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फर्स्ट सैलरी के मिलने थे 3300 रुपए-मिले 1100, ऐसी है इस एक्टर की कहानी

राजपाल यादव की बेटी ज्योति का विवाह उनके पैतृक गांव कुंडरा (उप्र) में हुआ। ज्योति उनकी पहली पत्नी करुणा की बेटी हैं।

Danik Bhaskar | Nov 21, 2017, 02:07 PM IST
सेकेंड वाइफ राधा यादव के साथ राजपाल यादव। ये कनाडा की रहने वाली हैं। सेकेंड वाइफ राधा यादव के साथ राजपाल यादव। ये कनाडा की रहने वाली हैं।

शाहजहांपुर. बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव की बेटी ज्योति की शादी 19 नवंबर को उनके पैतृक गांव कुंडरा में हुई। कॉमिक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले राजपाल ने फिल्मी करियर की शुरुआत 1999 में 'दिल क्या करे' से की थी। फिल्मों में उन्होंने छोटे-छोटे रोल से बॉलीवुड में मुकाम हासिल कर लिया। 175 से ज्यादा फिल्मों में काम कर लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले राजपाल की लाइफ के काफी इंटरेस्टिंग किस्‍से हैं।

2 बेटियों के पिता हैं राजपाल
- यूपी के शाहजहांपुर के रहने वाले राजपाल और पत्नी राधा 2 बेटियों के पेरेंट्स हैं। उनकी बड़ी बेटी ज्योति जि‍सकी 19 नवंबर को हुई। छोटी बेटी हनी अभी 5 साल की है।
- ज्योति उनकी पहली पत्नी करुणा की बेटी हैं। ज्योति के जन्म के समय ही करुणा की मौत हो गई थी।
- राजपाल 'हीरो' फिल्म की शूटिंग के लिए कनाडा गए थे, जहां कॉमन फ्रेंड प्रवीण डबास के जरिए उनकी राधा से मुलाकात हुई थी। राजपाल ने 10 जून 2003 को राधा से शादी कर ली थी। दोनों की हनी(5) नाम की बेटी भी है।

फर्स्ट सैलरी में मिलने थे 3300 रुपए, लेकिन मिले थे 1100
- रापाल ने बताया था- ''इंटर पास करने के बाद मैंने 1989 से 1991 तक आर्डनेंस क्‍लॉथ फैक्ट्री में टेलरिंग से अपरेंटिस किया। मेरे बैच में करीब 20 बच्चे थे। वो सब आज भी उसी फैक्ट्री में जॉब कर रहे हैं। लेकिन मुझे एक्टिंग का शौक था, इसलिए मैंने वो नौकरी छोड़ दी।''
- ''1994 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली के एनएसडी में एडमिशन लिया। मैंने किसी IPS या IAS से कम पढ़ाई नहीं की। एनएसडी में सिर्फ 10 से 12 सीटें होती हैं और एग्‍जाम में लाखों लोग बैठते हैं। उन लाखों में सिलेक्‍ट हुआ था।''
- ''राष्ट्रीय नाट्य स्‍कूल की तरफ से मुझे एक नाटक में काम करने का मौका मिला। उस नाटक से पहली मेहनत की कमाई 3300 रुपए मिली लेकिन सीनियर ने 2200 रुपए खुद रख लिए और 1100 रुपए मुझे मिले।''

छोटी बेटी हनी के साथ राजपाल यादव। छोटी बेटी हनी के साथ राजपाल यादव।

ठुकरा दिया था 20 हजार रुपए सैलरी का ऑफर
- राजपाल कहते हैं- पढ़ाई के बाद मुझे राष्ट्रीय नाट्य स्‍कूल में ही 20 हजार रुपए सैलरी पर नौकरी का ऑफर मिला। लेकिन मैंने बॉलीवुड का सपना देखा था, इसलिए नौकरी नहीं की।
- उस समय मैंने चेतक स्कूटर खरीदा था। वो आज भी मेरे घर पर खड़ा है। दिल्‍ली के बाद मैं मुंबई चला गया। काफी ठोकरें खाने के बाद एक सीरियल के 5 एपिसोड में काम करने का मौका मिला।
- 1 एपिसोड के लिए एक हजार रुपए मिलने शुरू हुए। मैं हमेशा यही सोचता था कि कुछ पैसे बचाकर घर भेज दूं, जिससे पिता को आराम मिल जाए।
- साल 2000 में जंगल फिल्म रिलीज होने के बाद मैंने एक्‍सेंट कार खरीदी। वो कार आज भी मेरे पास है, जो मुझे जान से प्‍यारी है।

