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सख्त हुआ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, 22 सरकारी और निजी डिवेलपरों को नोटिस

प्रदूषण को देखते हुए छावनी से दूर बनेंगे स्लटर हाउस।

Dainik Bhaskar

Nov 15, 2017, 09:39 AM IST
फाइल । फाइल ।
लखनऊ. राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त हो गया है। निर्माण के दौरान मानक पूरे ना करने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 22 सरकारी और निजी डिवेलपरों को नोटिस जारी गया है। उनमें लोहिया इंस्टिट्यूट, पार्थ के क्रिकेट स्टेडियम और आवास विकास विभाग की एलआईजी इमारतों के भी नाम हैं। राजधानी में अस्पताल से लेकर अपार्टमेंट और क्रिकेट स्टेडियम तक के निर्माण में प्रदूषण से जुड़े मानकों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
-क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन ने बताया- "दिसंबर से जनवरी के बीच लखनऊ में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका है। ऐसे में निर्माण स्थल के करीब सड़कों पर पानी का छिड़काव और निर्माण सामग्रियों को कवर करने के निर्देश जारी हुए थे।"
-इसके बाद भी कई बिल्डर इसका पालन नहीं कर रहे थे। यही वजह है कि एक सर्वे के बाद लापरवाह एजेंसियों की सूची बनी और उसके बाद नोटिस जारी किया गया है।

प्रदूषण से बढ़ रहे हैं मरीज
-लगातार खांसी आने या सांस फूलने की समस्या को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ये लक्षण क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के हो सकते हैं। फेफड़ों से जुड़ी यह बीमारी वर्तमान में दुनिया की चौथी सबसे घातक और आने वाले समय में और भी खतरनाक हो सकती है।
-धूम्रपान और प्रदूषण के कारण होने वाली बीमारी की चपेट में देश के करीब एक करोड़ पचास लाख लोग हैं। इतना ही नहीं पचास वर्ष से अधिक आयु में होने वाली मौतों का दूसरा कारण भी यही बीमारी है। सबसे खास बात यह कि लोगों को पता ही नहीं होता कि बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।
-केजीएमयू की ओपीडी में रोज आने वाले मरीजों में 30 से 50 सीओपीडी के होते हैं। रेस्पिरेटरी क्रिटिकल केयर यूनिट के असोसिएट प्रफेसर अजय वर्मा के अनुसार सावधानी और समय से इलाज बेहद जरूरी है।
छावनी से दूर बनेंगे स्लटर हाउस
-छावनी में एक साल से बंद पड़े स्लॉटर हाउस को आबादी से दूर बनाने का प्रस्ताव मंगलवार को छावनी परिषद की बोर्ड मीटिंग में पास हो गया है। इस प्रस्ताव के पास होने से स्लॉटर हाउस से जुड़े सैंकड़ों लोगों को काफी राहत मिली है।
-अब परिषद यह प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय के पास भेजेगा। वहां से मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू होगा। उधर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के दूसरे अहम प्रस्ताव भी बोर्ड में पास हो गए।
-वहीं, पानी की समस्या दूर करने के लिए छावनी परिषद जल्द ही 4 नए वॉटर टैंक का निर्माण करवाएगा। सीईओ का कहना है कि जल्द ही इसके लिए टेंडर निकाला जाएगा। टेंडर पास होते ही 6 महीने में इस पर काम शुरू करवा दिया जाएगा।
फाइल । फाइल ।
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