्मल थी तब उन्होंने स्वयं सेवाएं न देकर उसे 'हायर सेन्टर' पर क्यों रेफर किया और रेफर करने पर ‘102 एम्बुलेंस सेवा’ क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई। डॉ. सान्याल परिवार कल्याण मंत्री के पूछे गए सवालों के जवाब नहीं दे पाई।
- इसके बाद परिवार कल्याण मंत्री ने डफरिन हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉ. सविता भट्ट और क्वीन मेरी हॉस्पिटल की सीएमएस डॉ. एसपी जैसवार से मृतक के संदर्भ में पूरी जानकारी ली और मृतका की पूरी फाइल सीलबन्द कर डीजी कार्यालय प्रेषित करने का निर्देश दिया।
- उन्होंने बिना किसी कारण के 102 एम्बुलेंस सेवा में हो रही देरी पर भी नाराजगी जाहिर की थी।

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