राजपाल यादव यूपी के शाहजहांपुर के कुंडरा गांव के रहने वाले रहने वाले हैं। राजपाल यादव यूपी के शाहजहांपुर के कुंडरा गांव के रहने वाले रहने वाले हैं।

आज भी 100-100 रुपए इकट्ठा करके देते हैं घरवाले
- वो बताते हैं- भले ही मैं एक्‍टर बन गया हूं। पैसे हो गए हैं। लेकिन मेरे परिवार वाले आज भी मुझे वही छोटा बच्‍चा समझते हैं। गांव आने के बाद जब मुंबई के लिए वापस लौटता हूं, तो घरवाले 100-100 रुपए इकट्ठा करके मुझे किराए के लिए देते हैं।
- उस समय मुझे एहसास होता है कि जैसे मैं स्‍कूल पढ़ने जा रहा हूं।
- बता दें, राजपाल की पहली शादी लखीमपुर की रहने वाली करुणा यादव से हुई थी। बीमारी के चलते उनकी मौत हो गई। उन्होंने दूसरी शादी कनाडा की रहने वाली राधा यादव से की है।

पिता नौरंग यादव खेती करते हैं। राजपाल 6 भाई हैं। पिता नौरंग यादव खेती करते हैं। राजपाल 6 भाई हैं।

जब पिता ने कहा था- मजदूरी के पैसे फालतू खर्च नहीं कर सकते
- राजपाल यादव यूपी के शाहजहांपुर के बड़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले रहने वाले हैं। पिता नौरंग यादव खेती करते हैं। राजपाल 6 भाई हैं।
- अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए वो कहते हैं- ''उस समय गांव में एक भी पक्‍का घर नहीं था, मैं दोस्‍तों के साथ गड्ढ़ों में भरे गंदे पानी में खेलता था।''
- ''एक बार मैं स्‍कूल का होमवर्क करके नहीं गया, इसके लिए मास्‍टर जगदीश श्रीवास्‍तव ने एक पतली लकड़ी से मेरी पिटाई की थी।''
- ''कुछ दिन बाद पिता स्‍कूल पहुंचे और प्रिंसिपल से कहा- अगर राजपाल अपनी मेहनत से एग्‍जाम में पास होता है तो ठीक, नहीं तो इसे पास न करना। हम मजदूरी करके फालतू पैसे खर्च नहीं कर सकते।''
- हालांकि, इसके बाद पिता ने मेरा गांव से दूर शहर के सरदार पटेल स्‍कूल में एडमिशन करवा दिया। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद वो मुझे पढ़ा-लिखाकर बड़ा इंसान बनाना चाहते थे।

फिल्म के एक सीन में एक्टर राजपाल यादव। फिल्म के एक सीन में एक्टर राजपाल यादव।

5 रुपए जेब में आने के बाद खुद को समझ रहा था राजा
- राजपाल कहते हैं- स्‍कूल जाने के लिए मेरी सवारी ट्रक होती थी। एक बार शहर से घर लौट रहा था, साथ में बड़े भाई श्रीपाल भी थे। देर हो जाने पर कोई सवारी नहीं मिल रही थी।
- उस समय मैं 65 किमी साइकिल चलाकर घर पहुंचा था। वो दिन आज भी मुझे याद है।
- एक समय मेरे पास बिल्‍कुल पैसे नहीं थे, जेब खाली थी। बड़े भाई के पास एक रुपया था। हम स्‍टेशन के पास से गुजर रहे थे, वहां मेरी नजर बिक रही लॉटरी पर पड़ी।
- मैंने भइया से एक रुपए लिए और उससे लॉटरी खरीद ली। इसपर भाई ने मुझे काफी डांटा। दूसरे दिन जब मैं स्कूल के लिए शहर आया, तो लॉटरी वाले के पास गया। मेरा 65 रुपए का इनाम निकला था।
- इसके बाद मैंने 65 में से 10 रुपए के टिकट और लिए। 5 रुपए अपने पास रखकर 50 रुपए भइया को दे दिए। 5 रुपए जेब में आने के बाद मैं खुद को राजा समझ रहा था। लेकिन भाई ने कहा, आज के बाद लॉटरी नहीं खरीदना।