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अमेरिका में जॉब करता था शख्स, यहां इस वजह से कर रहा योग साधना

वाराणसी (यूपी). यहां घाटों पर एक विदेशी बाबा की योग साधना देखकर लोग दंग रह जा रहे हैं।

Danik Bhaskar | Jan 19, 2018, 02:47 PM IST
2006 में काशी आए और यहां एक महात्मा से दीक्षा लेकर ऋषि भारती बन गया शख्स। 2006 में काशी आए और यहां एक महात्मा से दीक्षा लेकर ऋषि भारती बन गया शख्स।

वाराणसी (यूपी). यहां घाटों पर एक विदेशी बाबा की योग साधना देखकर लोग दंग रह जा रहे हैं। DainikBhaskar.com ने जब बाबा से बात की तो पता चला कि वह अमेरिका की एक मल्टीनेशनल कंपनी में कम्प्यूटर प्रोग्रामर थे। बाबा ने बताया कि वह अब साधू ऋषि भारती बन गया है।

बनारस के घाटों पर महसूस हुई स्प्रीचुअल एनर्जी...

- ऋषि भारती ने बताया, ''2001 में इंडि‍या घूमने आया था। पेशे से कम्प्यूटर प्रोग्रामर था, इसलिए मॉर्डन टेक्नॉलजी के काफी करीब था। लाइफ बहुत ही फास्ट थी।''

- ''बनारस आया तो घाटों पर स्प्रीचुअल एनर्जी महसूस हुई। भीषण ठंड में साधू, बाबा तरीके से बिना किसी साधन के एन्ज्वॉयमेंट लाइफ जीते दिखे।''

- ''किसी का कोई मोह नहीं, जो मिला खा लिया, कहीं भी सो गया।''

- ''2001 में वापस अमेरिका जाकर बालों को बढ़ाना शुरू कर दिया। अपने देश तो वापस गया, लेकिन इंडि‍या खासकर काशी का मोह छूट नहीं पाया।''

- ''फिर वह 2006 में अपने बढ़े हुए जटाधारी बालों के साथ काशी आया और यहां एक महात्मा से दीक्षा लेकर ऋषि भारती बन गया। इस दौरान गुरु ने मेरी परीक्षा भी ली कि कहीं सन्यास छोड़कर वापस गृहस्थ न हो जाऊ। आह्वान अखाड़ा से जुड़ने के बाद योग की कई विधाओं को सीखा।''

- ''अपनी पूरी जिंदगी साधुओं के बीच भोलेनाथ की भक्ति में बिताने लगा। अपने शरीर को कंट्रोल में करने के लिए योग सिद्धि लिया और इसमें वह 10 सालों में पारंगत हो गया।''

- बता दें, 16 साल में भारती ने अपने बालों को जटा के रूप में बढ़ाना शुरू किया, जो आज करीब साढ़े 5 फीट से ज्यादा लंबी हो गई हैं।

अमेरिका की मल्टीनेशनल कंपनी में कम्प्यूटर प्रोग्रामर था शख्स। अमेरिका की मल्टीनेशनल कंपनी में कम्प्यूटर प्रोग्रामर था शख्स।
बाबा ने बताया कि वह अब साधू ऋषि भारती बन गया है। बाबा ने बताया कि वह अब साधू ऋषि भारती बन गया है।
अपने शरीर को कंट्रोल में करने के लिए योग सिद्धि लिया अपने शरीर को कंट्रोल में करने के लिए योग सिद्धि लिया
अपनी पूरी जिंदगी साधुओं के बीच भोलेनाथ की भक्ति में बिताने लगा। अपनी पूरी जिंदगी साधुओं के बीच भोलेनाथ की भक्ति में बिताने लगा।