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कामसूत्र जैसी फिल्म करने में नहीं कोई प्रॉब्लम...जब एक्ट्रेस ने दिए ऐसे जवाब

यूपी के इटावा जिले की रहने वाली एक्ट्रेस पिया वाजपेयी का 4 जनवरी को बर्थडे है।

Danik Bhaskar | Jan 03, 2018, 10:00 PM IST

वाराणसी. यूपी के इटावा जिले की रहने वाली एक्ट्रेस पिया वाजपेयी की फरवरी में फिल्म आ रही है, जिसका नाम अभ‍ियुम। DainikBhaskar.com से बातचीत में उन्होंने अपने स्ट्रगल और लाइफ से जुड़े कई इंटरेस्ट‍िंग क‍िस्से शेयर किए। बता दें, 7 अप्रैल 2017 को इनकी फिल्म 'म‍िर्जा जूल‍ियट' र‍िलीज हुई थी। उन्होंने बताया क‍ि उन्हें कामसूत्र जैसी फिल्मे करने से कोई परहेज नहीं है।

फैमिली थी बॉलीवुड या मॉडलिंग के ख‍िलाफ, फिर भी...

- इटावा जिले की रहने वालीं पिया वाजपेई कहती हैं, समाज में लोग क्या कहेंगे, क्या नहीं? इस वजह से हमेशा से मेरे परिवार में लोग बॉलीवुड या माॅडलिंग के खिलाफ थे।

- घर में पढ़ाई फिर शादी करके सेटल होने का माहौल था। क्योंकि हमेशा से लड़कियों के लिए बेस्ट करियर यही माना जाता है। लेकिन मुझे इस परम्परा को तोड़ना था, क्योंकि मेरा मानना है जिस काम के लिए आप बेस्ट हो वो करो।
- मैंने अपने करियर की शुरूआत 2006 में घर पर डांस प्रैक्टिस से की। फिर दिल्ली में एक छोटा सा थिएटर ग्रुप ज्वाइन किया। उस वक्त मेरे पास पैसों की भी दिक्कत थी, करियर के आप्शन भी कम लग रहे थे।

- एडवांस तैयारी करने के मैंने डिप्लोमा इन कम्प्यूटर साइंस कोर्स में एडमिशन ले लिया।
- पैसों के लिए एक ट्यूटोरियल क्लासेज में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर जाॅब शुरू की। वहां मुझे 15 हजार रुपए महीने सैलिरी मिलती थी। एक साल काम करने के बाद मुझे लगा वो जगह मेरे लिए सही नहीं। फिर जॉब छोड़ मैं मुम्बई आ गई।

- यहां एक एडवरट‍िजमेंट कम्पनी में एड का काम मिला। इसके साथ कई टीवी सीरियल में आर्टिस्टों के लिए डबिंग का काम भी करने लगी।
- उस बीच मुझे कैडबरी चाॅकलेट का एड करने का मौका मिला, जिसमें अमिताब बच्चन भी थे। उसके तुरंत बाद मैंने धोनी के साथ सोनाटा कंपनी का एड भी किया।
- 2008 में मुझे फिल्म 'खोसला का घोसला' के रिमेक में रोल मिला, जोकि तमिल में थी। इसके बाद पो सोल्ला पोरम, एगन, निन्नू खलिसा, गोआ, मास्टर्स, सतरम इररू जैसी तमिल फिल्में भी मिलीं।
- साल 2016 में बॉलीवुड में एंट्री ली और पहली फिल्म लाल रंग, फिर मिर्जा जूलिएट की।

पिया की फेवरिट्स...

फेवरेट एक्ट्रेस: हर कैरेक्टर में कोई न कोई अच्छा है। कोई एक्ट्रेस फिक्स नहीं।
फेवरेट एक्टर: कुछ कह नहीं सकते। जो बेहतर परफॉर्म करे।
फेवरेट स्पोर्ट्सपर्सन: जो जीता वही सही। फिलहाल गेम से दूर हूं।
फेवरेट मूवी: रोमांटिक, काॅमेडी और फेमिली ड्रामा।
फेवरेट सिटी: न्यूयॉर्क। इंडिया में सिर्फ मेरा घर।
फेवरेट सिंगर: अरिजीत सिंह, और श्रेया घोशाल।
फेवरेट डिश: मौसम और मूड पर डिपेंड।
फेवरेट कलर: हर मौसम में अलग।
फेवरेट आॅथर: अभी तक किसी ने ऐसी किताब लिखी ही नहीं।
फेवरेट कैरेक्टर: रोबोट। क्योंकि वो सिर्फ सुनता है।
फेवरेट कार्टून: मोगली और उसके सारे दोस्त।
फेवरेट मोबाइल: जिसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सके। वैसे अभी आईफोन।
फेवरेट पाॅलिटीशियन: सब कन्फ्यूज करते हैं। हर कोई चिल्लाता है, काम किसी के पास नहीं।